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सिंगापुर के PM ने भारत में तोड़ी परंपरा, VIP काफिले के बजाए बस से की यात्रा

सोमवार शाम को भारत पहुंचे सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने दिल्ली एयरपोर्ट से निकलने के बाद होटल तक जाने के लिए अपरंपरागत विधि चुनी। उन्होंने एयरपोर्ट से होटल तक की यात्रा वीआईपी काफिले के बजाए चार्टेड बस से यात्रा की।
Author नई दिल्ली | October 4, 2016 14:19 pm
भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर आए सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग ने बस से की यात्रा। (ANI Photo)

पांच दिवसीय दौरे पर भारत आए सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग ने वीआईपी कारों के काफिले के बजाए बस से यात्रा बेहतर समझा। सोमवार शाम को भारत पहुंचे सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने दिल्ली एयरपोर्ट से निकलने के बाद होटल तक जाने के लिए अपरंपरागत विधि चुनी। उन्होंने एयरपोर्ट से होटल तक की यात्रा वीआईपी काफिले के बजाए चार्टेड बस (किराए की बस) से यात्रा की।

भारत आए ली अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं से मुलाकात करके सुरक्षा, ट्रेड और निवेश के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। यात्रा के दौरान सिंगापुर के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात करेंगे और भारत में रहने वाले सिंगापुर के लोगों द्वारा आयोजित किए गए रिसेप्शन कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी उनसे मुलाकात करेंगी।

सिंगापुर के प्रधानमंत्री के साथ उनकी पत्नी, कुछ अहम मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भारत की यात्रा पर आए हैं। 5-6 अक्टबूर को वह राजस्थान के उदयपुर की यात्रा करेंगे और राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात करेंगे। साथ ही उनके द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल होंगे। इससे पहले सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने एसियान समिट के दौरान दिसंबर 2012 में भारत की यात्रा की थी। भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने एक अलग बधाई संदेश में ली सिएन लूंग ने कहा था कि वह अक्तूबर में भारत की यात्रा करने की उम्मीद करते हैं।

यात्रा के दौरान सिंगापुर के प्रधानमंत्री, पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित भोज में शामिल होंगे और दोनों नेता दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के विभिन्न उपायों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग और सिंगापुर के बौद्धिक संपदा कार्यालय के बीच बौद्धिक संपदा मैं सहयोग के लिए दोनों नेता कल एक समझौता ज्ञापन के आदान-प्रदान के गवाह भी बनेंगे। इसके अलावा, सिंगापुर के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दो अन्य समझौता ज्ञापन का भी आदान प्रदान होगा। इसमें से एक समझौता असम में पूर्वोत्तर कौशल विकास केंद्र की स्थापना करने के लिए असम सरकार और इंस्ट्रीट्यूट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन सर्विसेज के बीच होगा तथा दूसरा समझौता राष्ट्रीय प्रतिभा विकास निगम और सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन एंड सर्विसेज के बीच प्रतिभा विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से संबंधित है।

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