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संघ ने लगातार दूसरे दिन की दलितों पर हमलों की निंदा

संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने एक बयान में कहा कि हम समाज के सभी वर्गों से उन तत्वों से सजग रहने की अपील करते हैं जो सामुदायिक सौहार्द और विश्वास के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं।
Author नई दिल्ली | August 9, 2016 02:51 am
राष्ट्रीेय स्वसंसेवक संघ (File Photo)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने लगातार दूसरे दिन दलितों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘अमानवीय’ करार दिया और राज्य सरकारों से ‘सामुदायिक सौहार्द व परस्पर विश्वास बिगाड़ने’ की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया। हालांकि आरएसएस के आनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने गोरक्षा से संबंधित अपना कार्य जारी रखने का निश्चय प्रकट किया और कहा कि वह लंबे समय से यह कर रहा है और आगे बी इसे जारी रखेगा। आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने एक बयान में कहा कि हम समाज के सभी वर्गों से उन तत्वों से सजग रहने की अपील करते हैं जो सामुदायिक सौहार्द और विश्वास के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। हम प्रशासन से ऐसे व्यक्तियों व समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद करते हैं जो कानून तोड़ते हैं। जोशी आरएसएस के प्रमुख (सरसंघचालक) मोहन भागवत के बाद संगठन में दूसरे नंबर पर आते हैं।

यहां अहम बात यह है कि आरएसएस ने दलितों पर हमले की निंदा करते हुए रविवार (7 अगस्त) को भी बयान जारी किया था। जोशी ने कहा कि दलितों का उत्पीड़न व कानून अपने हाथ में लेना न इसके लिए काम करते रहेंगे। आरएसएस और विहिप के बयान दलितों पर हमला करने वालों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कड़ी निंदा किए जाने की पृष्ठिभूमि में आए हैं। मोदी ने कहा था, ‘यदि आपको गोली ही चलानी है तो मुझ पर चलाइए लेकिन मेरे दलित भाइयों पर हमला बंद कीजिए।’

दलितों पर हमले और गोरक्षकों के मुद्दे पर विपक्ष के तेज होते तीखे हमलों के बीच मोदी ने शनिवार (6 अगस्त) व रविवार (7 अगस्त) को दो दिन लगातार फर्जी गोरक्षकों की समाज में तनाव और टकराव पैदा करने की कोशिश की कड़ी निंदा की थी और राज्यों से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया था। जोशी ने कहा कि कई राजनीतिक दल व विभिन्न जातियों के नेता अधकचरी जानकारियां फैलाकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं जो सौहार्द के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने बयान में कहा कि पीड़ितों के साथ हमदर्दी प्रकट करने के साथ ही इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि ऐसी घटनाएं हो ही नहीं।

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