December 03, 2016

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डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए बोले बीजेपी नेता राम माधव- वह आतंकवाद से निपटने के ‘नए विचार’ ला सकते हैं

भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव का कहना है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूख भारत के प्रति दोस्ताना प्रतीत होता है।

Author November 22, 2016 17:30 pm

भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव का कहना है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूख भारत के प्रति दोस्ताना प्रतीत होता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ट्रंप आतंकवाद से निपटने के ‘नए विचार’ लाएंगे और कानून का शासन स्थापित करेंगे। भारत-अमेरिका के संबंधों की मौजूदा स्थिति के बारे में भाजपा के महासचिव राम माधव ने कहा कि ये संबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान नई ऊंचाई पर पहुंच माधव ने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि ये संबंध ट्रंप के प्रशासन में और अधिक आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘यदि ट्रंप के चुनाव पूर्व के बयान देखे जाएं तो ऐसा प्रतीत होता है कि वह भारत के प्रति दोस्ताना रूख रखते हैं। वह आम नेता नहीं लगते, इसलिए हम उनसे उम्मीद कर सकते हैं कि वह आतंकवाद से निपटने के लिए और कानून का शासन स्थापित करने के लिए नए विचार ला सकते हैं।’

माधव सत्ताधारी दल के ऐसे पहले वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के चयन के बाद भारत-अमेरिका संबंध पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने बेहद महत्वपूर्ण भारत-एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने पड़ोसी देशों का पर्याप्त विश्वास अर्जित किया है। फेडरेशन ऑफ इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज द्वारा आयोजित एक समारोह में माधव ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और ‘‘कानून एवं व्यवस्था’’ स्थापित करने के लिए अपने पड़ोसियों के साथ अपनी जिम्मेदारी समझता है। उन्होंने कहा कि लेकिन भारत अमेरिका से यह उम्मीद करता है कि वह क्षेत्र में व्यापार और सैन्य जुड़ाव धीमा करने के बजाय अहम भूमिका निभाना जारी रखे। वाशिंगटन के उपनगर में शुक्रवार को आयोजित समारोह में उन्होंने कहा, ‘क्षेत्रीय ताकतों को एक नेतृत्वकारी भूमिका अपनानी होगी, जिसमें अमेरिका मददगार की भूमिका में होगा।’

गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र के एक नेता ने भाजपा महासचिव राम माधव से अमेरिका में मुलाकात के दौरान कहा कि भारत को अपने विधायी संस्थानों में गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों के लिए गुंजाइश बनानी जानी चाहिए और मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों का मुद्दा बनाना चाहिए। माधव और गिलगित-बल्तिस्तान नेशनल कांग्रेस के निदेशक सेंगे सेरिंग के बीच बैठक के दौरान ‘‘स्थायी कश्मीर संकट’’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें उनका फोकस क्षेत्र में जारी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर था। माधव से मुलाकात के बाद सेरिंग ने कहा, ‘‘संवैधानिक अधिकार नहीं होने की वजह से गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है और पाकिस्तान कानूनी रूप से स्थानीय नागरिकता देने में अक्षम है। इसलिए भारत गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों के लिए अपने विधायी संस्थानों में गुंजाइश बनाए और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों का मुद्दा बनाने में सहयोग करे।’’

बैठक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान से सांसदों को चुनने के भाजपा के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। सेरिंग ने कहा कि भारत गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों को अपना नागरिक मानता है और इसलिए भारत सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार करे जैसा लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों के साथ करता है। कश्मीर विधानसभा में अभी में 24 सीट खाली हैं जो पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों के लिए आरक्षित हैं।

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First Published on November 22, 2016 5:30 pm

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