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सरकारी बंगला खाली न करने पर सु्प्रीम कोर्ट ने कांग्रेस MP को फटकारा, कहा- घर खाली करो

सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि लुटियंस क्षेत्र में उन्हें हुमायूं रोड पर आवंटित नए मकान को रहने लायक तैयार होने में 10-15 दिन और लगेंगे।
Author नई दिल्‍ली | February 5, 2016 16:44 pm
अधीर रंजन चौधरी पूर्व संप्रग सरकार में मंत्री थे।

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को कड़ी फटकार लगाते हुए सरकारी बंगला खाली करने को कहा है। कोर्ट ने शुक्रवार को चौधरी से कहा कि,’ थोड़ी गरिमा दिखाइए। क्‍या कोई आपको आकर कहेगा कि घर खाली करिए।’ अदालत ने चौधरी की याचिका को तब खारिज कर दिया जब उनके वकील ने तत्काल सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि वह इसे सूचीबद्ध करने की जगह शुरूआती चरण में ही खारिज कर रही है। प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘विचार किया गया और खारिज किया जाता है।’ कोर्ट ने कहा, ‘आप एक सांसद हैं और आप एक ऐसे बंगले में रहना चाहते हैं जिसके लिए आप हकदार नहीं हैं। यह किस तरह की याचिका है। आप खाली कीजिए।’

पीठ में न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति आर. भानुमति भी हैं। पीठ ने इस दलील का कड़ा संज्ञान लिया कि चौधरी से परिसर को पहले कभी खाली करने को नहीं कहा गया और वह सरकार को बाजार के हिसाब से किराया दे रहे हैं। पीठ ने इस पर कहा कि, ‘क्या आपके कहने का मतलब यह है कि आप केवल तब खाली करेंगे जब आपसे कहा जाएगा।’ उच्च न्यायालय ने तीन फरवरी को चौधरी के अनुरोध को खारिज कर दिया था और कहा था कि उन्हें बंगला तत्काल खाली करना होगा। इसने अंतरिम अवधि के लिए वैकल्पिक प्रबंध करने के सांसद के मौखिक आग्रह को भी खारिज कर दिया था। सांसद ने कहा था कि लुटियंस क्षेत्र में उन्हें हुमायूं रोड पर आवंटित नए मकान को रहने लायक तैयार होने में 10-15 दिन और लगेंगे। उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश वाली पीठ के एक फरवरी के आदेश को बरकरार रखते हुए चौधरी की याचिका को खारिज कर दिया था ।

लोकसभा के सदस्य चौधरी ने बंगला खाली करने के एक फरवरी के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों ने यहां 14 न्यू मोती बाग स्थित बंगले की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी थी और उनके खिलाफ मकान से निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। इसके बाद, चौधरी अदालत पहुंचे जिसने पूर्व में निर्देश दिया था कि मकान से निकालने के संबंध में तीन फरवरी तक यथास्थिति बनाए रखी जाए। संपदा निदेशालय के अनुसार सांसद को हुमायूं रोड पर दूसरा मकान आवंटित कर दिया गया है और मंत्री स्तर के बंगले को खाली करने के लिए उन्हें पर्याप्त समय दिया गया। आरोप लगाया कि चौधरी ने विगत में बार-बार स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद बंगला खाली नहीं किया। चौधरी पूर्व संप्रग सरकार में मंत्री थे । उन्होंने कहा कि यह ‘सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध’ के सिवाय कुछ भी नहीं है।

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