December 10, 2016

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चार्टर्ड फ्लाइट में हरियाणा से नगालैंड भेजे गए 3.5 करोड़ के पुराने नोट, सीआईएसएफ ने किया जब्त, उसके बाद लापता हुई रकम

कैश की सूचना इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दी थी और खुफिया जानकारी के आधार पर सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) जवानों ने इसे जब्त कर लिया था।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

सेंट्रल इंटेलिजेंस और इनकम टैक्स एजेंसियां इस समय एक अजीब परिस्थिती से जूझ रही हैं। दरअसल हरियाणा से 3.5 करोड़ कीमत के पुराने नोट एक प्राइवेट चार्टेड प्लेन में भरकर नगालैंड भेजे गए थे। 500 और 1000 रुपए के नोटों में मौजूद इस रकम को नगालैंड के दीमापुर में जब्त कर लिया गया था। लेकिन फिर यह रकम लापता हो गई। कैश की सूचना इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दी थी और खुफिया जानकारी के आधार पर सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) जवानों ने इसे जब्त कर लिया था। इसके बाद स्थानीय इनकम टैक्स स्टाफ को आगे की कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। लेकिन बाद में यह कैश गायब हो गया।

इनकम टैक्स अधिकारी का दावा किया कि यह पैसा सीआईएसएफ के पास था। वहीं, सीआईएसएफ के अधिकारी इस वाकये से दंग रह गए क्योंकि आईटी ऑफिसर ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका नकदी के गायब होने से कुछ लेना-देना नहीं है। सीआईएसएफ ने इस मामले की जानकारी इंटेलिजेंस ब्यूरो और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स विभाग को दे दी है। रकम ले जा रहे प्लेन में बिहार का एक बिजनेसमैन अमरजित कुमार सिंह सवार था, जिसके पास से यह पैसा मिला है। हरियाणा के हिसार से आए इस चार्टेड प्लेन को वापस नई दिल्ली भेज दिया गया।

एक सूत्र के मुताबिक, अमरजित ने सीआईएसएफ को बताया था कि दिल्ली के किसी बड़े आदमी ने यह पैसा नगालैंड के एक बिजनेसमैन के लिए भेजा था। दीमापुर लैंड करने वाले इस प्लेन में अमरजित सिंह के साथ एक अन्य महिला भी सवार थी। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर प्रहार करते हुए हाल ही में 500 और 1000 के पुराने नोटो को चलन से बाहर कर दिया। ऐसे में लोग कालेधन को ठिकाने लगाने में लगे हुए है। हरियाणा और इसकी सीमाओं पर इन दिनों चैकिंग चल रही है, मगर कुछ लोग नकदी को ठिकाने लगाने के लिए अब हवाई मार्ग का रास्ता भी अपनाने लगे हैं।

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First Published on November 23, 2016 10:21 am

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