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भारतीय स्टेट बैंक ने मेट्रो शहरों के लिए खातों की न्यूनतम बैलेंस राशि 5 हजार से घटाकर की 3 हजार रुपए

बैंक ने न्यूनतम मासिक बैलेंस की रकम पांच...
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (File photo)

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में अपने मेट्रो शहरों के उपभोक्ताओं के लिए सराहनीय कदम उठाया है। बैंक ने न्यूनतम मासिक बैलेंस की रकम घटाकर तीन हजार रुपए कर दी है। यह रकम पहले पांच हजार रुपए हुआ करती थी। एसबीआई के मुताबिक, उसने मेट्रो और शहरी केंद्रों में एक ही श्रेणी में रखने का फैसला किया है। मेट्रो शहरों में मासिक औसत बैलेंस (एमएबी) को घटाकर तीन हजार रुपए कर दिया गया है। न्यूनतम बैलेंस न रख पाने पर शुल्क भी 20 फीसद से लेकर 50 फीसद तक संशोधित किए गए हैं।

अर्ध शहरी (सेमी-अरबन) और ग्रामीण केंद्रों की श्रेणी में यह 20 रुपए से लेकर 40 रुपए रहेंगे। जबकि शहरी और मेट्रो केंद्रों पर यह रकम 30 रुपए से लेकर 50 रुपए रहेगी। बैंक की ओर से किए गए ये संशोधन अक्तूबर 2017 से प्रभाव में आएंगे।

वहीं, पेंशन के लाभार्थियों, सरकार की ओर से सामाजिक तौर पर फायदा पाने वालों और नाबालिगों के मेट्रो शहरों में खातों पर यह संशोधित न्यूनतम मासिक बैलेंस की रकम रखने की कोई तय सीमा नहीं है। उन्हें अपने खातों में कितनी भी रकम रखने की छूट होगी।

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  1. R
    Ramesh Chhabra
    Sep 26, 2017 at 7:59 am
    यदि 3000 Rupees रखना जरूरी है तो इसका मतलब हैं की यह रकम बतौर फिक्स्ड डिपाजिट हैं जिसका बयाज ही काफी होगा और इस बयाज में से ही सेविंग अकाउंट के नाम पर कुछ बयाज खाताधारी को दे दिया जायेगा! बाकि का बयाज (यदि) बैंक का होगा और बैंक वाले एहसान भी करेंगे "देखा हिंदुस्तान में सेविंग पर बयाज मिलता हैं"
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    1. आदित्य कुमार चौधरी
      Sep 26, 2017 at 2:31 am
      विश्वविद्यालय या घर से दूर पढ़ने वाले विद्यार्थियों का क्या? तीन हज़ार किया लेकिन क्या ये संभव है? एक छात्र होने के कारण मुझसे से नही हो पाता है। और ही बिडम्बना है अपने पैसों के लिये ही बंदिशें लगे तो इससे बड़ी बिडम्बना क्या होगी। sbi की व्यवस्था और उसमें काम करने वाले बड़े ही बेकार और बदतमीज़ होते हैं। ग्राहकों से बात करने का तरीका भी नहीं आता उन्हें। लुटेरा है। सरकार बोलेगी कैशलेस हो जाओ और बैंक आपको कैश लेस बनाने का पूर्ण योग देगी। बेतुके कटौती करके, आपके पैसे उनके बैंक में रखने के जुर्म में।
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      सबरंग