December 03, 2016

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NDTV बैन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब सुनवाई की कोई जल्दी नहीं, बैन स्थगित हो जा चुका है

न्यूज चैनल एनडीटीवी हिंदी के मामले पर मंगलवार (8 नवंबर) को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब सुनवाई की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि मिनिस्ट्री ऑफ ब्रॉड्कास्टिंग ने लगाए गए बैन को हटा लिया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

न्यूज चैनल एनडीटीवी हिंदी के मामले पर मंगलवार (8 नवंबर) को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब सुनवाई की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि मिनिस्ट्री ऑफ ब्रॉड्कास्टिंग ने लगाए गए बैन को रोक लिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी। गौरतलब है कि सरकार ने लगाई गई रोक को सोमवार यानी कल ही वापस लिया था। इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालय समिति की सिफारिश के बाद एनडीटीवी इंडिया न्यूज चैनल को आदेश दिया था कि वह एक दिन (9 नवंबर) के लिए प्रसारण रोके। समिति ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर इस साल जनवरी में हुए आतंकी हमले की कवरेज के संदर्भ में चैनल पर कार्रवाई की सिफारिश की थी।

इसका अधिकतर पत्रकारों ने विरोध किया था। एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने शुक्रवार (4 नवंबर) को अपने प्राइम टाइम में भी इस मुद्दे को उठाया था। हर बार जहां रवीश अपने शो में गंभीर किस्म के मुद्दों को लेकर बहस करते नजर आते थे वहीं इस बार उन्होंने दो मूक कलाकारों को बुलाकार मूक अभिनय करवाया। पूरे शो में रवीश ही बोलते रहे थे और दोनों मूक कलाकार अपने मूक अभिनय का प्रदर्शन करते रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में रवीश दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण का जिक्र करते हैं।

उसके बाद वह बात को घुमा-फिराकर उनके चैनल पर लगे बैन पर ले आते हैं। प्राइम टाइम की शुरुआत रवीश बोलते हैं, ‘ “जब हम सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो क्या करेंगे” कहते हैं। दिल्ली में सरकारी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है। गुड़गांव के भी कुछ स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है। हवा ही कुछ ऐसी है कि अब जाने क्या क्या बंद करने का फैसला किया जाएगा। हम जागरूक हैं। हम जानते भी हैं। आज बच्चा बच्चा पीएम के साथ साथ पीएम 2.5 के बारे में जानने लगा है। मगर हो क्या रहा है। इस सवाल को ऐसे भी पूछिये कि हो क्या सकता है। अभी अभी तो रिपोर्ट आई थी कि कार्बन का भाई डाई आक्साईड का हौसला इतना बढ़ गया है कि अब वो कभी पीछे नहीं हटेगा। दिल्ली की हवा आने वाले साल में खराब नहीं होगी बल्कि हो चुकी है। अब जो हो रहा है वो ये कि ये हवा पहले से ज्यादा खराब होती जा रही है। दरअसल जवाब तो तब मिलेगा जब सवाल पूछा जाएगा, सवाल तो तब पूछा जाएगा जब नोटिस लिया जाएगा, नोटिस दिया नहीं जाएगा।’

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First Published on November 8, 2016 3:06 pm

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