ताज़ा खबर
 

पत्रकार ने आसाराम से पूछा- आप किस श्रेणी के बाबा हैं, जवाब मिला- मैं गधा हूं

बापू आसाराम नाबालिग के साथ रेप करने के मामले में अभी जेल में बंद है।
नाबालिग के साथ बलात्कार का आरोपी बापू आसाराम।(Photo Source: Indian Express Archive)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की फर्जी बाबाओं की लिस्ट में बलात्कार आरोपी आसाराम को शामिल होने के सवाल पर आसाराम ने खुद को ‘गधा’ बताया है। गुरुवार को बाबा आसाराम कथित रूप से नाबालिग लड़की के साथ रेप करने के मामले में कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा था। वहां पर मौजूद एक पत्रकार ने पूछा, ‘अखाड़ा परिषद ने कहा है कि आसाराम न तो संत है और न ही प्रवचनकर्ता है तो किस श्रेणी के बाबा हैं।’ इस सवाल पर बापू आसाराम भड़क गया। पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए बाबा आसाराम ने कहा कि ‘मैं गधों की श्रेणी में आता हूं।’

हालांकि, उसने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद पर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं दी। जब आसाराम इससे पहले पेशी पर आया था, तब भी उससे यह सवाल पूछा गया था। लेकिन आसाराम उस वक्त ना बोलने का इशारा करते हुए, सवाल का जवाब दिए बिना वहां से निकल गया। आसाराम ने कहा था कि उसकी तबियत सही नहीं है, इसलिए वे बोल नहीं पाएगा।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हालही में देशभर के 11 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है। इलाहाबाद में अपनी कार्यकारिणी की बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इन बाबाओं की ये सूची जारी की थी। इस लिस्ट में आसाराम बापू उर्फ आशुमल शिरमलानी, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत सिंह राम रहीम सच्चा डेरा, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलप्रीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ओम नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं और राम पाल के नाम शामिल हैं।

बता दें, आश्रम में एक नाबालिग के साथ रेप करने के मामले अगस्त 2013 में जोधपुर पुलिस ने बापू आसाराम को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद चार साल से आसाराम जेल में ही बंद है। आसाराम ने कई बार कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है, लेकिन उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद कई और महिलाएं भी सामने आई थीं, जिन्होंने आसाराम पर रेप का आरोप लगाया था। आसाराम के जेल जाने के बाद उसके बेटे नारायण सांईं को भी यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। सूरत की दो महिलाओं ने नारायण सांईं पर आरोप लगाया था कि उनके साथ उसने सूरत के आश्रम में रेप किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. K
    krishna
    Sep 23, 2017 at 9:38 pm
    मौलवियों और पादरियों ने दुष्कर्म किये हैं परंतु फिर भी मीडिया के इसपर कोर्इ ‘ब्रेकिंग न्यूज’ नहीं दिए ? ना कोर्इ सेक्युलर, मानवाधिकार तथा स्त्री-मुक्ति संगठन के कार्यकर्ता इस विषयपर कुछ कहते तो फिर निर्दोष हिंदू संतों पर इतना बवाल क्यों
    (0)(0)
    Reply
    1. K
      krishna
      Sep 22, 2017 at 11:45 pm
      मीडिया का केवल यही उद्देश्य है कि कैसे भी करके भारतीय संस्कृति को खत्म कर दिया जाये इसलिए हिन्दुओं के धर्मगुरुओं को टारगेट किया जा रहा है जिससे उनके ऊपर जो करोड़ो लोगों की आस्था है वो टूट जाये और पश्चिमी संस्कृति को अपना ले । बिना सबूतों के ही मीडिया हिंदू संतों पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर पब्लिक को बहका रहा है।
      (0)(0)
      Reply
      1. U
        Ujwala patil
        Sep 21, 2017 at 12:18 pm
        संत ज्ञानेश्वरजी,संत तुकांरामजी कौनसे आखाडे मे जाते थे??क्या उन्होने प्रमाण लिया था किसी से संत होने का?? फ़िर भी वह नंबर 1संत है।बापूजी भी वैसे ही संत है जिनपर अभी हयात मे अत्याचार हो रहे है। संत ज्ञानेश्वरजी,संत तुकारामजी जब हयात थे तब उनपर भी ढोंगी पाखंडी बाबाओं ने ऐसेही अत्याचार किये। संत हयात होते है तब समाज सोया हुआ रहता है, संत जग से जाने के बाद उनकी कदर की जाती है। जागो हिन्दुओ।
        (0)(1)
        Reply
        1. एबीसी
          Sep 19, 2017 at 2:36 am
          Well who made akhada parishad apex body of Sanatan Dharma? Who the are these to certify a saint who has done more to save and propogate Sanatan Dharma than all these aghoris combined
          (0)(1)
          Reply
          1. G
            Ganesh
            Sep 18, 2017 at 8:38 pm
            मिडीया अपना ईमान बेच चुका है।निर्दोष बापूजी को बदनाम करने के लिए मिशनरीज से पैसे मिलते है मिडीयावालोंको!ऐसी पैसा TRP की भूखी मिडीया देश से गद्दारी कर रही है।
            (0)(2)
            Reply
            1. A
              anita harwani
              Sep 18, 2017 at 6:44 pm
              AntiHinduAajTak n all other media channels owned by foreigners used various tools like image morphing , photoshop etc to fabricate news about hindu saints . Stop harassing Innocent Pujya Aasaram Bapuji,He is framed in a Big Conspiracy by missionaries n Paid Indian Media ४२० Actually Akhara Parishad people are Ordinary people,Not saints therefore doing DRAMAS .Now Hindu Saint Mahasabha declared them fake …Salute to Chakrapani Maharaj.
