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रोहिणी सालियान के आरोपों को एनआइए ने किया खारिज, वीडियो देखें

मालेगांव बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने गुरुवार को विशेष लोक अभियोजक रोहिणी सालियान के उस आरोप को गलत बताया कि..
Author June 26, 2015 09:19 am
मालेगांव बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने गुरुवार को विशेष लोक अभियोजक रोहिणी सालियान के उस आरोप को गलत बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद एजंसी ने उनसे इस मामले में नरम रुख अपनाने को कहा था।

मालेगांव बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने गुरुवार को विशेष लोक अभियोजक रोहिणी सालियान के उस आरोप को गलत बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद एजंसी ने उनसे इस मामले में नरम रुख अपनाने को कहा था।

सालियान ने आरोप लगाया है कि एनआइए के एक अधिकारी ने खुद उनसे मुलाकात की और मामले में आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाने को कहा। हालांकि सालियान ने उनसे मिलने वाले अधिकारी का नाम बताने से इनकार कर दिया।

एनआइए के महानिदेशक शरद कुमार ने गुरुवार को कहा कि आरोपियों को लेकर किसी भी तरह की नरमी का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि अभी तो मामले की सुनवाई शुरू भी नहीं हुई है। ऐसे में आरोपियों के प्रति नरम या सख्त रुख अपनाने का कोई सवाल ही नहीं है। हमने तीन आरोपियों की हिरासत में पूछताछ के लिए अर्जी लगाई थी, जो अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस बीच हमारा जांच का काम भी चल रहा है। हमारा कोई आदमी सालियान से नहीं मिला है।

सालियान के आरोपों से इनकार करते हुए एनआइए ने दो पेज का एक स्पष्टीकरण भी जारी किया है। इसमें इस बात से इनकार किया गया कि एजंसी के किसी अधिकारी ने सालियान को कोई अनुचित सलाह दी है। एनआइए ने कहा-‘एनआइए विशेष लोक अभियोजक को, एजंसी के किसी अधिकारी द्वारा अनुचित ब्रीफिंग जारी करने या जिन एनआइए मामलों को वह देख रही हैं उनके अभियोजन कार्यों में अड़चन पैदा करने से पूरी तरह से इनकार करती है।’

इस कार्य से उन्हें मुक्त नहीं किए जाने के दावे के बारे में एनआइए ने कहा कि उन्हें गैर अधिसूचित करने का काम शुरू हो चुका है।

वीडियो में देखें पूरी स्टोरी…

एनआइए ने दावा किया कि विशेष लोक अभियोजक का काम तब शुरू होता है जब जांच एजंसी सुनवाई अदालत में आरोपपत्र पेश कर देती है। इसमें कहा गया कि 2008 का मालेगांव विस्फोट मामला अभी तक सुनवाई के स्तर पर नहीं पहुंचा है। लिहाजा यह कहना गलत है कि अदालत में पेश होने के लिए सालियान की अनदेखी कर दी गई।

उधर रोहिणी सालियान रोजाना की तरह ही गुरुवार को अदालत पहुंचीं। उन्होंने पत्रकारों से कहा- सब कुछ अदालत में हुआ है। आप अंदर जाइए और अब एनआइए से सवालों के जवाब मांगिए। खबर वहां है। सालियान ने कहा कि अब गेंद एनआइए के पाले में है। पता नहीं लोग क्यों और ज्यादा मुझसे क्यों जानना चाहते हैं। अब उनकी (एनआइए) की बारी है बोलने की।

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मालूम हो कि वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित शामिल हैं। इन 12 व्यक्तियों में से चार जमानत पर हैं। एनआइए ने इस मामले को 2011 में अपने हाथ में लिया था और बाद में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। 29 सितम्बर 2008 को हुए मालेगांव विस्फोट में चार व्यक्ति मारे गए थे और 79 अन्य घायल हो गए थे।

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