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दलितों को आर्थिक आजादी देने के लिए प्रयासरत है केंद्र सरकार: पासवान

पासवान ने लोकसभा में देश में दलितों पर अत्याचार के विषय पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि दलितों की समस्या राजनीतिक नहीं है।
Author नई दिल्ली | August 11, 2016 22:24 pm
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान। (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने गुरुवार (11 अगस्त) को कहा कि दलितों की समस्या राजनीतिक नहीं है और केंद्र सरकार इस वर्ग को सामाजिक और आर्थिक आजादी देने के लिए काम कर रही है। पासवान ने लोकसभा में देश में दलितों पर अत्याचार के विषय पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि दलितों की समस्या राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबासाहब भीमराव अंबेडकर ने दलितों को राजनीतिक समानता के साथ ही सामाजिक और आर्थिक आजादी की भी बात कही थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार मु्रदा लोन, स्टैंडअप इंडिया समेत अनेक योजनाओं के साथ इस वर्ग को आर्थिक समानता देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलितों को दया का पात्र नहीं बनाना Þचाहिए।

पासवान ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने जानबूझकर शुरू से अंबेडकर को अपमानित किया और उन्हें लोकसभा में नहीं आने दिया। इस दौरान कांग्रेस के कुछ सदस्यों को विरोध दर्ज कराते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि गुजरात के उना को लेकर राजग सरकार को घेरा जा रहा है लेकिन कांग्रेस ने तब कुछ नहीं कहा था जब 2002 में हरियाणा के झज्जर में बड़ा दलित हत्याकांड हुआ था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतिहास में अत्याचार से पीड़ित दलित समुदाय के लोग मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध समेत अन्य धर्मों में गए लेकिन धर्म-परिवर्तन के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। पासवान ने कहा कि हिंदू धर्म लचीला है इसलिए शाश्वत तरीके से चल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दलितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इस समाज पर हमलों की घटनाओं से चिंतित है तभी प्रधानमंत्री ने आक्रोशित होकर बयान दिया है कि ‘दलितों को नहीं मारो, मुझे गोली मार दो।’ पासवान ने कहा कि विपक्ष को इसकी तारीफ करनी चाहिए, इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह पहले प्रधानमंत्री हैं जो मध्य प्रदेश के महू में भीमराव अंबेडकर के जन्मस्थान पर गए।

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