              (1)(0)
              Reply
              1. R
                Renuka
                Sep 18, 2017 at 6:12 pm
                अधितकर मीडिया चैनलों के मालिक विदेशी है इसीलिए हिन्दुत्व को तोड़ने की गहरी साजिश में मिले हुए है। #AntiHindu​AajTak​
                (1)(0)
                Reply
                1. S
                  Shruti Solanke
                  Sep 18, 2017 at 5:33 pm
                  पैसों के लिए अपना ईमान बेच चुके जैसों के कारण ही आज सच्ची पत्रकारिता हुई लुप्त। we look forward to get the real news not such stories
                  (2)(0)
                  Reply
                  1. S
                    Shruti Solanke
                    Sep 18, 2017 at 5:31 pm
                    People dont even understand what asaramji bapu were saying.. He is a great saint and he does not need people to agree to it. Whatever he does is just for the goodness of society and in that case when reporters go and ask him the same stupid questions to him again and again.. How much irritating it would have been for him... It actually doesnt matter to him what you people think about him.. One should be ashamed of irritating such a great saint as well as an such aged person
                    (2)(0)
                    Reply
                    1. J
                      jaysree nagar
                      Sep 18, 2017 at 5:26 pm
                      #AntiHindu​AajTak this bogus news channels found various ways to create detachment of society vd great Saints. s: t.co/BGGz3Oph2X
                      (3)(0)
                      Reply
                      1. D
                        Deepak sahu
                        Sep 18, 2017 at 4:56 pm
                        AntiHindu​ media makes bogus fake stories of hindu Saints and defame them.
                        (3)(0)
                        Reply
                        1. P
                          Priya
                          Sep 18, 2017 at 4:34 pm
                          झूठी न्यूज़ जैसे के लोगों को पता ही न हो कि सच क्या है बेशर्म मीडिया।
                          (3)(0)
                          Reply
                          1. B
                            biren borah
                            Sep 18, 2017 at 4:10 pm
                            दिल्ली : रविवार को #जंतर-मंतर पर #हिन्दू महासभा एवं अन्य #हिन्दू संगठनों ने अखाड़ा परिषद द्वारा जारी की गई 14 बाबाओ की फर्जी लिस्ट वाली सूची के खिलाफ #विशाल #धरना दिया । इस धरने में कई सुप्रतिष्ठित हस्तियां, कई उच्चकोटि के साधु-संत एवं सामाजिक कार्यकर्ता पहुँचे । सभी ने अखाड़ा परिषद द्वारा जारी की गई फर्जी बाबाओं की लिस्ट पर भारी रोष जताया व विरोध प्रगट किया ।
                            (4)(0)
                            Reply
                            1. S
                              Surender Kumar
                              Sep 18, 2017 at 3:23 pm
                              न्याय देर से मिलना भी अन्याय है| अगर कोई व्यक्ति 4-5 वर्षों के बाद निर्दोष वापस आ जाए तो क्या कानून उस व्यक्ति का जेल में बिताया गया 4-5 वर्ष का समय लौटा सकता है? शायद नहीं | ऐसे ही पिछले 4 वर्षों से 81 वर्ष के बुजुर्ग संत पूज्य आशाराम जी बापू को बिना किसी सबूत के जोधपुर जेल में रखा गया है| शायद सरकार और कानून इस बात से नहीं जानते है, कि एक ब्रह्मज्ञानी संत को सत्संग से रोकना समाज को कितना पीछे धकेलता है !
                              (2)(0)
                              Reply
                              1. S
                                Surender Kumar
                                Sep 18, 2017 at 3:22 pm
                                Whether media is called forth pillar of democracy but Indian media has no right to be called fortg pillar of democracy bcoz it is proved to be biased, corrupt anti Hindu. Basis of humanity is moral values. If u have moral values then only u can do something for welfare of humanity. Today media is targeting eminent Hindu Saint Asaram Bapu Ji who is serving humanity last 50 years, helping affected people in natural calamities, helping poor tribal people, giving spiritual knowledge, serving cows, reviving spreading Ayurveda etc. Media itself not doing anything for humanity but ready to point out such a great Saint. See its at ude! Why Hinduism is targeted. If u see minutely, u will find that media defames Hindu saints by broadcasting fake news but never covers crimes of Maluvis Padris. If u compare on moral basis, Hindu saints r far better than Maluvis Padris. So today media should change its mentality. It should broadcast greatness of हिन्दुइस्म.
