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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर लगाया एक लाख रुपए जुर्माना, कहा- आपको चिंता ही नहीं है

उच्चतम न्यायालय ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दावा किया जाता है कि अदालतें ‘‘सरकार चलाने की कोशिश कर रही हैं’’ जो काम ही नहीं करना चाहती।
Author April 22, 2017 13:00 pm
सुप्रीम कोर्ट अॉफ इंडिया।

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार (21 अप्रैल) को एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दावा किया जाता है कि अदालतें ‘‘सरकार चलाने की कोशिश कर रही हैं’’ जो काम ही नहीं करना चाहती। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने देश में निराश्रित विधवाओं की स्थिति पर ध्यान न दिए जाने पर सरकार की खिंचाई करते हुए कहा, ‘‘आप (सरकार) इसे करना नहीं चाहते और जब हम कुछ कहते हैं तो आप कहते हैं कि अदालत सरकार चलाने की कोशिश कर रही है ।’’

शीर्ष अदालत ने निराश्रित विधवाओं की स्थिति में सुधार के लिए अपने निर्देशों के बावजूद सहमति युक्त दिशा-निर्देशों के साथ न आने पर सरकार पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया और उसे ऐसा करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया। पीठ ने कहा, ‘‘आप भारत की विधवाओं की स्थिति पर ध्यान नहीं देते हो। आप हलफनामा दायर करें और कहें कि आप भारत की विधवाओं को लेकर चिंतित नहीं हैं। आपने कुछ नहीं किया है…यह पूरी तरह बेबसी है । सरकार कुछ नहीं करना चाहती ।’’

शीर्ष अदालत ने पूर्व में केंद्र से राष्ट्रीय महिला आयोग के सुझावों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाने तथा देश में विधवाओं की स्थिति में सुधार के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा था ।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के वकील ने न्यायालय को सूचित किया था कि राष्ट्रीय महिला आयोग और विशेषज्ञों के सुझावों पर चर्चा करने के लिए 12 और 13 अप्रैल को बैठक होनी थी। पीठ ने आज की सुनवाई के दौरान केंद्र के वकील से पूछा कि न्यायालय को आश्वासन दिए जाने के बावजूद यह बैठक क्यों आयोजित नहीं की गई।

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  1. Narendra Batra
    Apr 22, 2017 at 1:19 pm
    suno dogle nyadheesho ramjanmbhumi ka mamla pendig hai aur kai mamle aise hai e tum kush nahi karte hio aur sarkar ke kai faislo ko tum dabane ki koshish karte ho tum rastrpati ke neeche kaam karnewale ho usse uppar nahi aur sarkar yani khud rastrpati ke uppar tum kaise kanun ke ulaghan ka mamla chla sakte ho dogli aulade ho muslimo ke 3 talak par faisla karne se darte ho dogle ho
    (0)(0)
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