ताज़ा खबर
 

शिकंसेन: भारत की सबसे तेज ट्रेन से भी ज्यादा रफ़्तार है इस ट्रेन की, आज नरेंद्र मोदी करेंगे सफर

शिंकंसेन 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इससे आगे सिर्फ चीन की 'एरोप्लेन ट्रेन' है। वह 431 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है।
तोक्यो स्टेशन पर खड़ी शिंकंसेन ट्रेन। फोटो-एपी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के दौरे पर हैं। वह शुक्रवार यानी आज जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से तोक्यो में मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के बाद शिंजो आबे और पीएम मोदी तोक्यो से जापान की हाई स्पीड ट्रेन शिकंसेन (जापान की बुलेट ट्रेन) में बैठकर कोबे तक जाएंगे। यह सफर 530 किलोमीटर का है। इसे शिंकंसेन ट्रेन तीन घंटे में पूरा करेगी। जापान ने 1964 में पहली हाई स्पीड ट्रेन लाइन बिझाई थी। उनकी ट्रेन की स्पीड 210 किलोमीटर प्रति घंटा थी जिसने ऑस्ट्रेलिया की हाई स्पीड ट्रेन को पछाड़ दिया था। लगभग 50 साल बाद अब जापान अपनी तकनीक को दुनिया में बेचना चाहता है। इसमें ऑस्ट्रेलिया भी शामिल है। ऐसे में जानना जरूरी है कि शिंकंसेन ट्रेन की क्या खासियत हैं। जानिए शिंकंसेन ट्रेन के बारे में –

1. हमेशा वक्त पर चलती है: इस ट्रेन को हमेशा वक्त पर चलाया जाता है। चाहे तूफान और भूकंप की स्थिति ही क्यों ना हो इसे 60 सेकेंड से ज्यादा लेट नहीं किया जाता। अगर ट्रेन एक मिनट भी लेट हो जाती है तो ड्राइवर को लिखित में इसकी जानकारी देनी पड़ती है।

वीडियो: लोकल ट्रेन में RPF जवानों और गुंडों के बीच हुई हाथापाई; सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

 

2. सबसे तेज ट्रेनों में से एक: यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इससे आगे सिर्फ चीन की ‘एरोप्लेन ट्रेन’ है। वह 431 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है।

3. 51 साल में कोई एक्सीडेंट नहीं: शिंकंसेन ट्रेन की एक खासियत यह है कि इतनी स्पीड से चलने के बावजूद इससे अबतक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। पटरी पर आई किसी गाड़ी में टक्कर या फिर छोटे-मोटे एक्सीडेंट को छोड़ दें तो।

4. ‘7 मिनट’ का जादू: शिंकंसेन ट्रेन में गंदगी की कोई जगह नहीं है। इसको साफ करने के लिए स्टाफ लाइन लगाकर बाहर खड़ा रहता है। वे सात मिनट में पूरी ट्रेन को लंबी यात्रा के लिए चमका देते हैं। सफाई कर्मचारियों में महिला गुलाबी और पुरुष नीले कपड़े पहनकर ट्रेन के बाहर इंतजार करते देखे जा सकते हैं।

5. हवाई सफर से बेहतर ? जापानी लोग 800 किलोमीटर से कम के किसी भी सफर के लिए शिंकंसेन ट्रेन का ही उपयोग करते हैं।

शिकंसेन का वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग