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BS बस्सी की जगह दिल्ली के नए IPS होंगे आलोक वर्मा

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा दिल्ली पुलिस के अगले आयुक्त होंगे। वह मौजूदा पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी की जगह लेंगे जो 29 फरवरी को सेवानिवत्त हो रहे हैं।
Author नई दिल्ली | February 18, 2016 00:55 am
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा दिल्ली पुलिस के अगले आयुक्त होंगे

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा दिल्ली पुलिस के अगले आयुक्त होंगे। वह मौजूदा पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी की जगह लेंगे जो 29 फरवरी को सेवानिवत्त हो रहे हैं।

केंद्र शासित क्षेत्र कैडर के 1979 बैच के 58 वर्षीय अधिकारी वर्मा फिलहाल तिहाड़ जेल के महानिदेशक हैं और वह 17 महीनों तक राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष पुलिस अधिकारी के पद पर सेवा देंगे।

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने वर्मा के नाम को दिल्ली पुलिस के अगले आयुक्त के रूप में हरी झंडी दिखा दी है और जल्द ही एक औपचारिक आदेश आने की संभावना है। वर्मा ऐसे वक्त में प्रभार संभालेंगे जब दिल्ली पुलिस जेएनयू विवाद से निपटने को लेकर गंभीर आलोचना का सामना कर रही है।

पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में सोमवार को हुई हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में कथित तौर पर धीमी गति से आगे बढ़ने को लेकर भी बस्सी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

नये पुलिस आयुक्त को अरविंद केजरीवाल सरकार से निपटना होगा क्योंकि साल भर पहले आप के सत्ता में आने के बाद से दिल्ली पुलिस का उससे असहज संबंध रहा है।

 

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  1. D
    Dinesh Singh
    Feb 17, 2016 at 11:08 pm
    भगवन का शुक्र है इस बदजात आदमी की शकल देखने को अब नहीं मिलेगी. इससे ज्यादा गिरा हुआ और बेशर्म आदमी मैंने नहीं देखा है अब तक.
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  2. A
    Ashwini Ramesh
    Jun 4, 2014 at 11:18 am
    आप ी कह रहे हैं ! बहत जल्दी किसी के बारे में नकारात्मक या नैराश्य वाली सोच क्यों हो ! हम लोग एक ही ढर्रे के आदी हो गए हैं और उससे बाहर निकलने का प्रयास ही नहीं करना चाहते ,यह देखते हुए भी कि मरुमरीचिका से आखिर कब तक खुद को ठगते रहेंगे !
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  3. A
    Ashwini Ramesh
    Jun 4, 2014 at 11:12 am
    आपके विचार ी है !किसी एक या दो बातों से किसी के भी विषय में नकारात्मक सोच और नैराश्य उचित नहीं ! लोग एक ढर्रे से बाहर का रास्ता न तलाश कर मरुमरीचिका में ही दिल को तस्सली दे रहें है ! !
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  4. M
    Mohammad Khursheed Akram Soz
    Jun 4, 2014 at 4:32 pm
    दरअसल, वर्षों से राजनेताओं के मालिकपन को बर्दाश्त कर रहे लोगों के बीच साधारण की महिमा अनुकूल नहीं बैठती। हम चाहते हैं कि सांसद-विधायक हमारे ऊपर राज करें और हम उनके हर ी-गलत की प्रशंसा करते जाएं। वे इतने विशिष्ट बने रहें कि हमें अपने ऊपर के शासन का पता लगता रहे। हम शोषण ती रिआया रहें और वे बेफिक्र राजा। उनके खिलाफ बोलने का हम सपना ही न देखें। अतीत में भी इस सपने को देखने की कोशिशें हुर्इं, आज लाखों लोग ऐसा सपना भी देख रहे हैं और उसे सच में बदलता हुआ भी।
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  5. o
    o.p.singh
    Jun 4, 2014 at 12:00 pm
    चुनाव होते रहते hai.परन्तु her बार चुनाव में जनता harti hai.iss बार भी जनता चुनाव में hari hai yeh कहना सायेद जवोट दिया haiल्दबाज़ी hogi.bharat की जनता को जातिवादी राजनीती पसंद nahi,use communal एवं कम्युनिस्ट भी पसंद nahi.hindustan की जनता ने iss बार विकास ko,rastriya swabhiman को वोट दिया hai.muh की खाए huye neta और unke samarthk media phir se jati ka jahar gholne ka prayas kar rahi hai.jaha tak arvind kejriwal की baat hai unhone iss चुनाव में bharat birodhi takto ka agent और unki antim aasha a
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