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व्यापमं घोटाला: कांग्रेस-भाजपा विधायकों में मारपीट

व्यापमं घोटाले को लेकर मंगलवार को मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे को सीने में दर्द की शिकायत हुई और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कटारे ने आरोप लगाया कि विधानसभा परिसर में भाजपा के दो विधायकों ने उन्हें घूंसा मारा, जिसके कारण उन्हें यह तकलीफ हुई।
Author July 22, 2015 09:31 am
मंगलवार को मप्र विधानसभा परिसर में एक-दूसरे से उलझते कांग्रेस और भाजपा विधायक (फोटो: भाषा)

व्यापमं घोटाले को लेकर मंगलवार को मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे को सीने में दर्द की शिकायत हुई और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कटारे ने आरोप लगाया कि विधानसभा परिसर में भाजपा के दो विधायकों ने उन्हें घूंसा मारा, जिसके कारण उन्हें यह तकलीफ हुई।

विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने सदन में व्यापमं मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बाद कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी थी। इसके बाद सदन के मुख्य द्वार के बाहर कांग्रेस के विधायक सुंदरलाल तिवारी व अन्य विधायक मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

तभी भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता, रामेश्वर शर्मा और मनोज पटेल व अन्य विधायक ‘कांग्रेस की गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ के नारे लगाते हुए वहां पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों में हाथापाई होने लगी। इसमें कांग्रेस के विधायक रजनीश ठाकुर, मधु भगत सहित कुछ मीडिया के लोग गिर पड़े।

इस घटना के बाद तिवारी ने बताया कि मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा विधायकों ने मुझे पीछे से पकड़ कर घसीटा और धमकी दी कि तुम व्यापमं पर बहुत आवाज उठाते हो। हम तुम्हें देख लेंगे। विधानसभा में विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे ने कहा कि भाजपा विधायकों ने मुझे भी धक्का दिया। हम इस हरकत की घोर निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि हम इस मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे। इसके बाद कटारे (60) को सीने में दर्द की शिकायत हुई और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। कटारे ने आरोप लगाया कि विधानसभा परिसर में भाजपा के दो विधायकों ने उन्हें घूंसा मारा था, जिसके कारण उन्हें यह तकलीफ हुई है। हालांकि दोनों भाजपा विधायकों सुदर्शन गुप्ता और मनोज पटेल ने कटारे के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का उन पर लगाया गया घूंसा मारने का आरोप पूरी तरह से निराधार और असत्य है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे भोजन करते वक्त कटारे को सीने की दायीं तरफ दर्द हुआ। उन्होंने हमें बताया कि भाजपा के दो विधायकों गुप्ता और पटेल ने विधानसभा परिसर में उन्हें घूंसा मारा था। चतुर्वेदी ने बताया कि कटारे की पसलियों का स्कैन किया गया है ताकि उसमें हुई किसी अंदरूनी चोट का पता चल सके। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों ने कटारे को फिलहाल अस्पताल में रहने की सलाह दी है।

दूसरी ओर इंदौर से भाजपा के विधायक सुदर्शन ने कहा- मैं कटारे से करीब 10 फीट दूर था, मैंने उन्हें छुआ तक नहीं। कटारे का आरोप पूरी तरह से निराधार और असत्य है। सुदर्शन ने दावा किया कि वे कांग्रेसी विधायकों की नारेबाजी के बीच वहां घिरीं भाजपा की महिला विधायकों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कटारे तो काफी समय से बीमार चल रहे हैं।
इंदौर के ग्रामीण क्षेत्र देपालपुर से विधायक पटेल ने कटारे के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि हो सकता है गुटों में बंटी कांग्रेस के कटारे विरोधी गुट के किसी आदमी ने उन्हें मारा हो। उन्होंने कहा कि पूरी घटना विधानसभा परिसर के कैमरों में रिकार्ड है, इसकी जांच कर सत्य का पता लगाया जा सकता है।

व्यापमं घोटाले को लेकर मंगलवार को राज्य विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया जिसकी वजह से प्रश्नकाल तक नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही पहले दस मिनट और फिर समूचे प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस सदस्यों के इस आचरण को लेकर विधायी मामलों के मंत्री की ओर से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा गया जिसे सदन ने पारित कर दिया। सदन में जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, कांग्रेस के सुंदरलाल तिवारी व अन्य व्यापमं घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को लेकर आसन के समक्ष आ गए और नारेबाजी एवं हंगामा करने लगे।

अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने इस दौरान कई बार कांग्रेस सदस्यों को अपनी-अपनी सीटों पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया, लेकिन कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी लगातार चलती रही। इसी बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। दस मिनट बाद कार्यवाही शुरू होने पर भी सदन में यही स्थिति रही। इस पर विधायी मामलों के मंत्री डा. नरोत्तम मिश्र ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों के आचरण को लेकर उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव रख दिया। शोरगुल, नारेबाजी और हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने एक बार फिर सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल की शेष अवधि के लिए स्थगित कर दी।

उसके बाद सदन की बैठक शुरू होने पर भी कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी जारी रही । इस दौरान अध्यक्ष डा. शर्मा ने कार्यसूची का पूरा काम निपटाया और विधायी कार्य मंत्री डा. मिश्र की ओर से कांग्रेस पक्ष के खिलाफ प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव सदन में पढ़ कर सुनाया। प्रस्ताव में कहा गया था कि विपक्ष ने आज प्रश्नकाल नहीं चलने दिया और सदन का महत्त्वपूर्ण समय बर्बाद किया। कांग्रेस सदस्यों के इस व्यवहार और कृत्य की सदन निंदा करता है।

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