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दिल्ली: इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर रेडियोधर्मी रिसाव से हड़कंप

एअर फ्रांस एएफ 226 की विमान से शनिवार रात साढ़े दस बजे कैंसर के उपचार के लिए सामग्री के 16 पैकेटों की नियमित खेप आई।
Author नई दिल्ली | October 10, 2016 02:21 am
IGI एयरपोर्ट पर लीक हुआ रेडियोएक्टिव पदार्थ

फ्रांस से कैंसर इलाज सामग्री दिल्ली हवाई अड्डा पर लाए जाने के दौरान इंदिरा गांधी अंतरराष्टÑीय हवाई अड्डे के कार्गो इलाके में रविवार को संदिग्ध रेडियोधर्मी लीक दर्ज किया गया, जिससे आपात स्थिति बन गई। हालांकि करीब तीन घंटे बाद ‘रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी’ हटा ली गई क्योंकि यह लीक स्वीकृत सीमा के अंदर पाई गई। कार्गो टर्मिनल पर रविवार सुबह रेडियोएक्टिव पदार्थ रिसाव की खबर के बाद हड़कंप मच गया था। सीआइएसएफ, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन और अग्निशमन अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और एहतियातन इलाके को खाली करा लिया गया। घंटों हुई जांच के बाद इस रिसाव से किसी खतरे की आशंका को खारिज कर दिया गया।  संदिग्ध लीक के बाद एक आपात प्रतिक्रिया दल को सक्रिय कर दिया गया। परमाणु ऊर्जा विनियमन बोर्ड (एईआरबी), भाभा परमाणु शोध केंद्र (बीएआरसी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के कार्गो टर्मिनल पहुंची जो यात्री इलाके से करीब डेड़ किलोमीटर दूर स्थित है। मेदांता हॉस्पिटल के चिकित्सकों की एक टीम भी मौके पर पहुंची।

मुख्य दमकल अधिकारी अतुल गर्ग ने बताया कि हवाई अड्डा से सुबह करीब 10:45 बजे मेडिकल उपकरण से संदिग्ध रेडियोधर्मी पदार्थ के लीक होने के बारे में फोन आया। सीआइएसएफ की स्थानीय इकाई ने एनडीआरएफ नियंत्रण कक्ष को एक कंटेनर से संदिग्ध रेडियोधर्मी लीक के बारे में सूचना दी। यह कंटेनर बीती रात एयर फ्रांस के एक विमान से लाया गया था।  सरकार ने कहा कि आइजीआइ हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल में मेडिकल शिपमेंट से रिसाव स्वीकृत सीमा के भीतर था और रेडियोऐक्टिव लीकेज की श्रेणी में नहीं आता है। सरकार बाकी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीएआरसी और एनडीआरएफ के अधिकारियों ने एक बजकर 55 मिनट पर साफ कर दिया कि किसी भी नुकसान का कोई अनुमान नहीं है क्योंकि कोई रेडियोधर्मी रिसाव ‘स्वीकृत सीमा के भीतर है।’

अधिकारियों ने बताया कि एअर फ्रांस एएफ 226 की विमान से शनिवार रात साढ़े दस बजे कैंसर के उपचार के लिए सामग्री के 16 पैकेटों की नियमित खेप आई। उन्होंने कहा कि सामान धिति बायोटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगाया था जबकि सामान भेजने वाला सिसबायो इंटरनेशनल है और 10 पैकेटों को ग्राउंड हैडलिंग एजंसी सेलेबी ने लिया।एक बयान में जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि गलती से रेडियोलॉजिकल आपातस्थिति का संदेश भेजा गया। उन्होंने कहा कि एक परमाणु दवा मोलिबिडेनम 99 को एअर फ्रांस की उड़ान से बीएल कपूर अस्पताल, पूसा रोड की तरफ से लाया जा रहा था। परमाणु दवा से विकिरण की मात्रा 1 मिल रॉन्जन (विकिरण की माप) से कम है। उन्होंने कहा कि आस-पास के क्षेत्रों में कोई बीटा विकिरण नहीं है और कोई रिसाव नहीं है। इसलिए इसे आपात स्थिति नहीं कहा जा सकता है। इसको देखते हुए अंतिम फैसला किया गया और अपराह्न एक बजकर 55 मिनट पर रेडियोलॉजिकल आपात स्थिति को वापस ले लिया गया।

