June 28, 2017

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SC ने माल्या समेत 100 से ज्यादा भगोड़ों पर केंद्र सरकार पर कसा तंज- आजकल कोई भी भारत से भाग जाता है

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के उन 100 से ज्यादा लोगों पर निशाना साधा जिन्हें सरकार द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

शराब कारोबारी विजय माल्या। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के उन 100 से ज्यादा लोगों पर निशाना साधा जिन्हें सरकार द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। शुक्रवार (25 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि ऐसे लोगों को कार्यवाही के लिए विदेश से जल्द भारत लाया जाना चाहिए। जस्टिस जी एस केहर और जस्टिस अरुण मिश्रा ने इस बात को लेकर चिंता व्यक्त की कि लोग आसानी से देश छोड़कर भाग जाते हैं। दोनों ने कहा कि केंद्र को न्याय के लिए उन लोगों को वापस लाना चाहिए। कई बैंकों का कर्ज लेकर फरार हुए विजय माल्या का नाम लिए बिना सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि सभी लोग कार्यवाही से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।’ कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों को पकड़ना जरूरी है ताकि लोगों को दिखाया जा सके कि कानून चाहे तो किसी को भी कहीं से भी पकड़ सकता है। कोर्ट ने कहा, ‘हमें मिसाल पैदा करनी चाहिए।’

कोर्ट ने यह बातें बिजनेसमैन रितिका अवस्थी को लेकर हो रही सुनवाई के वक्त कहीं। कोर्ट ने केंद्र को आदेश दिया कि उन्हें लंदन वाले उनके घर से जल्द से जल्द भारत लाया जाए। रितिका अवस्थी को कोर्ट ने उनके पति से मिलने के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी। लेकिन रितिका ने कोर्ट का भरोसा तोड़ा और वह वापस ही नहीं आईं। अब उन्होंने उनके खिलाफ चल रहे क्रिमिनल केस की कार्यवाही में भाग लेने से भी मना कर दिया है। केंद्र सरकार ने उनका पासपोर्ट रद्द करने की मांग की है। इसके अलावा भारतीय हाई कमीशन से भी उनको भारत वापस लाने के लिए मदद मांगी गई है।

वहीं केंद्र सरकार की मजबूरी बताते हुए प्रधान पब्लिक प्रोसेक्यूटर रंजीत कुमार ने कहा कि उनके पास रितिका के पासपोर्ट की डिटेल नहीं है। इसपर कोर्ट ने कहा, ‘यह आपका काम है कि उनको वापस लाया जाए। आप हमें बताइए कि उन्हें कैसे वापस लाएंगे। पासपोर्ट और इमिग्रेशन विभाग भी आपके अंतर्गत आते हैं। हमें ऐसा लगता है कि आप उन्हें वापस लाना ही नहीं चाहते।’ रंजीत कुमार ने सरकार की सफाई में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही रितिका का पासपोर्ट यूपी पुलिस को सौंप दिया गया था। हालांकि, रंजीत कुमार ने कहा कि सरकार जल्द ही उसपर कुछ करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 15 दिसंबर तक का वक्त दिया है।

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First Published on November 26, 2016 10:53 am

  1. J
    jkk
    Nov 26, 2016 at 9:30 am
    सुप्रीम कोर्ट ने क्यों जाने की इज़ाज़त दी ? आजकल सरकार पर तंज कसने का दौर चल रहा है . पहले खुद जाने की परमिशन देते है फिर सरकार को कोसते है.
    Reply
    1. M
      manoj
      Nov 26, 2016 at 7:43 am
      जिस न्याय व्यस्था में एक दशक के बाद भी पता नहीं चलता है के सलमान खान की कार कौन चला रहा था ? जिस न्याय व्यस्था में भोपाल गैस दुर्घटना के ३० साल बाद आरोप तय किया जाता है ? जिस न्याय व्यस्था में लालूजी को अनंत काल का बेल दिया जाता है कन्विक्शन के बाद ? जिस न्याय व्यस्था में ७० साल में हजारों घोटालों के बाद भी किसी को दंड नहीं मिलता है ? देश की राजधानी में ३००० सिखों का क़त्ल हुआ किसी को सजा मिली ? ऐसी नपुंसक न्याय व्यस्था से किसे दर होगा सिवाय आम आदमी के ?
      Reply
      सबरंग