                                (2)(0)
                                Reply
                                1. N
                                  nishant
                                  Sep 18, 2017 at 3:07 pm
                                  24. संत नारसिंह मेहता जी को भी ब्राह्मणों ने बहिष्कार किया था तो क्या वे संत नही थे? आज भी वे करोड़ो के हृदय में बसे है । वो समाज अभागा है जो सच्चे संतों की महिमा नहीं समझ रहा !! उनके साथ हो रहे अन्याय को नहीं समझ रहा !! संत तो संत होते हैं कोई उन्हें माने या न माने, इससे उनकी आंतरिक स्थिति पर कोई अन्तर नहीं पड़ता पर जो समाज उनकी हयाती में उनसे फायदा नहीं उठा पाया तो ये उस समाज का दुर्भाग्य है । स्वामी विवेकानंद को लोगों ने नहीं पहचाना तो इसे विवेकानंद का क्या बिगड़ा..?? स्वामी रामतीर्थ को लोग नहीं समझ पाये तो इसे रामतीर्थ क्या बिगड़ा..?? महात्मा बुद्ध के साथ घिनौने षड़यंत्र किये गए तो इसे बुद्ध का क्या बिगड़ा..?? कबीर जी को बदनाम किया गया इसे कबीर जी का क्या बिगड़ा..?? #गुरुनानक के लिए लोग उल्टा-सीधा बोलते थे तो इसे नानक जी का क्या बिगड़ा..?? #समर्थ रामदास,एकनाथ महाराज,तुकाराम,ज्ञानेश्वर जी आदि आदि कितने संतों के नाम बताये जिनके हयातीकाल में उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया कि आज जब हम इतिहास पढ़ते हैं तो नजरें शर्म से झुक जाती हैं । पर उन #महापुरुषों का क्या बिगड़ा...???
                                  (2)(0)
                                  Reply
                                  1. A
                                    anita harwani
                                    Sep 18, 2017 at 3:05 pm
                                    Made all false news about INNOCENT Asaram Bapu Ji, AntiHinduAajTak, n all media channels owned by foreigners ,Shame for nation .संत चक्रपाणि और हिंदू महासभा के सभी संतों को नमन।अब ये उम्मीद जगी है कि हिंदुत्व के भी अच्छे दिन आएँगे एवं बापूजी के दर्शन भी जल्द होंगे। अच्छा हुआ, अखाड़ा परिषद् वालों को उनके किए की सजा मिल गई ।
                                    (1)(0)
                                    Reply
                                    1. P
                                      Priya
                                      Sep 18, 2017 at 3:04 pm
                                      Fake news
                                      (1)(0)
                                      Reply
                                      1. C
                                        Charusheela Joshi
                                        Sep 18, 2017 at 2:26 pm
                                        आसाराम बापूजी जैसे संत का कुप्रचार दुर्भाग्यपूर्ण है।हिंदू संतों ने विश्व मानव के कल्याण का काम किया है।ये हिंदू धर्म विरोधी लोगों की हिंदू धर्म नष्ट करने की साजिश है।हिंदू समाज मे अपने ही संतों के प्रति आस्था तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिससे हिंदू धर्म की जड़ हिलाके धर्मांतरण का काम साध्य हो सके। हिंदू सतर्क रहे।
                                        (1)(0)
                                        Reply
                                        1. A
                                          Anant Dev Prasad
                                          Sep 18, 2017 at 1:53 pm
                                          ऐसा लगता है कि देश की बिकाऊ और विदेशी मीडिया के पास खबरों का अकाल पड़ गया है केवल और केवल आसारामजी से संबंधित खबरों को तोड़ मरोड़कर समाज के सामने परोसना उसका एकमात्र उद्देश्य रह गया है समाज में फैले आतंकवाद ,महंगाई, नक्सलवाद , भ्रष्टचार की ओर ध्यान ही नहीं जाता इससे लोगों का मीडिया से मोह भंग होता जा रहा है अब लोगों को समझ आ रहा है कि मीडिया भी हिन्दू धर्म को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश में शामिल हो गया है दिनांक 17/9/2017 को दिल्ली के जंतर मंतर में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा का विरोध प्रदर्शन था जिसमें अखाड़ा परिषद के उस फैसले को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया गया जिसमें उसने चौदह बाबाओं को फर्जी घोषित किया था मैं मीडिया से पूछता हूँ क्या ये खबर नहीं था हाँ ये मीडिया के लिए बिल्कुल खबर नहीं था क्योंकि ये हिन्दू बाबाओं से संबंधित सकारात्मक खबर था मैं देश का नागरिक होने के नाते चाहता हूं कि मीडिया समाज की भलाई के लिए निष्पक्ष कार्य करे ताकि लोगों का उस पर विश्वास बना रहे
                                          (0)(0)
                                          Reply
                                          1. S
                                            Sameer
                                            Sep 18, 2017 at 12:51 pm
                                            Media is the biggest culprit in India he is not doing any journalism here, he is astraying people for trp
                                            (3)(0)
                                            Reply
                                            1. Load More Comments
                                            सबरंग