ताज़ा खबर
 

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में फंडिंग की जांच हो: आप

कांग्रेस, भाजपा और अपनी पार्टी की फंडिंग की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग करते हुए आप ने आज संदिग्ध फंडिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और सरकार को उसके खिलाफ कोई भी जांच कराने की चुनौती दी। पिछले वर्ष चार संदिग्ध कंपनियों से दो करोड़ रुपये दान के […]
Author February 3, 2015 19:31 pm
AAP Crisis: यादव और भूषण के अलावा आनंद कुमार, अजीत झा, राकेश सिन्हा, सुभाष वारे, आश्वस्त गुप्ता और क्रिस्तीना ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। (पीटीआई फ़ाइल फ़ोटो)

कांग्रेस, भाजपा और अपनी पार्टी की फंडिंग की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग करते हुए आप ने आज संदिग्ध फंडिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और सरकार को उसके खिलाफ कोई भी जांच कराने की चुनौती दी।

पिछले वर्ष चार संदिग्ध कंपनियों से दो करोड़ रुपये दान के रूप में प्राप्त करने के मुद्दे पर उठे विवाद पर पुरजोर बचाव करते हुए आप नेताओं ने संवाददाताओं के समक्ष दावा किया कि पार्टी ने सभी दान प्राप्त करने में तय प्रक्रियाओं का पालन किया।

भारत के प्रधान न्यायाधीश को लिखे पत्र में आप ने कहा कि अगर जांच में कोई भी ऐसी बात सामने आई तब वह मान्यता रद्द कराये जाने को तैयार है और उसके नेता किसी भी दंड का सामना करने को तैयार हैं।

आप नेता और पूर्व बैंकर मीरा सान्याल ने कहा कि वित्त मंत्री अरूण जेटली को संवाददाताओं को संबोधित करने की बजाए सिर्फ बैंकों के सीईओ को फोन करना चाहिए तब उन्हें आप के खाते में डाले गए 50-50 लाख रुपये के चार चेक के बारे में सभी जानकारी प्राप्त हो जायेगी।

आप नेता योगेंद्र यादव, आशुतोष, कुमार विश्वास और आशीष खेतान के साथ रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड की पूर्व सीईओ सान्याल ने कहा कि भारत में बैंकिंग प्रणाली का बेहतर नियमन होता है और अपने उपभोक्ता के बारे में जानकारी हासिल करने के नियम सख्त हैं।

आप द्वारा दाताओं के अतीत की जांच परख नहीं करने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘बैंकिंग गोपनीयता नियम लोगों को कंपनियों के बारे में जानकारी हासिल करने से रोकता है। हरएक के पते की जांच करना संभव नहीं है। देश की बैंकिंग प्रणाली पर विश्वास करने के लिए हम पर आरोप कैसे लगाया जा सकता है।’’

बहरहाल, पार्टी ने भारत के प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एसआईटी का गठन करके भाजपा, कांग्रेस और आप की फंडिंग की जांच करायी जाए।

आप प्रमुख अररिंवद केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा है और इस विषय पर सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद जाहिर की है।

पत्र में कहा गया है, ‘‘दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पांच दिन पहले भाजपा ने आरोप लगाया है कि हमें संदिग्ध स्रोतों से कोष प्राप्त हुए। चूंकी यह गंभीर आरोप है, इसलिए हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे सभी लेनदेन पारदर्शी और डिजिटल रूप में हैं।’’

पत्र में कहा गया है, ‘‘इसलिए हम आपसे आग्रह करते हैं कि दिल्ली चुनाव में तीन प्रमुख दलों भाजपा, कांग्रेस और आप की फंडिंग की जांच के लिए एसआईटी का गठन करें।’’

इसमें कहा गया है कि फंडिंग संबंधी अनियमितता में शामिल सभी राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द की जानी चाहिए और पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पार्टी ने अपनी पहले की योजना में बदलाव कर दिया जिसमें उसने तय किया था कि उसके पांच वरिष्ठ नेता उच्चतम न्यायालय जाकर पत्र भारत के प्रधान न्यायाधीश को सौंपेंगे।

एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘हमारे नेता उच्चतम न्यायालय नहीं गए क्योंकि हमें उम्मीद है कि शीर्ष अदालत पत्र पर ही संज्ञान लेगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तब हम याचिका दायर करेंगे।’’

बहरहाल, पार्टी सूत्रों ने उन खबरों को सिरे से खारिज किया है कि गलत कार्य की आशंका के मद्देनजर सवालों में घिरे भुगतान से संबंधित व्यक्ति ने आप छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी की नौ सदस्यीय राजनीति मामलों की समिति ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाये।

आप के एक नेता आशीष खेतान ने कहा, ‘‘पीएसी पूर्व में सात लाख रुपये तक की राशि के चेक को मंजूरी देती थी, अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा कि दान में दिये गए पैसे के बारे में स्रोत की जांच करना पार्टी की जिम्मेदारी नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग