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राष्ट्रद्रोहियों पर कब होगी कार्रवाई: शिवसेना

पाकिस्तान पर हमला करते हुए शिवसेना ने शुक्रवार कहा कि भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली के एक प्रशंसक को अपने घर के ऊपर भारतीय तिरंगा फहराने के लिए गिरफ्तार कर पड़ोसी देश...
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। (File Photo)

पाकिस्तान पर हमला करते हुए शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली के एक प्रशंसक को अपने घर के ऊपर भारतीय तिरंगा फहराने के लिए गिरफ्तार कर पड़ोसी देश ने एक बार फिर भारत के प्रति अपनी नफरत को उजागर किया है। हालांकि, पाकिस्तान की धरती पर आतंकवादी खुले आम घूम रहे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के भागीदार ने यह भी बताने की मांग की कि भारत सरकार राष्ट्र-विरोधी तत्वों एवं ‘पाकिस्तान प्रेमियों’ के खिलाफ कब कार्रवाई करेगी।

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में यहां कहा गया है, ‘उमर दराज के घर में छापा मारा गया और उस पर उसके देश (पाकिस्तान) के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया गया। क्या उसकी गलती सचमुच में इतनी बड़ी है?’ शिव सेना ने कहा, ‘जिन्होंने भारतीय संसद पर हमला किया, जो लोग मुंबई में 26 नवंबर 2008 के हमलों और हाल ही में पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना बेस पर हमलों के लिए जिम्मेदार हैें, वे पाकिस्तान में खुले आम घूम रहे हैं।

युवक को गिरफ्तार कर पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के प्रति अपनी नफरत को दुनिया को दिखा दिया है।’पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ओकारा जिले के रहने वाले एवं भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली के जबरदस्त प्रशंसक उमर दराज (22) को 26 जनवरी को उस समय गिरफ्तार किया गया , जब एक ट्वेन्टी-20 मैच में भारत ने आस्ट्रलिया को शिकस्त दी थी। इस मैच में कोहली ने 90 रन बनाए थे। उमर दराज 10 साल की कैद का सामना कर रहा है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने दराज के घर पर छापा मारा था, जिसमें कहा गया था कि उसने अपने घर की छत पर भारत का झंडा फहराया है।

शिवसेना ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘अभी तक ये नहीं सुना गया कि पुलिस ने उन जगहों पर छापे मारे हैं, जहां दाऊद इब्राहिम, जकीउर रहमान लखवी और अजहर मसूद जैसे वांछित आतंकी आश्रय लेते हैं और वहां से अपने संगठनों को चलाते हैं।’ शिव सेना ने कहा, ‘क्या हमारे देश में वसीम अकरम, इमरान खान के प्रशंसक नहीं हैं। कोई भी मेहंदी हसन, राहत अली, गुलाम अली जैसे लोगों के कई प्रशंसकों को देख सकता है, लेकिन हमारी सरकार ने उनको कभी गिरफ्तार नहीं किया। इसके विपरीत उन देशभक्तों को जो गुलाम अली को यहां उनके संगीत कार्यक्रमों को रोकने की कोशिश करते हैं, उन्हें तिरस्कार की नजर से देखा जाता है।

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