February 23, 2017

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आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र घोषित करने वाला निजी विधेयक पेश

राज्यसभा में शुक्रवार को एक निजी विधेयक पेश किया गया जिसमें किसी देश को आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र घोषित करने का प्रावधान है। निर्दलीय राजीव चंद्रशेखर ने उच्च सदन में कांगे्रस और भाजपा सदस्यों के विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के बीच (आतंकवाद प्रायोजक देश की घोषणा) विधेयक 2016 पेश किया।

Author नई दिल्ली | November 19, 2016 00:51 am

राज्यसभा में शुक्रवार को एक निजी विधेयक पेश किया गया जिसमें किसी देश को आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र घोषित करने का प्रावधान है। निर्दलीय राजीव चंद्रशेखर ने उच्च सदन में कांग्रेस और भाजपा सदस्यों के विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के बीच (आतंकवाद प्रायोजक देश की घोषणा) विधेयक 2016 पेश किया।
इसमें किसी देश को आतंकवाद प्रायोजक देश घोषित करने और उस देश से आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध समाप्त करने का प्रावधान है। इस निजी विधेयक में आतंकवाद प्रायोजक घोषित किए गए देश के नागरिकों पर विधिक, आर्थिक और यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।

सपा के विशम्भर प्रसाद निषाद ने उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए विशेष वित्तीय सहायता के प्रावधान वाला एक निजी विधेयक पेश किया। इस विधेयक में प्रावधान है कि अनुसूचित जातियों, जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदायों और गरीब किसानों के कल्याण के लिए बुंदेलखंड क्षेत्र को वित्तीय सहायता दी जाए। निषाद ने एक अन्य निजी विधेयक भी पेश किया जिसमें संविधान का संशोधन कर नए अनुच्छेद 16क को जोड़ने का प्रावधान है।

द्रमुक के तिरुचि शिवा ने नौकरियों में महिलाओं के लिए पदों पर आरक्षण के प्रावधान वाला महिला (कार्यस्थल में आरक्षण) विधेयक पेश किया। भाजपा नेता डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण के प्रावधानों वाला एक निजी विधेयक पेश किया। हंगामे के बीच जब उपसभापति पीजे कुरियन ने भाजपा के भूपेंद्र यादव को उनका निजी विधेयक पेश करने को कहा तो उन्होंने इसे पेश करने से यह कहकर इनकार कर दिया कि जब तक कांगे्रस विपक्ष के नेता आजाद की टिप्पणी पर माफी नहीं मांगती वह ऐसा नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि गुरुवार को आजाद ने सदन में नोटबंदी के सरकार के फैसले के संदर्भ में एक ऐसी टिप्पणी की थी जिसे बाद में सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया। शुक्रवार को भाजपा के सदस्य उच्च सदन में यह मांग करते रहे कि इस टिप्पणी के लिए कांगे्रस माफी मांगे।

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First Published on November 19, 2016 12:44 am

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