March 25, 2017

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मोदी सरकार की एक्‍सपर्ट कमेटी ने लगाई सरस्‍वती नदी के अस्तित्‍व पर मुहर, एक-तिहाई हिस्‍सा पाकिस्‍तान में

अधिकारी ने दावा किया कि नदी का एक तिहाई हिस्सा अभी पाकिस्तान में है।

Author October 15, 2016 20:01 pm
इसका दो-तिहाई हिस्सा अर्थात करीब 3000 किलोमीटर भारत में है।

सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने पाया है कि सरस्वती नदी अस्तित्व में थी, जिसे अब तक केवल मिथक समझा जाता रहा है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि सरकार रिपोर्ट पर कार्रवाई करेगी और जिसे उनके अनुसार ‘चुनौती नहीं दी जा सकती है।’ सरकार को रिपोर्ट सौंपते हुए समिति का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर के एस वल्दिया ने कहा, ‘‘हम लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि सरस्वती नदी अस्तित्व में थी और बहती थी। यह हिमालय से निकलकर पश्चिमी सागर की खाड़ी में मिलती थी।’’ प्रतिष्ठित भूवैज्ञानिक वल्दिया ने कहा कि यह नदी हरियाणा, राजस्थान और उत्तरी गुजरात से होकर बहती थी। इसके लिए समिति ने भूमि की बनावट का अध्ययन किया। केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कच्छ के रण के रास्ते पश्चिमी सागर में मिलने से पहले वह पाकिस्तान से होकर गुजरती थी और नदी की लंबाई करीब 4,000 किलोमीटर थी।

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अधिकारी ने दावा किया कि नदी का एक तिहाई हिस्सा अभी पाकिस्तान में है। इसका दो-तिहाई हिस्सा अर्थात करीब 3000 किलोमीटर भारत में है। अपनी रिपोर्ट में सात सदस्यीय समिति ने कहा कि नदी की दो शाखाएं थी- पश्चिमी और पूर्वी। अतीत में हिमालय से निकलने वाली सतलुज नदी प्राचीन सरस्वती नदी की पश्चिमी शाखा को दर्शाती है। वहीं मरकंडा और सरसुती इसके पूर्वी शाखा को दिखलाती हैं।

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First Published on October 15, 2016 8:01 pm

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