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मोहन भागवत बोले- आरएसएस नहीं करता ट्रोलिंग का समर्थन

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि उनका संगठन ट्रोलिंग और नेट पर आक्रामक आचरण का समर्थन नहीं करता, क्योंकि यह गरिमा के अनुकूल नहीं होते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत।

सरसंघचालक मोहन भागवत ने आज कहा कि उनका संगठन ट्रोलिंग और नेट पर आक्रामक आचरण का समर्थन नहीं करता, क्योंकि यह गरिमा के अनुकूल नहीं होते हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 50 से भी अधिक देशों के राजनयिकों से मुलाकात की और उनके साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। समारोह में मौजूद प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश के ट्वीट के अनुसार, भागवत ने कहा कि ट्रोलिंग गरिमा के अनुकूल नहीं होते। हम ऐसे आक्रामक व्यवहार का समर्थन नहीं करते। हम ट्रोलिंग और नेट पर आक्रामक आचरण का समर्थन नहीं करते।

भावगत ने समारोह के दौरान सवालों के जवाब भी दिये। एक अन्य ट्वीट में प्रकाश ने सरसंघचालक को उद्धृत किया। इसमें कहा गया है कि संघ परिवार भेदभाव में विश्वास नहीं करता। बिना भेदभाव के देश की एकजुटता, दुनिया की एकजुटता हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आरएसएस स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों में 1.70 सेवा परियोजनाएं चला रहा है।

भाजपा के साथ अपने संबंधों के बारे में एक सवाल के जवाब में भाजपा महासचिव राम माधव ने आरएसएस प्रमुख के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि न तो संघ बीजेपी को चलाता है और न बीजेपी संघ को, दोनों एक-दूसरे से सलाह मशविरा करते हैं। इस समारोह का आयोजन इंडिया फाउंडेशन ने किया था, जिसके निदेशक राम माधव और प्रकाश हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों से देश में ट्रोलिंग की घटनाएं बढ़ती नजर आई हैं। पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद देखने में आया था कि इंटरनेट पर दो पक्ष खड़े हो गए थे। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे को लगातार काफी समय तक ट्रोल करते रहे। इस बीच इस तरह के सवाल भी उठने लगे थे कि सत्ता पक्ष और आरएसएस विपक्ष को चुप कराने के लिए ट्रोलिंग का सहारा ले रही है। अब सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि इंटरनेट ट्रोलिंग हमारी गरिमा और आरचरण के अनुकूल नहीं है। देखना है कि विपक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

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