December 06, 2016

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राहुल गांधी ने पहली बार की कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता, कहा- पीएम नरेंद्र मोदी को टीआरपी की राजनीति में ज्यादा रुचि है

कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में राहुल ने कहा कि "कांग्रेस ने देश को कभी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं दिया जो खुद अपनी छवि का कैदी हो।"

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में आकर बहस करने की चुनौती दी है।

शुक्रवार ( दो दिसंबर) को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार कांग्रेस संसदीय दल के बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में लोक सभा और राज्य सभा के सभी कांग्रेसी सांसद शामिल थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बैठक में नहीं मौजूद थीं। कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में राहुल ने ने कहा कि “कांग्रेस ने देश को कभी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं दिया चो खुद अपनी छवि का कैदी हो।” राहुल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी टीआरपी की राजनीति में ज्यादा रुचि रखते हैं। शुक्रवार को संसद के शीतकालीन सत्र का तेरहवां दिन है। अभी तक संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की वजह से कार्यवाही में व्यवधान आता रहा है।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल नोटबंदी के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी से संसद में बहस में शामिल होने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार (एक दिसंबर) को पीएम नरेंद्र मोदी राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान मौजूद रहे लेकिन कांग्रेसी सांसदों बहस से पहले उनसे उस बयान के लिए माफी मांगने की मांग कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि कालेधन के समर्थक ही नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार की पाकिस्तान और कश्मीर नीति के साथ ही पीडीपी के साथ उसके गठबंधन पर सवाल उठाया। राहुल ने कहा कि सरकार की पाकिस्तान नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। राहुल गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में कहा कि इतिहास पीएम मोदी को मौकापरस्त बीजेपी-पीडीपी गठबंधन बनाकर देशविरोधी ताकतों को राजनीतिक जगह देने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेगा। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार राहुल ने बैठक में कहा, “जो लोग हमारा मजाक उड़ाते थे वो आज कश्मीर के जलने पर चुपचाप बैठे हैं।”

बैठक में राहुल ने मोदी सरकार द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करके पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता पर भी सवाल खड़े किए।  राहुल ने कहा, “इस वक्त सरकार को एक समेकित नीति बनाने की सख्त जरूरत है। हमसे कहा गया था कि सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान की तरफ से होने वाले सीमापार हमले रोकने के लिए की गई थी। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कश्मीर में 21 बड़े हमले हो चुके हैं और सैकड़ों बार सीजफायर का उल्लंघन हो चुका है।

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First Published on December 2, 2016 11:06 am

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