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Make In India पर दिए स्टूडेंट्स के जवाब में फंस गए राहुल गांधी

राहुल ने छात्राओं से पूछा कि क्या स्वच्छ भारत अभियान फलीभूत हो रहा है इस पर ज्यादातर छात्रों ने जोरदार ढंग से ‘हां’ कहा।
Author बंगलुरु | November 26, 2015 13:51 pm

बंगलुरु के एक महिला कॉलेज में बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कुछ असहज क्षणों का सामना करना पड़ा जब उन्होंने श्रोताओं से पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्त्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान फलीभूत हो रहा है और श्रोताओं ने जोरदार जवाब दिया, ‘हां’।

यहां के प्रसिद्ध महिला कॉलेज ‘माउंट कारमेल’ में राहुल ने छात्राओं के साथ बातचीत के दौरान मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए उनके इन दोनों अहम अभियानों के बारे में अचानक राय मांगी। राहुल ने छात्राओं से पूछा कि क्या स्वच्छ भारत अभियान फलीभूत हो रहा है इस पर ज्यादातर छात्रों ने जोरदार ढंग से ‘हां’ कहा।

मामला यहीं खतम नहीं हुआ क्योंकि राहुल ने जब फिर पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम वास्तव में कारगर हो रहा है तो छात्राओं ने पूरे जोश-खरोश के साथ ‘हां’ कहा जिससे राहुल कुछ असहज हो गए। लेकिन राहुल ने युवाओं से कहा कि इस बात पर उनका उनसे मत अलग है। उन्होंने कहा, ‘आपको लगता होगा लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता। खैर, भाजपा जिस का प्रचार कर रही है वह विचार मुझे साफ तौर पर नहीं दिखता’।

देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के परिसरों में छात्रों तक पहुंचने के राहुल के कार्यक्रमों की कड़ी में यह पहला कार्यक्रम था। बाद में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि उनके सवालों पर विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं थी। ‘स्वच्छ भारत’ पर करीब आधे छात्रों ने कहा कि कुछ नहीं हुआ है जबकि कुछ ने कहा कि कुछ हुआ है। जहां तक ‘मेक इन इंडिया’ का सवाल है ज्यादा छात्रों ने कहा कि ज्यादा कुछ नहीं हुआ है जबकि कुछ ने कहा कि कुछ हुआ है।

इस बारे में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल के सवालों का जैसा जवाब छात्राएं ने दिया वह एक तरह से उन्हें आइना दिखाना था। उन्होंने कहा कि जब राहुल ने इन दोनों अभियानों के बारे में पूछा तो छात्राओं ने कहा कि ये आगे बढ़ रहे हैं तो राहुल को धक्का लगा । लेकिन उन्हें धक्का क्यों लगा, क्योंकि वे युवाओं से जुड़े हुए नहीं हैं और वे जमीन पर जो कुछ चल रहा है उससे दूर हैं। देश की बात तो छोड़ ही दीजिए वे देश के युवाओं तक को नेतृत्व नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा कि राहुल में देश के युवाओं तक को नेतृत्व देने की क्षमता नहीं है । उनकी अज्ञानता पर छात्राओं ने उन्हें चुप करा दिया। भाजपा के सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि राहुल का बंगलुरु के छात्रों के साथ संवाद देखकर कांगे्रस पार्टी और उसके नेतृत्व को सचेत हो जाना चाहिए कि भारत के लोग युवा कांग्रेस के बाधा डालने वाले और नकारात्मक एजंडा को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इन दोनों पहलों को लेकर आरजी के कराए गए सर्वेक्षण में संकेत मिला है कि इन्हें युवाओं का मजबूत समर्थन है। यह देखकर भी अच्छा लगा कि युवा जीएसटी और अन्य सुधारों को बाधित किए जाने को लेकर सीधे सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी इस संवाद से सबक लेगी और समझेगी कि युवा शक्ति चाहती है कि संसद को काम करने दिया जाए। उधर, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी के उलट छात्रों के सवालों का जवाब दिया और देश के नेता का यही संवाद का तरीका होना चाहिए।

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  1. M
    mahaveer soni
    Nov 26, 2015 at 1:53 am
    राहुल जी को हकीकत को स्वीकारना चाहिए | देश ी दिशा में आगे बढ़ रहा है !इसका आभास उन्हें बेंगलोर में हो गया होगा अत: उन्हें सकारात्मक राजनीति की तरफ ध्यान देना चाहिए | संसद सत्र को बरबाद न होने देना चाहिए | देश की जनता सब देख रही है | कांग्रेस का अपना एक वजूद है उसे लालू जैसे लोगो हवा नहीं देनी चाहिए | कांग्रेस के जवाबदार नेता पाकिस्तान जाकर उल्टा -सीधा कुछ भी बोल कर आ जाते है | राहुलजी / सोनिया जी चुप रहते है | मोदीजी ने भारत की जो छवि विश्व में बनायी है उसे मानना चाहिए | - महावीर सोनी ,
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