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सार्वजनिक नहीं होगी स्मृति ईरानी की मार्कशीट, दिल्ली हाई कोर्ट ने सीआईसी के आदेश पर लगाया स्टे

सीबीएसई ने हाई कोर्ट में लगाई अपनी पिटीशन में कहा था कि किसी की भी मार्कशीट को सार्वजनिक करने का फैसला उसकी निजता का उल्लंघन करना है।
Author नई दिल्ली | February 22, 2017 11:09 am
केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की फाइल फोटो। (PTI Photo by Nand kumar)

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के उस आदेस पर स्टे लगा दिया है जिसमें उसने सीबीएसई से कहा था कि स्मृति ईरानी की क्लास 10th और 12th की मार्कशीट को सार्वजनिक किया जा सकता है। सीआईसी के इस आदेश के बाद सीबीएसई ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। सीबीएसई ने हाई कोर्ट में लगाई अपनी पिटीशन में कहा था कि किसी की भी मार्कशीट को सार्वजनिक करने का फैसला उसकी निजता का उल्लंघन करना है। दिल्ली हाई कोर्ट के इस स्टे के बाद ईरानी के 10वीं और 12वीं के रिकॉर्ड को पब्लिक नहीं किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मामले को आधार मानकर ईरानी के मामले में स्टे का फैसला दिया गया है।

सीआईसी के आदेश के बाद इस मामले में सीबीएसई ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि किसी भी मार्कशीट या रिकॉर्ड्स सार्वजनिक करना निजता भंग करने की तरह है। मार्कशीट उसकी निजी चीज या सूचना है। इस स्थिति में बिना संबंधित व्यक्ति के मंजूरी के इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री की ग्रेजुएशन की डिग्री को लेकर दायर याचिका को पटियाला हाउस कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। सीआईसी के नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी की लगायी गई एक याचिका पर भी हाई कोर्ट स्टे लगा चुका है।

क्या था सीआईसी का आदेश

केंद्रीय सूचना आयोग ने पिछले माह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की 10वीं और 12वीं कक्षा के स्कूल रिकॉर्ड का निरीक्षण करने की इजाजत देने का निर्देश दिया है। साथ ही उसने सीबीएसई की यह दलील खारिज कर दी थी कि यह ‘निजी सूचना’ है। आयोग ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री के कार्यालय और दिल्ली के होली चाइल्ड ऑक्जिलियम स्कूल को भी निर्देश दिया कि वह स्मृति जुबिन ईरानी का रोल नंबर या रिफ्रेंस नंबर सीबीएसई, अजमेर को मुहैया कराए, जिसके पास 1991 से 1993 के रिकॉर्ड हैं। उसने कहा कि इससे रिकॉर्डों के जखीरे में खोजबीन में मदद मिलेगी। आयोग ने सीबीएसई को दिए निर्देश में कहा था कि वह उन संबद्ध रिकॉर्डों के निरीक्षण में मदद करे और अर्जीकर्ता ने जिन दस्तावेजों का चयन किया है, उनकी प्रतियां इस आदेश के प्राप्त होने के 60 दिनों के अंदर मुफ्त में मुहैया कराए।

स्मृति ईरानी की मार्कशीट नहीं होगी सार्वजनिक; दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई रोक

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  1. B
    bitterhoney
    Feb 21, 2017 at 6:22 pm
    क्या होगा उस देश का जिसकी न्यायपालिका ही भ्रष्ट हो.जो अन्याय भारत में कभी नहीं हुआ वह अब मोदी के राज में हो रहा है. मोदीजी की पारदर्शिता कहाँ चली गयी?
    (0)(0)
    Reply
    1. H
      Hem Raj
      Feb 21, 2017 at 12:03 pm
      दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई; तुने काहे को दुनिया बनायींकाहे बनाये तूने माटी के पुतले ; धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजलेकाहे बनाया तूने दुनिया का खेला; जिसमें लगाया जवानी का मेलागुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाईकाहे को दुनिया...तू भी तो तङपा होगा मन को बना करतूफां ये प्यार का मन में छुपा करकोई छवि तो होगी आँखों में तेरीआंसूं भी छलके होंगे पलकों से तेरीबोल क्या सूझी तुझको काहे को प्रीत जगाईकाहे को दुनिया...प्रीत बनाके तूने जीना सिखायाहँसना सिखाया, रोना सिखायाजीवन
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      1. S
        sach
        Feb 21, 2017 at 4:02 pm
        क्या आई एस आई का सर्टिफिकेट है जो इतना छिपाया जा रहा है..?
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        Reply
        सबरंग