April 30, 2017

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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने किया राम मंदिर का समर्थन, संगठन के यूपी प्रमुख ने कहा- हक के साथ आओ, अयोध्या विवाद सुलझाओ…

एमआरएम के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि "ये पहली मस्जिद थी जिसने इस्लाम का नाम बदनाम किया। इसका नाम एक ऐसे आदमी के नाम पर रखा गया जो विदेशी और अत्याचारी था।"

Author April 21, 2017 13:14 pm
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रमुख इंद्रेश कुमार (सफेद कुर्ते में) मुस्लिम नेताओं के साथ। (तस्वीर-Vishal Srivastav)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा समर्थित संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) ने गुरुवार (20 अप्रैल) को अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने का समर्थन किया। लखनऊ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए एमआरएम के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने मंदिर निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि वहां कभी नमाज नहीं पढ़ी जाती थी क्योंकि उसे नापाक माना जाता है और ईश्वर ऐसी जगह पर पढ़ी गयी नमाज कबूल नहीं करेगा।

इंद्रेश कुमार ने कहा कि गिरायी जा चुकी बाबरी मस्जिद का नाम पहले मुगल बादशाह बाबर के नाम पर रखा गया था और किसी धार्मिक स्थल का नाम किसी इंसान के नाम पर रखना सही नहीं है।  कुमार ने कहा कि “ये पहली मस्जिद थी जिसने इस्लाम का नाम बदनाम किया। इसका नाम एक ऐसे आदमी के नाम पर रखा गया जो विदेशी और अत्याचारी था।” कुमार आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। कार्यक्रम में मौजूद कुछ मुस्लिम मौलवियों ने भी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया।

एमआरएम के उत्तर प्रदेश प्रभारी इस्लाम अब्बास ने कहा कि अदालत से बाहर मामले का निपटारा करने का सुप्रीम कोर्ट का सुझाव एक अच्छा मौका है। अब्बास ने कहा, “राम इस देश की आस्था के केंद्र हैं।” उन्होंने कहा, “हक के साथ आओ, अयोध्या विवाद सुलझाओ। खुशहाल भारत बनाओ।” कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता स्वामी चिन्मयानंद ने दावा किया कि भाजपा नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का मस्जिद गिरवाने का कोई “इरादा नहीं था” और उनके खिलाफ “राजनीतिक कारणों” से मुकदमा दर्ज कराया गया।

चिन्मयानंद ने कहा कि “मुझे आडवाणी और जोशी की मंशा पता है क्योंकि आंदोलन के पीछे पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी थी….मैं उसका सदस्य था। ढांचे को गिराने का फैसाल कभी नहीं लिया गया…इस पर चर्चा भी नहीं हुई थी।” वीएचपी मार्गदर्शक मंडल के सदस्य चिन्मयानंद ने कहा उनके खिलाफ केस किया जा सकता था क्योंकि वो राम जन्मभूमि संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक थे लेकिन उन पर मुकदमा न करके आडवाणी और जोशी पर किया गया। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से पूछा, “तो क्या इसके पीछे राजनीति नहीं थी?” कुमार ने कार्यक्रम में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को असंवैधानिक और गैर-इस्लामिक बताया और तीन तलाक पर उसके रुख की आलोचना की।

वीडियो: बीजेपी सांसद विनय कटियार ने एक बार फिर उठाया राम मंदिर का मुद्दा; कहा- "इसके बिना विकास बेकार

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First Published on April 21, 2017 11:33 am

  1. M
    manish agrawal
    Apr 23, 2017 at 7:50 am
    Ashok Singhalji ne Ramjanmbhumi Aandolan ko lead kiya aur Manniya Lalkrishna Advaniji ne RAM RATHYATRA nikalkar,isko Janandolan banaya.ye dono hi leaders Saarvjanik Jeevan main bilkul bedaag rahe.BJP govt ko chahiye ki Ashok Singhalji aur Manniya Lalkrishna Advaniji ko BHARATRATN se sammanit kare kyuki in dono vibhutiyon ne Ramjanmbhumi Aandolan ke maadhyam se Hindostan ke crores of Hindus ko jaagrut aur ekikrut karne ka mahaan karya kiya.kayi centuries ki Muslims aur Britishers ki gulami aur phir Congress & left parties ke prabhaav main rahane se Hindu-Dharma,supt avasthaa mai aa a thaa lekin Ashok Singhalji aur Manniya Advaniji ne us Hindutva ko jhakjhor ke jagaa diya,isi wazah se Hindu-Virodhi parties ka janaaja nikalta ja raha hai aur Rashtravaad ka Surya uday ho raha hai ! iska sara credit Ashok Singhalji aur Manniya Lalkrishna Advaniji ko jata hai.Murlimanohar Joshiji,Vinay Katiyarji,Uma Bhartiji,Sadhvi Ritambhara,Mahant Awaidynath aur laakhon k vak sadhubaad ke paatra hai
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