ताज़ा खबर
 

एससी-एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप में घोटाला, 10 करोड़ बंट गए लेकिन कई लाभार्थियों ने परीक्षा ही नहीं दी थी

फिलहाल निगरानी टीम ने अभी तक आंध्रप्रदेश के ​​शिक्षण संस्थानों की जांच कर पाई है। जबकि बिहार सहित अन्य राज्यों की जांच होनी बाकी है।
बिना भारत आए 350 विदेशी छात्रों पीएचडी की डिग्री हासिल की

देश के अलग-अलग राज्यों में कई शिक्षण संस्थानों में छात्रों को करोड़ों रुपये स्कॉलरशिप बंटने के नाम धांधली का मामला सामने आया है। करीब 31 तकनीकी संस्थानों में 10 करोड़ की स्कॉलरशिप बांटी गई लेकिन इन शिक्षण संस्थानों में छात्रों के नामों में गड़बड़ी पाई गई। जिन शिक्षण संस्थानों में यह स्कॉलरशिप के मामले में गड़बड़ी समाने आई है उनमें बिहार, आंध्र प्रदेश, पंजाब,ओडिशा, मध्यप्रदेश और तेलंगाना राज्यों के नाम शामिल हैं।

यह स्कॉलरशिप अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों में बांटी गई थी। शुरूआती जांच में पता चला हैं कि जिन छात्रों को यह स्कॉलरशिप दी गई है उनमें से कई छात्रों ने इन संस्थानों में परीक्षा ही नहीं दी है। इसके अलावा दूसरा पहलु यह है कि इनमें से कई छात्र तो ऐसे है जिनके माता-पिता मजदूर है और उनके हालात ऐसे नहीं है कि वह अपने बच्चों को इन तकनीकी संस्थान में दाखिला दिला सकें। कुछ नाम ऐसे थे जिन्होंने नामांकन के थोड़े समय बाद ही संस्थान छोड़ दिया है।

फिलहाल निगरानी टीम ने अभी तक आंध्रप्रदेश के शिक्षण संस्थानों की जांच कर पाई है। जबकि बिहार सहित अन्य राज्यों में इसकी की जांच होनी बाकी है। अगर इन शिक्षण संस्थानों में अनियमितता पाई गई तो दूसरी प्राथमिकी दर्ज की जाएंगी। छात्रों को यह स्कॉलरशिप साल 2013-2014 के बीच दी गर्इ थी। विशाखापट्नम में भी 15 छात्रों को स्कॉलरशिप दी गई थी लेकिन जांच में पता चला की इन छात्रों परीक्षा ही नहीं दी थी

स्कॉलरशिप के इस घोटाले में कल्याण विभाग के अधिकारियों, तकनीकी संस्थानों और एनजीओ मिलीभगत होने की बात सामने निकलकर आ रही है। इन संस्थानों के झूठे कागजों में कई  गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसके अलावा एनजीओ ही संस्थानों और कल्याण् विभाग के बीच बिचौलियों का काम करते थे। यहीं बिचौलिए ही सीधे-साधे ग्रामीण छात्रों का इन तकनीकी संस्थानों में नामांकन और स्कॉलरशिप का ठेका का लेते थे।

वीडियोः दिनदहाड़े बैंक से 10 लाख रुपये लूटने वालों का सीसीटीवी फूटेज आया सामने

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. i
    indian(ncr)
    Dec 22, 2016 at 10:30 am
    तो इन शिक्षण संसंथानों और इन घोटालो के दलालो पर कार्यवाही होगी
    (0)(0)
    Reply