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संघ प्रचारक मनोहर लाल खट्टर होंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री

चंडीगढ़। सुर्खियों से दूर रहकर संगठन के लिए काम करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय प्रचारक रहे मनोहर लाल खट्टर हरियाणा में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे जहां लंबे समय तक जाट राजनीति हावी रही। खट्टर को मंगलवार को सर्वसम्मति से प्रदेश भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया जो 26 अक्तूबर को […]
Author October 22, 2014 07:55 am
मनोहर लाल खट्टर हरियाणा में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे

चंडीगढ़। सुर्खियों से दूर रहकर संगठन के लिए काम करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय प्रचारक रहे मनोहर लाल खट्टर हरियाणा में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे जहां लंबे समय तक जाट राजनीति हावी रही। खट्टर को मंगलवार को सर्वसम्मति से प्रदेश भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया जो 26 अक्तूबर को शपथ लेंगे।

खट्टर गैर जाट नेता हैं और पंजाबी समुदाय से राज्य के पहले मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें मंगलवार को सर्वसम्मति से हरियाणा भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया जिससे राज्य में पार्टी का पहला मुख्यमंत्री बनने का उनका मार्ग प्रशस्त हो गया। राज्य के अस्तित्व में आने के बाद बीडी शर्मा, राव वीरेंद्र सिंह, बीडी गुप्ता और भजन लाल गैर जाट समुदाय के मुख्यमंत्री रहे हैं।

 

पार्टी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि चंडीगढ़ में पार्टी के नवनिर्वाचित 47 विधायकों की बैठक में खट्टर को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू के साथ शर्मा भी मौजूद थे जिन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भेजा था। दोपहर को वेंकैया नायडू, दिनेश शर्मा, पार्टी नेता कैलाश विजयवर्गीय, जगदीश मुखी, अनिल जैन, राम विलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु, खट्टर समेत भाजपा का शिष्टमंडल राजभवन पहुंचा और राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के समक्ष अगली सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए उन्हें पत्र सौंपा।

 

राज्यपाल ने उनका दावा स्वीकार कर लिया और खट्टर को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। खट्टर 26 अक्तूबर को शपथ लेंगे। इस बीच 90 सदस्यीय सदन में 47 सीटों के साथ पहले से ही स्पष्ट बहुमत प्राप्त भाजपा को बसपा और तीन निर्दलीय विधायकों ने भी समर्थन दे दिया।
पहले मुख्यमंत्रियों का शपथग्रहण समारोह चंडीगढ़ में आयोजित होता रहा है, लेकिन इस बार समारोह पंचकुला में ताऊ देवीलाल स्टेडियम में सुबह के समय आयोजित होगा।

 

भाजपा ने खट्टर को करनाल सीट से उम्मीदवार बनाया था जिसे सुरक्षित सीट माना जाता है और इससे ही पंजाबी सुमदाय के इस नेता के बारे में पार्टी की योजनाओं का संकेत मिलता है। नायडू ने कहा- खट्टर हमारे वरिष्ठ, जमीन से जुड़े नेता और संगठन के आदमी हैं। उन्होंने विभिन्न दायित्वों में काम किया है। उन्होंने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में काम किया और पार्टी के हरेक दायित्व का निर्वाह किया। उन्होंने हरियाणा के लोगों को आश्वस्त किया कि केंद्र अगली राज्य सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा।

 

बहरहाल, पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल कैप्टन अभिमन्यु, अनिल विज, राम विलास शर्मा, ओपी धनखड़ को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।

 

नायडू ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में खट्टर व अन्य सहयोगियों से विचार विमर्श के बाद फैसला किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री और गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह के समर्थकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार करने के लिए पार्टी पर दबाव बनाया था क्योंकि वे अहिरवाल पट्टी के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। इस क्षेत्र में पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा दोनों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

 

केंद्रीय मंत्री और फरीदाबाद के सांसद केपी गुर्जर बैठक स्थल पर मौजूद थे लेकिन कांग्रेस से हाल में भाजपा में आए राव इंद्रजीत सिंह और वीरेंद्र सिंह को नहीं देखा गया। हालांकि, वीरेंद्र सिंह की पत्नी और उचाना कलां से नवनिर्वाचित विधायक प्रेम लता सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए उनके पति के नाम पर विचार किया जाना चाहिए था।

 

इस बीच, बसपा के एकमात्र विधायक टेक चंद शर्मा (पृथला सीट)और तीन निर्दलीय विधायक रविंद्र माछरौली (समाल्खा), रइस खान(पुन्हाना)और दिनेश कौशिक(पुंडरी) ने राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को भाजपा को समर्थन देने का पत्र सौंप दिया। खट्टर पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। 14 साल तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में काम करने के बाद वह भाजपा में आए। रोहतक जिले में जन्मे खट्टर ने करनाल सीट से चुनाव लड़ा और 63,736 मतों के भारी अंतर से निर्वाचित घोषित किए गए। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है।

 

मुख्यमंत्री पद के एक अन्य आकांक्षी रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राम विलास शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने खट्टर के नाम का प्रस्ताव किया जिसका कैप्टन अभिमन्यु और प्रेम लता (कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले वीरेंद्र सिंह की पत्नी) समेत कई विधायकों ने समर्थन किया। खट्टर के इस पद के लिए चुने जाने से हरियाणा में 18 साल बाद कोई गैर जाट नेता मुख्यमंत्री बनेगा।

 

इससे पहले गैर जाट समुदाय से मुख्यमंत्री बनने वाले अंतिम नेता भजन लाल थे जो 1991 से 1996 तक इस पद पर रहे। उनके बाद बंसीलाल, ओम प्रकाश चौटाला (दो बार)और भूपेंद्र सिंह हुड्डा(दो बार)जैसे जाट नेता मुख्यमंत्री बने। इस बार हरियाणा में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 47, इनेलो को 19, कांगे्रस को 15, एचजेसी-बीएल को दो और बीएसपी व अकाली दल को एक-एक सीट मिलीं। निर्दलीय के खाते में पांच सीटें गर्इं।

 

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