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न्यूज चैनल ने स्टिंग में किया दावा, PoK के अफसर ने माना- सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तानी सेना ने भी खोए 5 जवान

वरिष्ठ पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी ने LoC पर हुई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक की बात को माना है और बताया कि इसमें आतंकवादियों के साथ 5 पाकिस्तानी सैनिकों की भी मौत हुई।
पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया कि स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों के शवों को पाकिस्तानी सेना ने तुरंत हटा दिया था।

पीओके में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। एक टीवी रिपोर्ट के स्टिंग ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ है, जिसमें एक वरिष्ठ पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी ने LoC पर हुई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक की बात को माना है और बताया कि इसमें आतंकवादियों के साथ 5 पाकिस्तानी सैनिकों की भी मौत हुई। समाचार चैनल ‘CNN न्यूज 18’ ने बुधवार को पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खुलासे के हवाले से यह जानकारी दी है।

न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, गुलाम अकबर नाम के इस पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी से चैनल के इन्वेस्टिगेशन एडिटर मनोज गुप्ता ने उच्चाधिकारी बनने का नाटक कर उससे सारी जानकारी उगलवाई। मीरपुर रेंज के पुलिस अधीक्षक (स्पेशल ब्रांच) गुलाम अकबर को रिकॉर्डिंग में यह कहते हुए साफ सुना जा सकता है कि 29 सितम्बर की रात कई सेक्टरों में सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। स्टिंग ऑपरेशन में गुलाम अकबर ने कहा, “सर, वह रात का समय था। रात 2 बजे से सुबह 4 या 5 बजे तक तकरीबन 3-4 घंटे तक हमला होता रहा।”

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अकबर ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तानी सेना को इस हमले की भनक तक नहीं थी और इसी वजह से पाकिस्तानी सेना ने भी 5 जवान खो दिए। अकबर ने इन पांच सैनिकों के नाम तक बताए, हालांकि चैनल ने इन नामों को टेलिकास्ट नहीं किया। इसके अलावा यह भी बताया कि स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों के शवों को पाकिस्तानी सेना ने तुरंत हटा दिया था। इसके बाद अकबर ने इन जगहों के नाम भी बताए जहां सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। उसने कहा कि उस रात भीमबेर के समाना, पुंछ के हाजिरा, नीलम के दूधनियाल तथा हथियान बाला के कायानी में हमले हुए। अकबर ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना ने इन इलाकों की घेराबंदी भी की। उसने यह भी कहा कि पाकिस्तानी आर्मी शवों को एंबुलेंस में भरकर ले गई और कई को गावों में ही दफना दिया।

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बता दें कि इससे पहले हमारे सहयोगी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर खुलासा किया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में LoC के पार रहने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने पिछले सप्ताह आतंकवादी कैंपों पर हुई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का आंखों देखा हाल बताया। प्रत्यक्षदर्शियों ने विस्तार से बताया है कि किस तरह सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों के शव को 29 सितंबर की अल सुबह, ट्रकों में भर कर ले जाया गया। चश्मदीदों के मुताबिक कम वक्त में हुई सेना की ताबड़तोड़ फायरिंग में आतंकवादी कैंप नेस्तेनाबूद हो गए। हालांकि, उन लोगों का मानना है कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों को उतना नुकसान नहीं हुआ जितना की इंडियन आर्मी और अबतक मीडिया द्वारा बताया जा रहा है।

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