April 26, 2017

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‘गुजरात सीएम’ के खिलाफ घूस लेने की याचिका पर बोला सुप्रीम कोर्ट- ये सबूत जीरो हैं

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सीएम नरेंद्र मोदी समेत कई राजनेताओं के खिलाफ दायर कथित तौर पर भारी रिश्वत देने की याचिका पर जांच कमेटी बैठाने के लिए इंकार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। PTI Photo by Atul/file

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सीएम नरेंद्र मोदी समेत कई राजनेताओं के खिलाफ दायर कथित तौर पर भारी रिश्वत देने की याचिका पर जांच कमेटी बैठाने के लिए इंकार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वकील और समाजसेवी प्रशांत भूषण द्वारा सूबत के तौर पर जो चीजें दिखाई गईं वे जीरो, झूठी पर विश्वास ना करने योग्य है। गौरतलब है कि प्रशांत भूषण ने कोर्ट के सामने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (आईटी) द्वारा जब्त किए गए कुछ कागजात पेश किए थे। वे दस्तावेज आईटी ने सहारा और बिरला ग्रुप की जगहों पर रेड मारने के बाद जुटाए थे। प्रशांत ने कोर्ट को बताया था कि वे सारे कागजात उनको किसी विस्लटब्लोअर ने सौंपे थे। प्रशांत ने सारे कागजार कॉमन कॉज नाम के एक एनजीओ को दिए थे। उसने ही जनहित याचिका डालकर जांच की मांग की थी। केस की सुनवाई के वक्त वकील शांति भूषण कॉमन कॉज की तरफ से खड़े हुए थे। उन्होंने जनहित याचिका की सुनवाई कर रही बेंच के जस्टिस जीएस केहर और जस्टिस अरुण मिश्रा के सामने दोनों ग्रुप्स के पास से सीज किए गए कागजात रखे थे। लेकिन बेंच ने उनके मानने से इंकार कर दिया। बेंच ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुताबिक सहारा ग्रुप के पास से सीज किए गए कागजात फर्जी हैं। हम लोग उनके दम पर जांच के आदेश नहीं दे सकते।’

लेकिन फिर जब भूषण ने बात सहारा से बिरला ग्रुप के पास से मिले कागजात की तरफ घुमाई तो बेंच ने कहा, ‘हम लोगों को मामले की सुनवाई करने में कोई परहेज या दिक्कत नहीं है लेकिन हमारे सामने कोई ठोस सबूत भी तो होना चाहिए। बिरला और सहारा के पास से मिले कागजात कुछ नहीं हैं। ये दोनों जीरो हैं। आपको पक्के सबूत लाने चाहिए।’ बेंच ने भूषण को 14 दिसंबर तक का वक्त देते हुए कहा, ‘अगर आपको कुछ नहीं मिलता तो अपनी याचिका वापस ले लीजिएगा।’ कॉमन कॉज मामले में एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन कमेटी) के गठन की बात कर रहा था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी बिरला ग्रुप के पास से मिले कागजात दिखाकर पीएम मोदी पर निशाना साध चुके हैं। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के आपात सत्र के दौरान कहा कि आदित्य बिरला ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट के पास से बराबद 2012 के मैसेज से पता चला कि उसने गुजरात सीएम को पैसे दिए थे। केजरीवाल ने कहा, ‘आदित्य बिरला ग्रुप पर अक्टूबर 2013 में छापा पड़ा था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी कागजात ले लिए थे। ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट शुभेंन्दु अमिताभ के लेपटॉप, ब्लैकबेरी को भी लिया गया था। उसमें एक एंट्री में लिखा था गुजरात सीएम 25 करोड़। गुजरात के सीएम के आगे 25 करोड़ और ब्रेकिट में 12 दिए और बाकी ? लिखा था। गुजरात सीएम कौन थे उस वक्त….नरेंद्र मोदी जी 2012 में।’

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First Published on November 26, 2016 7:38 am

  1. A
    Avi
    Nov 26, 2016 at 1:47 pm
    ये तो पहले ही मालूम था...ट्रिपल मर्डर और बंसल केस के बाद अमित शाह बच सकते, गोधरा सम्बन्धी बाबू बजरंगी के विडियो के बाद जब मोदीजी मुख्यमंत्री, प्रधानमन्त्री बन सकते हैं... तो कौन क्या उखाड़ लेगा?
    Reply
    1. A
      Avi
      Nov 26, 2016 at 6:38 pm
      अब लोग डायरी में खर्च नहीं लिखेंगे तो क्या जिसने पैसा लिया है उसके माथे पर लिखा होगा? वैसे जब जी हँसते है तो साफ़ मालुम पड़ता है, की दाल कितनी काली है I इतना ढेर सारा पैसा आया कहाँ से? कैसे १ साल पुराणी कंपनी "रिलायंस डिफेन्स" को Rafale प्रोजेक्ट का काम दिया जाता है? क्यों स्विस बैंको से कला धन अभी तक नहीं वापिस आया? क्यों पनामा पेपर्स को रद्दी के ढेर में फ़ेंक दिया गया है? कैसे एक प्रधान मंत्री रिलायंस जिओ और PayTm की adver करता है? वह भी मुफ्त में?
      Reply
      1. A
        Avi
        Nov 26, 2016 at 6:45 pm
        फिर TV पर आके गरीबों और लाचारों के लिए मगरमछ के आंसू बहाता है I किसी एक किसान ने हाल में ऐसे व्यक्ति को "कलयुग का भस्मासुर" कहा है I हमें अगर इसी से काम चलाना है, तो हम चला लेंगे, लेकिन यह बात जानना बहोत ज़रूरी है की बीजेपी/ कांग्रेस और आदि पार्टियों में कुछ ख़ास फर्क नहीं है I बल्कि BJP में और एक खासियत है, यह समाज को बहोत ी तरह से बाँट सकते हैं I
        Reply
        1. M
          manoj
          Nov 26, 2016 at 7:38 am
          अब केजरीवाल कहाँ है ? इसी कागज़ को विधान सभा में दिखा कर मोदीजी पर आरोप लगाया था ?
          Reply
          1. R
            reply to
            Nov 26, 2016 at 4:19 pm
            पर केजरीवाल जैसों पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया। वो कल कह देगा सुप्रीम कोर्ट भी बिका हुआ है। समय रहते चेत जाईए माननीय जज साहब। केजरीवाल आपको भी नहीं बख्शेगा।
            Reply
            1. R
              ravi
              Nov 26, 2016 at 6:21 pm
              कोर्ट माने या ना माने , पीपल मान ले बीजेपी इज मोर फेटल फॉर नेशन. मोदी का इलेक्शन खर्च| खुद गवाह हे , इतना पैसा आया कहा से? ये ही काफी हे|
              Reply
              1. R
                Ravindra Singh
                Nov 26, 2016 at 5:18 pm
                भले ही सबूत ज़ीरो हैं लेकिन भारत सरकार से इस बाबत स्पष्टीकरण तो माँगा जा सकता है. अगर माननीय सर्वोच्च न्यायलय इस तरह बेरुखी दिखायेगा तो मिडिया जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर देगा . कॉमन कॉज़ की और से आरटीआई द्वारा सरकार से पुछा जाना चाहिए कि इन सरकारी वेजों कि प्रमाणिकता का आधार क्या है..?
                Reply
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