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टोल फ्री ही रहेगा नोएडा डीएनडी, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से किया इनकार

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने टोल कंपनी पर सख्त टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि 10 किलोमीटर की सड़क को ऐसे बता रहे हैं, जैसे चांद तक सड़क बनाई हो।
डीएनडी से गुजरते वाहन। (Photo-PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा-दिल्ली को जोड़नेवाले डीएनडी फ्लाईवे को फिलहाल टोल फ्री रखने का ही फैसला किया है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है जिसमें हाई कोर्ट ने टोल कंपनी से टोल टैक्स वसूलने पर रोक लगा दी थी और टोल प्लाजा को फ्री कर दिया था। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट दिवाली के बाद फैसला लेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर ही तय करेंगे कि क्या CAG या किसी स्वतंत्र एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए या नहीं। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने टोल कंपनी पर सख्त टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि 10 किलोमीटर की सड़क को ऐसे बता रहे हैं, जैसे चांद तक सड़क बनाई हो।

गौरतलब है कि एनसीआर क्षेत्र के लाखों यात्रियों को राहत देने वाले फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया था कि आठ लेन वाले और 9.2 किलोमीटर लंबे ‘दिल्ली नोएडा डायरेक्ट’ (डीएनडी) फ्लाईओवर का प्रयोग करने वालों से अब टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। न्यायमूर्ति अरूण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने आदेश सुनाते हुए ‘फेडरेशन आफ नोएडा रेजीडेंट्स वेल्फेयर एसोसिएशन’ द्वारा दायर जनहित याचिका का अनुरोध स्वीकार किया। साल 2012 में दायर जनहित याचिका में नोएडा टोल ब्रिज कंपनी द्वारा उपयोगकर्ता शुल्क के नाम पर टोल लगाने और संग्रहण को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने आठ अगस्त को इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था। इस फ्लाइओवर पर साल 2001 में वाहनों का संचालन शुरू हुआ था।

वीडियो देखिए-फ्री रहेगा डीएनडी 

अदालत ने कहा कि नोएडा टोल ब्रिज कंपनी के अपने वित्तीय लेखाजोखा से साफ है कि उसने योजना शुरू होने से लेकर 31 मार्च 2014 तक टोल आय से करीब 810.18 करोड़ रूपये वसूले और संचालन एवं रखरखाव खर्चा तथा कारपोरेट आयकर हटाने के बाद यह राशि 578.80 करोड़ रूपये है। उच्च न्यायालय ने कहा कि अत: हम इस बात पर संतुष्ट हैं कि कंपनी अब नोएडा टोल ब्रिज डीएनडी फ्लाईओवर के यात्रियों से उपयोगकर्ता शुल्क वसूल नहीं सकती।

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