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विजय माल्‍या को गिरफ्तार करवाना चाहता है SBI, दिल्‍ली हाई कोर्ट से भी मिला झटका

एसबीआई के एक अधिकारी के मुताबिक, माल्‍या ने देश छोड़कर लंदन में सेटल होने का फैसला किया है।
एसबीआई ने माल्‍या का पासपोर्ट जब्‍त करने, उन्‍हें अरेस्‍ट करने, कर्जदाताओं को उनकी रकम वापस दिलाना सुनिश्‍च‍ित करने और इस कारोबारी के देश-विदेश में स्‍थ‍ित सारी संपत्‍त‍ि की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कारोबारी विजय माल्‍या की गिरफ्तारी की मांग की है। बैंक यह भी चाहता है कि माल्‍या का पासपोर्ट जब्‍त कर लिया जाए। एसबीआई ने डेब्‍ट रिकवरी ट्र‍िब्‍यूनल (डीआरटी) से मांग की है कि कर्ज न चुकाने वाले यूबी ग्रुप के प्रमोटर माल्‍या के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसबीआई के एक अधिकारी के मुताबिक, माल्‍या ने देश छोड़कर लंदन में सेटल होने का फैसला किया है।

बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने वाले 17 बैकों की अगुआई करने वाला स्‍टेट बैंक फिलहाल डीआरटी के शरण में है। बैंक इस एयरलाइंस के चेयरमैन से 7000 करोड़ रुपए की रिकवरी करना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, एसबीआई ने बेंगलुरु में डीआरटी के समक्ष चार एप्‍ल‍िकेशन दिया है। इसमें माल्‍या का पासपोर्ट जब्‍त करने, उन्‍हें अरेस्‍ट करने, कर्जदाताओं को उनकी रकम वापस दिलाना सुनिश्‍च‍ित करने और इस कारोबारी के देश-विदेश में स्‍थ‍ित सारी संपत्‍त‍ि की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। बैकों द्वारा डीआरटी के शरण में जाने की तात्‍कालिक वजह माल्‍या को डियाजियो से अलग होने की एवज में मिलने वाले 75 मिलियन डॉलर (करीब पांच सौ करोड़ रुपए) रकम की है। बैंक इस रकम पर अपना पहला हक जता रहे हैं।

हाईकोर्ट ने नहीं दी माल्‍या को राहत 

डियाजियो के मालिकाना हक वाली यूनाइटेड स्‍प‍िरिट्स लिमिटेड का चेयरमैन पद छोड़ने के लिए माल्‍या को यह रकम दी जा रही है। बैंक ने माल्‍या को विलफुल डिफाल्‍टर (इरादतन कर्ज न चुकाने वाला) घोषित कर रखा है। उधर, दिल्‍ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को विजय माल्‍या और यूनाइटेड ब्रूउरीज (होल्‍ड‍िंग) लिमिटेड की एस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें एसबीआई की ओर से विलफुल डिफॉल्‍टर का करार दिए जाने को चुनौती दी गई है। दिल्‍ली हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला उनके न्‍यायक्षेत्र में नहीं आता इसलिए वे माल्‍या को राहत नहीं दे सकते।

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  1. S
    Sidheswar Misra
    Mar 4, 2016 at 3:38 am
    एक देश का किसान अपने खेतो की सिचाई के लिए पम्प या कृषि ओजार बैंक से कर्ज ले कर खरीदता है समय से कर्ज नहीं दे पता तो आप सभी अखबारों में पड़ते की उस किसान का खेत नीलामी की तारीख बैंक तय कर देता है लेकिन इसी देश में राजीतिक दलाल पूँजीपति हजारो करोड़ बेंको का कर्ज नहीं देते कही भी इनकी सम्पति का नीलामी नोटिस किसी अख़बार में निकल रहा है यही कर्ज खोर राष्ट्र भक्त भी है जितना बेंको का कर्ज हड़प लो उतने बड़े आप राष्र्ट भक्त कहलाओ गे.
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    1. J
      Janardhan Rao Maddu
      Jul 17, 2014 at 4:51 am
      कांग्रेस की औकात ही ऐसी नहीं है की इनको कोई किसी प्रकार का महत्व दे. इन्हे चिल्लाने दो. किसके के पास समय है इनकी सुनने की ?
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      Reply
      सबरंग