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छात्रों को जाति के आधार पर उकसा रहा है विपक्ष : स्मृति

एक दलित छात्र की खुदकुशी के मुद्दे पर चौतरफा हमले का सामना कर रही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को अपने विरोधियों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे देश भर के छात्रों को जाति के आधार पर उकसा रहे हैं।
Author , हैदराबाद/नई दिल्ली | January 21, 2016 04:22 am
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी

एक दलित छात्र की खुदकुशी के मुद्दे पर चौतरफा हमले का सामना कर रही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को अपने विरोधियों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे देश भर के छात्रों को जाति के आधार पर उकसा रहे हैं। इस बीच, हैदराबाद विश्वविद्यालय में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं का दौरा जारी है।  ईरानी ने दिल्ली में दावा किया कि इस मामले को दलित बनाम गैर-दलित का रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपने इस्तीफे की मांग को भी खारिज कर दिया। इस बीच हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक कुलपति पी अप्पा राव ने कार्यकारी परिषद की बैठक बुलाई है। इस बैठक में रोहित के साथियों के निलंबन को कम करने या खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार होगा। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने ही रोहित समेत पांच छात्रों के निष्कासन को मंजूरी दी थी और एक कार्यकारी उप समिति ने सजा बरकरार रखी थी। इसका गठन इस मामले पर आगे विचार करने के लिए किया गया था और जिसमें दलित वर्ग के एक वरिष्ठ शिक्षक सदस्य थे।

रोहित के खुदकुशी कर लेने के बाद अब यह मामला गरमा गया है और कुलपति से लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री विपक्ष के निशाने पर हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक कुलपति निलंबन की छह महीने की अवधि को घटा कर एक महीने करने के हक में हैं। निलंबन की सजा बीते 18 दिसंबर से शुरू हुई थी। ईरानी ने कहा कि उन्हें शोध छात्रों की सजा कम करने के संबंध में विश्वविद्यालय से कोई सूचना नहीं मिली है।

उधर, केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में दलित विरोधी रुख के आरोपों के जवाब में हॉस्टल के वार्डन और अन्य विभागों के कई दलित अधिकारियों की मौजूदगी का हवाला दिया और आरोपों को खारिज किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्याय होगा क्योंकि निष्पक्ष जांच हो रही है।

बसपा प्रमुख मायावती ने खुदकुशी के इस मामले में दोनों केंद्रीय मंत्रियों और कुलपति अप्पा राव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जबकि माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन और वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने विश्वविद्यालय जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। येचुरी ने कहा, ‘मानव संसाधन विकास मंत्री को जाना होगा।’

भाकपा की छात्र शाखा एआइएसएफ के छात्रों ने दत्तात्रेय के आवास के पास प्रदर्शन किया। केंद्र में सत्ताधारी राजग की सहयोगी पार्टी लोजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और रोहित के परिजन के लिए 50 लाख रुपए के मुआवजे और दोषियों के लिए सजा की मांग की।

घटना के दो दिनों बाद बुधवार को ईरानी ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर नुकसान की भरपाई की कोशिश की। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाया कि वे जाति के आधार पर भावनाएं उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोहित की खुदकुशी का दलित बनाम गैर-दलित के मद्दे से कोई लेना-देना नहीं है।

तीन केंद्रीय मंत्रियों (थावर चंद गहलोत, निर्मला सीतारमण और विजय सांपला) के साथ पत्रकारों को संबोधित करने आईं ईरानी ने कहा, ‘देश भर में छात्रों को उकसाने की कोशिशें की जा रही हैं। मेरी अपील है कि कृपया छात्रों और समुदायों को जानबूझ कर न उकसाएं।’

ईरानी ने दावा किया, ‘भावनाएं भड़काने की दुर्भावनापूर्ण कोशिश की जा रही है और इसे जाति की लड़ाई के तौर पर पेश किया जा रहा है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है।’ संयम बनाए रखने की अपील करते हुए ईरानी ने कहा, ‘भावनाएं भड़काना और फिर अफसोस करना बहुत आसान होता है।’

कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए ईरानी ने कहा, ‘कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीतिक निशाना लगा रही है जो अपेक्षित तो है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है।’ अपने इस्तीफे की मांग को लेकर ईरानी ने कहा, ‘उन्हें (विरोधियों को) इन रिपोर्टों (वीआईपी संवाद पर प्रोटोकॉलों) को देखने की जरूरत है। मैं सिर्फ इन रिपोर्टों के जरिए राहुल गांधी के बयान पर जवाब देना चाहूंगी।’

विपक्ष की ओर से सरकार को निशाने पर लेने के बाद ईरानी ने कहा कि पहले एबीवीपी के जिस छात्र पर हमला किया गया, वह भी ओबीसी समुदाय से था और हमले के बारे में पत्र लिखने वाले दत्तात्रेय भी इसी वर्ग से हैं। कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश में ईरानी ने कांग्रेस सांसद वी हनुमंत राव की ओर से नवंबर 2014 में लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी वंचित वर्गों के छात्रों की खुदकुशी की उन घटनाओं का जिक्र किया था जो पिछले साल से विश्वविद्यालय में होती रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने उस वक्त बहस कर मामले को क्यों नहीं निपटाया? वह अब क्यों बहस कर रही है? कांग्रेस सांसद का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं बल्कि चार साल से चली आ रही है। यदि उन्होंने (कांग्रेस ने) चार साल पहले मामले को सुलझाया होता तो रोहित जीवित होता।’

ईरानी ने रोहित का मरने से पहले लिखा गया पत्र दिखाते हुए कहा कि इसमें विश्वविद्यालय के किसी अधिकारी, किसी राजनीतिक संगठन या किसी सांसद का नाम नहीं लिखा है।

कार्रवाई के लिए नहीं डाला गया कोई दबाव

* स्मृति ईरानी ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से दो सदस्यीय तथ्य अन्वेषण समिति भेजी गई है, जो बुधवार रात में लौटेगी और रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद इस मामले का ब्योरा पता लग सकता है। जो अभी अदालत के विचाराधीन है।
* इस मामले में जाति के बिंदु उठाए जाने का जवाब देते उन्होंने याद दिलाया कि वे छात्र जिन पर अंबेडकर छात्र संघ से संबंध रखने वाले छात्रों पर हमला करने का संदेह है, वे भी अन्य पिछड़े वर्ग से हैं।
कुलपति ने आपात बैठक बुलाई

* इस बीच हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक कुलपति पी अप्पा राव ने कार्यकारी परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई है। इसमें रोहित के साथियों के निलंबन को कम करने या खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार होगा। कार्यकारी परिषद ने ही रोहित समेत पांच छात्रों के निष्कासन को मंजूरी दी थी।

* रोहित के खुदकुशी कर लेने के बाद अब यह मामला गरमा गया है और कुलपति से लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री विपक्ष के निशाने पर हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक कुलपति निलंबन की छह महीने की अवधि को घटा कर एक महीने करने के हक में हैं। निलंबन की सजा बीते साल 18 दिसंबर से शुरू हुई थी।

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  1. प्रमोद राय
    Jan 23, 2016 at 2:53 am
    ये भी भड़काने वाली कार्यवाही हे हे जो अन्य छात्रो को तोदफोदा और आत्महत्या के लिए उकसा सकती हे हर बात को दलित ओबीसी से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण हे .
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  2. A
    amit
    Jan 21, 2016 at 4:13 am
    उकसाने का काम तुम लोग कर रहे हो
    Reply
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