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सूरत में मॉक ड्रिल में ‘आतंकियों’ को मुस्लिम टोपी पहनाने से छिड़ा विवाद

गुजरात के सूरत जिले की पुलिस ने उस वक्त विवाद को जन्म दे दिया जब आतंकवाद विरोधी एक मॉक ड्रिल के दौरान नकली आतंकवादी बनाए गए लोगों के सिर पर उसने एक धर्म विशेष के लोगों की टोपी पहना दी। सूरत पुलिस के इस कदम की कड़ी आलोचना हुई है। कांग्रेस ने गुजरात सरकार पर […]
Author January 1, 2015 11:38 am

गुजरात के सूरत जिले की पुलिस ने उस वक्त विवाद को जन्म दे दिया जब आतंकवाद विरोधी एक मॉक ड्रिल के दौरान नकली आतंकवादी बनाए गए लोगों के सिर पर उसने एक धर्म विशेष के लोगों की टोपी पहना दी। सूरत पुलिस के इस कदम की कड़ी आलोचना हुई है। कांग्रेस ने गुजरात सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह एक ‘प्रशासनिक नाकामी’ है, जबकि प्रदेश भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के एक नेता ने कहा-‘आतंकवाद को कभी भी धर्म विशेष से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’

सूरत के ओलपैड कस्बे में डोबारी तटीय क्षेत्र में इस ड्रिल को अंजाम दिया गया। किसी आतंकवादी हमले की स्थिति में पुलिस की तैयारियां परखने के मकसद से इस ड्रिल का आयोजन किया गया था। ड्रिल के एक वीडियो में दिखाया गया है कि पांच पुलिसकर्मी धर्म विशेष की टोपी पहने तीन नकली आतंकवादियों को पकड़े हैं। तीनों लोगों को नीचे लेटे भी दिखाया गया और पुलिसकर्मी उन पर नजर रख रहे थे। वीडियो के अंत में दिखाया गया कि ‘आतंकवादी’ बने लोगों को पुलिस जीप में रखा गया है क्योंकि उन्हें जिंदा पकड़ा गया।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पर कहा-‘दुर्भाग्यवश इस सरकार की पहचान तेजी से ऐसी बनती जा रही है जो विभाजन पैदा करने के लिए सांकेतिक हाव-भाव, टिप्पणियों, छवियों का इस्तेमाल करती है। इसमें असहिष्णुता भी है जो इसकी नाकामी का एक और कारण है। यह एक नाकाम प्रशासन है।’

भाजपा नेता और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए कहा-‘हमारे को आए हुए छह महीने हुए हैं। उससे पहले कांग्रेस 10 साल तक सरकार में थी। यह पूछे जाने की जरूरत है कि किसने हर मुसलमान को अलकायदा की पहचान दी। सिखों का संहार करने वाली कांग्रेस अपने राजनीतिक फायदे के लिए मुसलमानों के साथ भी वही कर रही है। हम इस बहस में नहीं पड़ना चाहते।’

गुजरात भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महबूब अली सूफी बाबा ने इस तरीके से ‘आंतकवादियों’ को पेश किए जाने पर एतराज जताया। संपर्क किए जाने पर सूरत के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रदीप सेजल ने कहा कि इसे ‘बहुत सामान्य चीज’ के तौर पर लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह घटना पिछले पांच दिन से चल रही मॉक ड्रिल के दौरान हुई। हम अपनी मॉक-ड्रिलों में परिधान बदलते रहते हैं। वे हमारे लोग थे जिन्हें टोपी पहने दिखाया गया। कभी वे जींस पहनते हैं तो कभी टी-शर्ट पहनते हैं और कभी ऐेसे कपड़े भी पहनते हैं।

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  1. A
    ajay
    Jan 1, 2015 at 3:16 pm
    हर बात का राजनीतिकरण बहुत ही शर्मनाक है . मोक ड्रिल का विरोध करने वाले उन नेताओ का विरोध क्यों नहीं करते जो आतंकवादी हाफिज साइड को हाफिज साहब कहते है ? आमिर खान का विरोध क्यों नहीं करते जो हिन्दू देवी देवताओ का अपमान करते है ?
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    Reply
    1. I
      india
      Jan 2, 2015 at 8:21 am
      अजय आप भी फिकिम देखो फिर बोलो कब तक मुस्लिम पे इल्जाम लगो गए क्या आरएसएस अन्तवादी नहीं है बूत आप खोमोश हो कोई की ओ हिंदी है यार अगर पक में अमीर खान के जगह कोई हिंदी एक्टर होता तो इतना विरोध होता kaya
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      Reply
      सबरंग