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शिवसेना को भाजपा की खरी-खरी: फार्मूला मानो या अलग हो जाओ

नई दिल्ली/कोल्हापुर/मुंबई। अपने सबसे पुराने सहयोगी के साथ टकराव की मुद्रा अपनाते हुए भाजपा ने शिवसेना को निर्णायक चेतावनी के स्वर में कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के फार्मूले पर सहमति जताए अन्यथा गठबंधन टूटने के लिए तैयार रहे। उधर भाजपा के अल्टीमेटम देने के कुछ ही घंटों बाद शिवसेना […]
Author July 6, 2017 16:54 pm

नई दिल्ली/कोल्हापुर/मुंबई। अपने सबसे पुराने सहयोगी के साथ टकराव की मुद्रा अपनाते हुए भाजपा ने शिवसेना को निर्णायक चेतावनी के स्वर में कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के फार्मूले पर सहमति जताए अन्यथा गठबंधन टूटने के लिए तैयार रहे। उधर भाजपा के अल्टीमेटम देने के कुछ ही घंटों बाद शिवसेना ने कहा कि वह किसी के दबाव में आकर फैसला नहीं करेगी।

भाजपा ने इस बार अपनी मांग बढ़ाते हुए राज्य विधानसभा की 288 में से 135 सीटों पर लड़ने की पेशकश की है जिसे शिवसेना ने ठुकरा दिया। भाजपा का यह अल्टीमेटम पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की गुरुवार सुबह कोल्हापुर में हुई दो टूक बातचीत की पृष्ठभूमि में आया है। इस बातचीत में कहा गया कि आत्मसम्मान की कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
भाजपा के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि पार्टी इस बात को लेकर खिन्न है कि 25 साल से सहयोगी रही शिवसेना ने इस बार अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के बारे में उसके प्रस्ताव पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 119 और शिवसेना ने 169 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बहरहाल, इस बार गठबंधन महायुति का आधार बढ़ गया है क्योंकि इसमें चार अन्य पार्टियां -आरपीआइ (अठावले), राष्ट्रीय समाज पक्ष, स्वाभिमानी शेतकारी पक्ष व लोकसंग्राम शामिल हो गई हैं।
भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी इस बात से विशेष तौर पर खिन्न है कि जब से 135 सीटों की मांग उद्धव से की गई है, उन्होंने न तो कोई उत्तर दिया और न ही भाजपा नेतृत्व के साथ कोई संवाद किया।
वास्तव में भाजपा की मांग का सीधे कोई उत्तर दिए बिना ठाकरे ने इस सप्ताह के शुरू में सार्वजनिक तौर पर इसे खारिज कर दिया। भाजपा सूत्रों ने कहा कि वे गठबंधन के लिए इच्छुक हैं लेकिन पार्टी अनंतकाल तक प्रतीक्षा नही कर सकती। कोई निर्णय किया जाना चाहिए क्योंकि गठबंधन के सीट बंटवारा फार्मूले के आधार पर ही रणनीति तैयार की जाएगी।
इससे पहले बुधवार रात मुंबई में भाजपा के कोर ग्रुप के बीच विस्तृत विचार विमर्श किया गया। इसमें अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पार्टी महासचिव व महाराष्ट्र प्रभारी राजीव प्रताप रूड़ी, भाजपा राज्य चुनाव प्रभारी ओम माथुर व राज्य नेताओं ने भाग लिया। समझा जाता है कि कोर ग्रुप की बैठक में भाजपा के चुनाव में अकेले उतरने की स्थिति के लिए ‘प्लान बी’ पर भी विचार विमर्श हुआ। वहीं गुरुवार को कोल्हापुर में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आत्मसम्मान की कीमत पर कोई समझौता नहीं होगा।
उधर भाजपा के अल्टीमेटम देने के कुछ ही घंटों बाद शिवसेना ने कहा कि वह किसी के दबाव में आकर फैसला नहीं करेगी। शिवसेना सांसद संजय राउत ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘हम अपने आत्मसम्मान पर कोई समझौता नहीं करेंगे। हमने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की और गठबंधन पर चर्चा की। शिवसेना किसी के अल्टीमेटम को नहीं मानती। अंतिम फैसला सिर्फ और सिर्फ उद्धव ठाकरे करेंगे।’

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