December 11, 2016

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टैक्सी ड्राइवर के जन धन खाते में आए 9,806 करोड़ रुपए, बैंकवालों ने पासबुक रखवाकर वापस भेजा

बलविंदर सिंह ने बताया कि वह कई बार बैंक गए लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। उन्होंने मेरी पासबुक ले ली और बाद में मुझे नई पासबुक जारी कर दी गई।

टैक्सी ड्राइवर के खाते में आए 9800 करोड़ रुपए। (Photo Source: Videograb)

पंजाब के रहने वाले एक टैक्सी ड्राइवर के जनधन अकाउंट में अचानक से हजारों करोड़ रुपए आ गए है। इसे देखकर वो हैरान रह गया। 4 नवंबर को टैक्सी ड्राइवर बलविंदर सिंह के स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के अकाउंट में करीब 9,806 करोड़ रुपए आ गए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद टैक्सी ड्राइवर बैंक मैनेजर के पास गया तो मैनेजर ने उसकी पासबुक अपने पास रखकर वापस भेज दिया और तीन दिन बाद नई पासबुक दे दी।

बलविंदर सिंह ने बताया कि वह कई बार बैंक गए लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। उन्होंने मेरी पासबुक ले ली और बाद में मुझे नई पासबुक जारी कर दी गई। उन्होंने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अपना खाता खोला था। मेरी खाते में 3000 रुपए के करीब रहते थे। उन्होंने कहा कि जब मैंने ब्रांच मैनेजर रविंदर कुमार से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। हालांकि बैंक मैनेजर संदीप गर्ग ने इस मामले में सफाई दी है। उन्होंने बताया कि खाता धारक बैंक का वेंडर है। वह रोज बैंक के लिए टैक्सी सर्विस देता था। जिसके एवज में उसको प्रतिदिन 200 रुपए मिलते थे जो कि उसके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि एक अस्सिटेंट मैनेजर ने गलती से बैंक के आंतरिक बही खाता का अकाउंट नंबर डाल दिया। इस गलती को अगले दिन देखा गया तो एंट्री को सही कर दिया गया।

डिप्टी कमिश्नर भूपिंदर सिंह राय ने मामले की पुष्टि की। एक अधिकारी ने बताया कि इसमें कोई शक नहीं है कि कई बार बैंक कर्मियों की लापरवाही सामने आ चुकी है। मामले की जांच अस्सिटेंट कमिश्नर प्रीतिपाल सिंह के नेतृत्व में बरनाला, संगरुर और पटियाला इनकम टैक्स विभाग की टीम कर रही है। वहीं बैंक की ओर से कहा गया है कि इस मामले में जिसकी की गलती सामने आएगी, उसकी खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद यह खबर सामने आई थी कि लोग काला पैसा छुपाने के लिए जन-धन खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद से जन-धन खातों में 21 हजार करोड़ रुपए जमा हुए थे। जिसके बाद वित्त मंत्रालय को लगा कि नोटबंदी के बाद जनधन खातों के जरिए कुछ लोग अपने काले धन को सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं। वित्त मंत्रालय की नजर ऐसे संदिग्ध खातों पर हैं और इनपर कभी भी कार्रवाई की जा सकती है।

वीडियो: नोटबंदी के बाद जनधन खातों में जमा पैसे का वित्तीय खुफिया एजेंसी ने बैंकों से मांगा विस्तृत ब्योरा

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First Published on November 29, 2016 2:28 pm

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