May 25, 2017

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सात फेरों में आड़े आया सरहद का तनाव, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया मदद का वादा

दुल्हे के पिता कन्हैया लाल ने कहा कि उन्होंने 2001 में पाकिस्तान की यात्रा की थी तब से उनकी तमन्ना थी उनके बेटे की दुलहन पाकिस्तानी हो।

Author जोधपुर | October 8, 2016 03:28 am
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज। (फाइल फोटो)

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सीमा पार से होने वाली अपनी शादी को फंसते देख एक युवक ने विदेश मंत्री से संपर्क किया था जिन्होंने शुक्रवार को उसे मदद का आश्वासन दिया। जोधपुर निवासी नरेश तेवाणी और कराची की प्रिया बच्चाणी अब से ठीक एक महीने बाद शादी के बंधन में बंधने की योजना बना रहे हैं। उन्हें चिंता सता रही थी कि उनकी शादी हो पाएगी या नहीं, क्योंकि पाकिस्तान में भारतीय दूतावास ने दुलहन के परिवार और रिश्तेदारों को वीजा जारी नहीं किया था। तेवाणी ने कहा कि दुलहन के परिवार ने वीजा के लिए आवेदन करीब तीन महीने पहले किया था। हम मान रहे थे कि दस्तावेज वक्त पर जारी कर दिए जाएंगे। लेकिन वीजा जारी नहीं किए जाने के कारण शादी की तैयारियां रोक दी गई थीं। तेवाणी ने कहा, ‘मंत्री परेशानी में फंसे लोगों के ट्वीट पर काफी प्रतिक्रिया देती हैं और उन्हें उनसे सहायता मिली है। परेशान लोगों की समस्या हल करने की इच्छा को देखते हुए हमने उनसे ट्विटर पर गुहार लगाई थी।’ सुषमा ने उसकी गुहार पर शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर पर कहा, ‘कृपया चिंता नहीं करें। हम वीजा जारी करेंगे।’

दुल्हे के पिता कन्हैया लाल ने कहा कि उन्होंने 2001 में पाकिस्तान की यात्रा की थी तब से उनकी तमन्ना थी उनके बेटे की दुलहन पाकिस्तानी हो। इसकी वजह दोनों देशों की संस्कृति और परंपरा का समान होना है। लेकिन इन परिस्थितियों में उन्हें डर था कि इस ख्वाब को साकार होने में लंबा वक्त लग सकता है। लेकिन सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप की बदौलत सात फेरों के बीच आड़े आया तनाव खत्म होता नजर आ रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच बीते कुछ हफ्तों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान भारत में आतंकवादियों को लंबे समय से खुले आम शह दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों के अनुसार पाकिस्तान ने 1971 की हार के बाद भारत के खिलाफ आतंकवाद के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। पाकिस्तान आतंकवादियों को अपनी सरजमीं पर प्रशिक्षित करता रहा है और फिर  उन्हें भारत की सीमा में प्रवेश करा देता है।

फिर उनके पकड़े जाने या मारे जाने पर अलग-अलग तरह के तर्क देता है। पाकिस्तान की इस बेहूदा हरकत से त्रस्त होकर भारतीय सेना ने पाकिस्तान के क्षेत्र में घुसकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ (लक्षित हमले) किए। पहले तो पाकिस्तान ने इसे मानने से ही इनकार कर दिया था क्योंकि लक्षित हमले स्वीकार करने से पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक देश होने की पोल खुलती। इसके बाद पाकिस्तान के शासकों ने दबी जुबान सर्जिकल स्ट्राइक को स्वीकार भी कर लिया। लेकिन इस पूरी कवायद में भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच परस्पर संवाद पर कुछ असर पड़ना शुरू हो गया था लेकिन ट्विटर पर मिली फरियाद पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि भारत की लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है। उसकी आवाम के खिलाफ नहीं है। वैसे भी सुषमा स्वराज विदेशों में फंसे कई भारतीयों को एक ट्विटर से मिली फरियाद पर मदद दे चुकी हैं। भारत के विदेश मंत्रालय अपने नागरिकों व उनके हितों की रक्षा के लिए नई कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

 

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First Published on October 8, 2016 3:28 am

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