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बिहार में 19 को चुनावी बिगुल फूंकेंगे राहुल गांधी

दलित महापुरुषों बीआर आंबेडकर और जगजीवन राम को स्मरण करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को एक रैली के साथ बिहार में अपना चुनाव प्रचार शुरू करेंगे, जिसमें महागठबंधन के अन्य शीर्ष नेताओं के भी मौजूद रहने की संभावना है।
Author नई दिल्ली | September 14, 2015 08:14 am
दलित महापुरुषों बीआर आंबेडकर और जगजीवन राम को स्मरण करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को एक रैली के साथ बिहार में अपना चुनाव प्रचार शुरू करेंगे, जिसमें महागठबंधन के अन्य शीर्ष नेताओं के भी मौजूद रहने की संभावना है। (फोटो: भाषा)

दलित महापुरुषों बीआर आंबेडकर और जगजीवन राम को स्मरण करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को एक रैली के साथ बिहार में अपना चुनाव प्रचार शुरू करेंगे, जिसमें महागठबंधन के अन्य शीर्ष नेताओं के भी मौजूद रहने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक बिहार के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान का मुकाबला करने के लिए जद (एकी)-राजद-कांग्रेस गठबंधन के पास नीतीश कुमार के रूप में पहले से ही विकास समर्थक एक चेहरा है। कांग्रेस की योजना पश्चिम चंपारण जिले के राम नगर में प्रस्तावित रैली को बड़ा बनाने की है। इसके पहले 30 अगस्त को पटना में गठबंधन ने स्वाभिमान रैली का आयोजन किया था। जिसमें सोनिया गांधी, लालू और नीतीश शामिल हुए थे।

हालांकि ऐसी खबरें हैं कि शायद लालू इस रैली में शामिल नहीं हो और अपने छोटे पुत्र तेजस्वी को भेजें। दरअसल लालू के राहुल के साथ उस समय से अच्छे संबंध नहीं रहे हैं जब सितंबर 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यूपीए सरकार के उस अध्यादेश पर आपत्ति जताई थी जो दोषी ठहराए गए जनप्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराए जाने से बचाव के लिए था। विपक्ष के मुताबिक वह अध्यादेश राजद प्रमुख की मदद के लिए लाया गया था जिन्हें चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया था।

यह पूछे जाने पर कि 19 सितंबर की रैली में क्या राहुल गांधी के साथ लालू प्रसाद और नीतीश कुमार मंच साझा करेंगे, जद (एकी) महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश रैली में शामिल हो रहे हैं। राजद की ओर से कौन आएंगे, यह उस पार्टी को तय करना है। लेकिन किसी का सोनिया गांधी या राहुल गांधी के साथ कोई मुद्दा नहीं है।

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किसी को किसी के भी रैली में शामिल होने पर कोई आपत्ति नहीं है। चंपारण रैली साबित करेगी कि महागठबंधन बरकरार और कामयाब है।

कांग्रेस सूत्रों का भी ऐसा ही कहना था। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि यह तथ्य है कि कांग्रेस बिहार चुनाव जद (एकी) और राजद के साथ मिल कर लड़ रही है। यह भी तथ्य है कि लालू प्रसाद राजद के नेता हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पहले ही प्रसाद और कुमार के साथ मंच साझा कर चुकी हैं। जब पार्टी अध्यक्ष को कोई आपत्ति नहीं है तो किसी अन्य नेता को आपत्ति क्यों होगी? राज्य इकाई द्वारा औपचारिकताएं पूरी कर लिए जाने के बाद पार्टी महासचिव और बिहार प्रभारी सीपी जोशी रैली के लिए आमंत्रित करने की खातिर लालू प्रसाद से बात करेंगे।

पार्टी ने हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय यादव को भी इस संबंध में राजद प्रमुख से बात करने को कहा है। अजय यादव के पुत्र चिरंजीवी राव का विवाह लालू प्रसाद की पुत्री अनुष्का से हुआ है। जगजीवन राम के योगदान को भी रैली में याद किया जाएगा।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के पिता जगजीवन राम बिहार के एक प्रमुख दलित नेता थे। उनकी जाति को महादलित श्रेणी में शामिल किया गया है। इस कदम को एक अन्य महादलित नेता, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का मुकाबला करने के तौर पर देखा जा रहा है। मांझी राजग के साथ हैं। पिछले कुछ दिनों में लालू प्रसाद ने कई बार कहा है कि यह चुनाव मंडल और कमंडल राजनीति के बीच है। जिसका आशय है कि मुकाबला सामाजिक न्याय और हिंदुत्ववादी ताकतों के बीच है।

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