ताज़ा खबर
 

सुब्रमण्यम स्वामी ने बताई राम मंदिर बनाने की तीन वजह, एक बोला-बोर मत करो

स्वामी ने अदालत से इस केस को जल्द सूचीबद्ध करने और इस पर तुरंत सुनवाई करने की मांग की है, इस पर प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड वाली पीठ ने कहा कि वे जल्द सुनवाई पर फैसला लेंगे।
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (फाइल फोटो)

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी राम मंदिर को लेकर आए दिन बड़े बयान देते रहते हैं। इस बार भी उन्होंने राम मंदिर अनिवार्य रुप से बनाए जाने को लेकर 3 कारण सुझाया है। स्वामी ने रविवार को ट्वीट करके कहा है कि (पहला कारण) एएसआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर पहले से ही मौजूद था, उसकी जगह बाद में मस्जिद बनाया गया। फिर उन्होंने (दूसरा कारण) कुरान का हवाला देते हुए कहा कि किसी और के प्रार्थना स्थल पर मस्जिद नहीं बनाया जा सकता है। (तीसरा कारण) इसके बाद उन्होंने शरीयत की बात करते हुए कहा कि मस्जिद को शिफ्ट किया जा सकता है। स्वामी के इस ट्वीट से अनुमान लगाया जा सकता है की वो राम मंदिर को लेकर कितना सक्रिय हैं।

स्वामी के ट्वीट पर लोगों ने काफी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने उनके ट्वीट पर सहमति जताई है तो किसी ने नाराजगी जताकर कहा कि बोर मत करो। हालांकि, यह कोई पहली मर्तबा नहीं है जब स्वामी ने राम मंदिर मुद्दे पर ट्वीट किया है। इससे पहले भी इस मुद्दे पर वे कई बयान दे चुके हैं और ट्वीट कर चुके हैं।

अभी हाल ही में उन्होंने श्री राम लला के दर्शनार्थियों का हवाला देते हुए कहा था कि दूर दराज से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को राम लला के हर तरफ सुरक्षा से परेशानियां होती है, ऐसे में या तो सुरक्षा हटा ली जाए या फिर न्यायालय मंदिर निर्माण पर जल्द फैसला सुनाए।

इससे पहले स्वामी ने विवादित परिसर को जेल बताते हुए कहा कि आस्था का सैलाब श्री राम का दर्शन करने करोड़ों राम भक्त आते हैं, लेकिन उनकी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखकर उन्हें जेल जैसा अनुभव करवाया जाता है। आलम यह है कि राम लला के दर्शन करने आए श्रधालुओं और सुरक्षाकर्मियों के सर पर छत तक नहीं है।

बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद टाइटल विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त से सुनवाई करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों की स्पेशल बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट पिछले महीने की 21 तारीख को कहा था कि वह अयोध्या के राम मंदिर बाबरी मस्जिद टाइटल विवाद मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर जल्दी सुनवाई के बारे में फैसला लेगा।

स्वामी ने अदालत से इस केस को जल्द सूचीबद्ध करने और इस पर तुरंत सुनवाई करने की मांग की है, इस पर प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड वाली पीठ ने कहा कि वे जल्द सुनवाई पर फैसला लेंगे।

देखिए वीडियो - मुसलमानों ने राम मंदिर बनने से रोका तो नहीं जाने देंगे हज पर- BJP विधायक

-

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग