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आरएसएस की महिला शाखा की महासचिव ने कहा- शादी पवित्र बंधन है, “मैरिटल रेप” नाम की कोई चीज़ नहीं होती

उन्होंने महिलाओं संबधी कई और भी मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी समस्या महिलाओं की सुरक्षा, दहेज, शोषण, घूंघट और भ्रूण हत्या की है। घर में शराब पीने वाले पुरुष भी चिंता का विषय हैं।"
Author November 11, 2016 10:16 am
आरएसएस की महिला शाखा की महासचिव सीता आनंदम।

आरएसएस की महिला शाखा की महासचिव सीता आनंदम ने कहा है कि समाज में मैरिटल रेप (वैवाहिक बलात्कार) नाम की कोई चीज नहीं होती। उन्होंने कहा कि शादी एक पवित्र बंधन हैं, जिसमें ऐसी चीजों की कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह बात दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम से पहले हमारे सहयोगी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस से विभिन्नो मुद्दों पर की गई बातचीत में कही। उन्होंने कहा, “मैरिटल रेप जैसी कोई चीज नहीं होती। शादी पवित्र बंधन है। एक साथ रहते हुए परम सुख का अनुभव करना चाहिए। जहां सभी लोग इस बात को समझने लगे, तभी से सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।” उन्होंने महिलाओं संबधी कई और भी मुद्दों पर बात की।

महिलाओं के लिए चुनौती के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी समस्या महिलाओं की सुरक्षा, दहेज, शोषण, घूंघट और भ्रूण हत्या की है। घर में शराब पीने वाले पुरुष भी चिंता का विषय हैं। जो शख्स शराब में डूबा रहे वह घर की जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। जिस वजह से सारी जिम्मेदारियां महिला के कंधे पर आ जाती है। पूरे देश में शराब पर बैन लगाना चाहिए।” इसके अलावा सीता आनंदम ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को एक समान न्याय मिलना चाहिए और कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमने तीन तलाक के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से और समुदाय में जो कुछ चल रहा है, ऐसा होना चाहिए। समस्या समुदाय के अंदर पैदा हुई है और इसलिए इसका समाधान भी अंदर से आना चाहिए।

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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के 90 साल पूरे होने के एक साल बाद इसकी महिला शाखा ने भी 80 साल पूरे कर लिए। आरएसएस की स्थापना 1925 में विजय दशमी के दिन की गई थी, वहीं महिला शाखा “राष्ट्र सेविका समिति” को भी विजय दशमी के ही दिन 1936 में शुरू किया गया था। अपने स्थापना दिवस को मनाने के लिए समिति ने हाल ही में दिल्ली में तीन दिन का एक कार्यक्रम रखा था। इस कॉन्फ्रेंस में गोवा के राज्यपाल मृदुल सिन्हा, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और आरएसएस के सरसंघ प्रचारक मोहन भागवत व अन्य शामिल हुए थे।

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