दिल्ली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अतुल गर्ग ने बताया कि हवाई अड्डे से सुबह करीब 10.40 बजे मेडिकल उपकरण से संदिग्ध रेडियोएक्टिव पदार्थ के रिसावहोने के बारे में फोन आया। एअर फ्रांस से आए इस मेडिकल उपकरण को कार्गो टर्मिनल नंबर तीन पर रखा गया था। इसे दिल्ली के एक निजी अस्पताल के पास भेजा जाना था। यह कैंसर रोगियों के काम आने वाला पदार्थ है। परमाणु उर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने अपने दलों को मौके भेजा और तमाम संबंधित विशेषज्ञों ने जांच के बाद इसे खतरे से बाहर बताया। रविवार सुबह जैसे ही हवाई अड्डे से रेडियोएक्टिव पदार्थ के लीक होने की सूचना फैली तमाम सुरक्षा बलों, संबंधित विशेषज्ञों और पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचनी शुरू हो गई। मामला संदिग्ध न हो जाए इसलिए आस पास के लोग अपने घर से बाहर भी जाने लगे। नारायणा में कबाड़ गोदाम में इसी प्रकार के रसायनिक पदार्थ के रिसाव से दिल्ली में बड़ा हादसा हुआ था। दिल्ली फायर ने तुरंत आठ गाड़ियां मौके पर भेजकर अपने आला अधिकारियों को घटनास्थल का मुआयना करने के लिए भेज दिया। पुलिस के भी आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एनडीएमए और एनडीआरएफ की टीमें भी पहुंच गई।

वैज्ञानिकों से संपर्क साधा गया और तुरंत विशेषज्ञों की टीमें वहां आनी शुरू हो गई। उस पूरे इलाके को आम कर्मचारियों के लिए बंद कर सिर्फ जरूरतमंद और विशेषज्ञों को ही जाने की इजाजत दी गई। हवाई अड्डे पर भी अफरा तफरी मच गई। हालांकि भय का वातावरण बनने से रोकने के लिए वहां लगातार उद्घोषणा की गई कि इससे यात्रियों को कोई नुकसान नहीं होगा और न कोई दुष्प्रभाव पड़ेगा। एअर फ्रांस से आए इस मेडिकल उपकरण को कार्गो टर्मिनल नंबर-तीन पर रखा गया था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक यह इलाका यात्री इलाके से एक से डेढ़ किलोमीटर दूर था। इसलिए इस इलाके को खाली करा लिया गया है और घेराबंदी कर दी गई ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो। पर जांच के बाद सब कुछ सामान्य हो गया। एअर फ्रांस ने एक बयान में कहा कि उड़ान एएफ 226 पर रेडियोधर्मी मेडिकल सामग्री की खेप में कोई गड़बड़ी नहीं होने का खुलासा हुआ है। इसने एक बयान में बताया कि भारत के स्वतंत्र परमाणु ऊर्जा प्राधिकारों सहित संबद्ध प्राधिकारों ने इसके नई दिल्ली हवाई अड्डा पहुंचने पर अनुपालन की इसकी स्वीकार्यता की पुष्टि की है। आइजीआइ हवाई अड्डे को संचालित करने वाले दिल्ली इंटरनेशनल एअरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि किसी तरह की रेडियोधर्मी लीकेज नहीं हुई है और दिल्ली हवाईअड्डा पर सभी तरह के कार्य सामान्य हैं।

 

 

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First Published on October 10, 2016 2:21 am

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