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केंद्रीय मंत्री ने संसद में सीता के अस्तित्‍व पर खड़े किए सवाल, कहा- सीता आस्‍था का विषय

राज्यसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने सीता की जन्मस्थली से जुड़े एक सवाल के लिखित जवाब को लेकर संस्कृति मंत्री महेश शर्मा पर निशाना साधा।
Author नई दिल्ली | April 13, 2017 13:36 pm
राज्यसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने सीता की जन्मस्थली से जुड़े एक सवाल के लिखित जवाब को लेकर संस्कृति मंत्री महेश शर्मा पर निशाना साधा।

राज्यसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने सीता की जन्मस्थली से जुड़े एक सवाल के लिखित जवाब को लेकर संस्कृति मंत्री महेश शर्मा पर निशाना साधा। जवाब में कहा गया था कि ‘सीता की जन्मस्थली आस्था का विषय है जो प्रत्यक्ष प्रमाण पर निर्भर नहीं करता। विपक्षी सदस्यों ने महेश शर्मा पर उस समय निशाना साधा जब वह प्रश्नकाल के दौरान बिहार में सीता की जन्मस्थली से जुड़े पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने हालांकि अपने जवाब का बचाव करते कहा कि सीता की जन्मस्थली को लेकर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है और सदस्यों को उनका लिखित उत्तर पूरा पढ़ना चाहिए।

अपने लिखित उत्तर में उन्होंने कहा था, ‘‘सीता की जन्मस्थली आस्था का विषय है जो प्रत्यक्ष प्रमाण पर निर्भर नहीं करता। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अब तक सीतामढ़ी जिला में कोई उत्खनन नहीं किया है। अत: उसके पास सीतामढ़ी के सीता की जन्मस्थली के रूप में होने से संबंधित कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं। तथापि वाल्मीकि रामायण में सीता के मिथिला क्षेत्र में जन्म होने का उल्लेख किया गया है।’’
भाजपा सदस्य प्रभात झा ने पूरक सवाल के जरिए सीतामढ़ी क्षेत्र के विकास का ब्यौरा मांगा था और कहा कि वहां कोई विवाद भी नहीं है।
शर्मा ने कहा कि सरकार ने रामायण परिपथ (सर्किट) की योजना बनायी है जिसमें सीतामढी को शामिल किया गया है।
कांग्रेस सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह इस जवाब की निंदा करते हैं जिसमें कहा गया है कि जन्मस्थली आस्था का विषय है। सिंह ने कहा कि भाजपा ने रामसेतु के संबंध में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के रूख को लेकर भी आपत्ति जतायी थी। उन्होंने कहा कि मंत्री को इस जवाब के लिए माफी मांगनी चाहिए।

सपा सदस्य जया बच्चन, जदयू के अनिल कुमार साहनी आदि ने भी जवाब पर आपत्ति जतायी। शर्मा ने हालांकि कहा कि सीता की जन्मस्थली को लेकर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है और सरकार सीतामढ़ी के विकास के लिए पूरा प्रयास करेगी। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि श्रीलंका सरकार ने अशोक वाटिका और संजीवनी पर्वत के बारे में पता लगाया है जिनके बारे में रामायण में वर्णन मिलता है।

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  1. S
    Sidheswar Misra
    Apr 13, 2017 at 9:23 am
    हम करे तो पुन्न तुम करो तो पाप।
    Reply
    1. A
      Avinash
      Apr 13, 2017 at 7:04 am
      That is why we still need to beg for technology to tiny nations Israel. ..france. ..Germany ...UK...etc
      Reply
      1. B
        bitterhoney
        Apr 12, 2017 at 11:28 pm
        All Hindu gods are imaginary, there is no concrete proof of their existence.
        Reply
        1. S
          sahil singla
          Apr 13, 2017 at 12:37 pm
          may be people should check their DNA for the proof of their birth too.. I guess.. ;)
          Reply
        सबरंग