December 05, 2016

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पत्रकारिता में सर्वोत्कृष्ट योगदान के लिए आज दिए जाएंगे रामनाथ गोयनका पुरस्कार

इस साल सम्मानित होने वाले 37 पत्रकारों की खबरें देश के सभी कोनों- कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर, बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक से आती हैं।

Author नई दिल्ली | November 2, 2016 04:04 am
इंडियन एक्सप्रेस समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका जिनकी याद में और जिनके नाम पर रामनाथ गोयनका पत्रकारिता अवॉर्ड दिया जाता है।

पत्रकारिता में सर्वोत्कृष्ट मानदंड स्थापित करने वाली खबरों और पत्रकारिता से जुड़ी उपलब्धि के लिए 2015 का रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड यहां बुधवार को एक भव्य समारोह में दिया जाएगा। इस दफा यह अवार्ड कई बेहतरीन खबरों के लिए दिया जा रहा है। इनमें विधानसभा चुनाव से पहले सियासी भ्रष्टाचार से लेकर स्मार्ट सिटी के लिए तैयार हो रहे मणिपुर के गांव की दास्तां है। दिल्ली की हवा में घुलते जहर और इसकी वजह से जुड़ी खोजी खबरों की शृंखला है। कर्ज हड़पने वाले कारोबारी घरानों से जुड़ी खबरें हैं। ऐसी तीस उम्दा खबरें हैं जिनके लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है।

रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स प्रिंट-प्रसारण और आॅनलाइन पत्रकारिता में उम्दा काम के लिए(अंग्रेजी-हिंदी व अन्य भाषाओं में) दिया जाता है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2015 में 28 श्रेणियों में चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। दरअसल रामनाथ गोयनका अवार्ड भारतीय मीडिया कलेंडर में सबसे बड़ा सालाना आयोजन है। इंडियन एक्सप्रेस समूह की विरासत को महिमामंडित करने के लिए 2005 में रामनाथ फाउंडेशन ने इस अवार्ड की शुरुआत की थी। यह पुरस्कार पत्रकारिता में उत्कृष्टता और निजी तौर पर विशेष तौर पर योगदान देने वाले खबरनवीसों को मान्यता प्रदान करता है।

यह देश का सबसे बड़ा समाचार माध्यम पुरस्कार है और अब तक पचास समाचार संगठनों (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) के 300 खबरनवीसों को इस प्रतिष्ठत सम्मान से नवाजा जा चुका है। इस साल सम्मानित होने वाले 37 पत्रकारों की खबरें देश के सभी कोनों- कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर, बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक से आती हैं। ये दिखाती हैं कि भारत जितना विविधताओं वाला है, उतना ही जटिल भी। ये खबरें-रपट उन मुद्दों व सवालों पर रोशनी डालती हैं जिन पर बहस और पड़ताल की दरकार है। पुरस्कार की श्रेणियों में (प्रिंट और प्रसारण मीडिया) खोजी, राजनीतिक व खेल पत्रकारिता से लेकर फीचर लेखन व विश्लेषणात्मक आलेख तक शामिल हैं।

देश के सभी हिस्सों से आने वाली प्रविष्टियों के अंबार में से विजेताओं का चयन जूरी के लिए हमेशा से ही चुनौती रहा है। जूरी के एक सदस्य का कहना है कि, हमेशा की तरह कुछ तो बहुत ही अच्छी खबरें थीं और इससे विजेता का चयन काफी कठिन काम था। देश के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक होने के कारण इसकी व्यापकता और विस्तार को बनाए रखने की जरूरत है। इस साल के 37 अवार्ड विजेताओं का चयन पांच सदस्यों की जूरी ने किया है।

 

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First Published on November 2, 2016 4:03 am

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