ताज़ा खबर
 

नोटबंदीः इन कारणों से सवालों के घेरे में है पीएम नरेंद्र मोदी के सर्वे का नतीजा

क्या अब उन्हीं लोगों को विचार आम भारतीयों के विचार माने जाएंगे जिनके पास स्मार्टफोन होगा?
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किया गया नोटबंदी सर्वे का नतीजा। (फेसबुक)

आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद पैदा हुए हालात को लेकर जब नरेंद्र मोदी सरकार आलोचनाओं से घिरने लगी तो पीएम मोदी ने ये दिखाने के लिए जनता उनके साथ है सोशल मीडिया का सहारा लिया। 22 नवंबर को दोपहर 3.30 पर पीएम मोदी ने ट्विटर और फेसबुक एक मोबाइल ऐप जारी किया जिसमें नोटबंदी से जुड़े 10 सवाल थे। (इन सवालों को आप नीचे पढ़ सकते हैं।) पीएम मोदी ने ऐप के लिंक के साथ ट्विट किया, “करंसी नोट पर लिए गए फैसले पर मैं सीधे आपकी राय जानना चाहता हूं। NM App में इस सर्वे में हिस्सा लीजिए।” पीएम मोदी के ट्वीट को आठ हजार से अधिक लोगों ने रीट्वीट किया और 21 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया। 23 नवंबर शाम 6.40 पर पीएम मोदी ने इस सर्वे के प्रारंभिक नतीजे जारी किए। पीएम मोदी द्वारा जारी किए गए सर्वे के शुरुआती परिणाम के अनुसार ज्यादातर सवालों में पीएम को 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा प्रतिशत पार्टिसिपेंट (जिन्होने ऐप डाउनलोड करके सवालों का जवाब दिया) का समर्थन मिला। लेकिन उनके इस सर्वे और इसके नतीजों कुछ सवाल उठने लगे हैं।

90 प्रतिशत समर्थन के दावे में कितना दम- पीएम द्वारा शुरुआती नतीजे जारी करने तक करीब पांच लाख लोगों ने एनएम ऐप के जरिए इस सर्वे में हिस्सा लिया था। गुरुवार (24 नवंबर) को दिन के 12 बजे तक पीएम मोदी के ट्विटर पर 2,48,03,766 फॉलोवर्स थे। वहीं इसी समय तक फेसबुक पर उनके 3,75,29,729 फॉलोवर्स थे। पीएम मोदी के सर्वे की खबर को सभी मीडिया संस्थानों (अखबार, टीवी और इंटरनेट) ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। ये जानना तो मुश्किल है कि मीडिया द्वारा कितने लोगों तक पीएम मोदी के सर्वे की खबर पहुंची इसलिए इसे छोड़ देते हैं। भारत के कुल सोशल मीडिया यूजर्स की संख्या छोड़ भी दें केवल पीएम मोदी के सोशल मीडिया फॉलोवर्स की संख्या की तुलना करें तो भी ये साफ है कि पांच-छह लाख लोगों के मतदान को भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स तक का प्रतिनिधि विचार नहीं माना जा सकता।

केवल स्मार्टफोन वाले ही देश के नागरिक नहीं हैं- जिस तरह पीएम मोदी ने नोटबंदी पर उठ रहे सवालों के खिलाफ इस सर्वे के नतीजे को जनमत की तरह पेश किया है वो एक अन्य मायने में काफी चिंताजनक है। इस साल फरवरी तक भारत की 120 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले देश में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या 22 करोड़ थी। वहीं भारत में जून 2016 तक 37 करोड़ से अधिक मोबाइल-इंटरनेट यूजर्स थे। इन आंकड़ों से साफ है कि मोबाइल ऐप पर कराया गया कोई भी सर्वे देश की करीब 20 प्रतिशत आबादी से ज्यादा तक पहुंच नहीं रखता। खासकर ग्रामीण और गरीब भारत। ऐसे सवाल उठना वाजिब है कि क्या अब उन्हीं लोगों को विचार आम भारतीयों के विचार माने जाएंगे जिनके पास स्मार्टफोन होगा?

सवालों पर उठते सवाल- पीएम मोदी के सर्वे में पूछे गए कई सवालों को पत्रकारिता की भाषा में लोडेड सवाल कह सकते हैं यानी ऐसे सवाल जिनका जवाब हां या ना में देना संभव नहीं। मसलन, किसी से ये पूछा जाए कि क्या आपने चोरी छोड़ दी है? अब जवाब देने वाला हां कहेगा तो भी उससे मतलब निकाला जा सकता है कि वो स्वीकार कर रहा है कि वो पहले चोरी करता था। अगर वो ना कहता है तो सीधे-सीधे ही चोर साबित हो जाएगा। सवालों के घेरे में पीएम मोदी का केवल नोटबंदी का फैसला ही नहीं था बल्कि उसे लागू करने का तरीका भी था। इसके अलावा इस सर्वे में जिस तरह सवालों में नोटबंदी के फैसले को ‘आतंकवाद’ से जोड़ा गया उससे भी साफ है कि इसमें लोकप्रिय जनभावनाओं को भुनाने की कोशिश की गई है। सर्वे में एक भी ऐसा सवाल नहीं पूछा गया जिसमें जनता फैसले को लागू किए जाने पर सीधी राय दे सकें। मसलन ये पूछा जा सकता था कि क्या सरकार की इस योजना को लागू करने की तैयारी पूरी थी? या नोटबंदी को लागू करने को सरकार ने जैसे इंतजाम किए उसे आप 10 में कितने नंबर देंगे? या नोटबंदी से कालेधन का कितना हिस्सा बाहर आ सकता है? या क्या 1000 के नोट बंद करके 2000 के जारी करने को आप सही मानते हैं?

एनएम ऐप पर प्रधानमंत्री द्वारा पूछे गए सवाल-

1- क्‍या आपको लगता है कि भारत में कालाधन है?

2- क्‍या आपको लगता है कि भ्रष्‍टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ना चाहिए और उसे खत्म करना चाहिए?

3- काले धन के खिलाफ सरकार की कार्रवाइयों पर कुल मिलाकर आप क्या सोचते हैं?

4- भ्रष्‍टाचार के खिलाफ मोदी सरकार के अब तक के प्रयासों पर आप क्‍या सोचते हैं?

5- आम 500 और 1000 के नोट बंद करने के मोदी सरकार के फैसले पर क्या सोचते हैं?

6- क्‍या आपको लगता है कि नोटबंदी से भ्रष्‍टाचार, कालाधन और आतंकवाद रुकेगा?

7- क्या नोटबंदी से आम आदमी की पहुंच रियल एस्टेट, उच्‍च शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी तक हो सकेगी?

8- क्या भ्रष्टाचार, कालेधन, आतंकवाद और जाली नोटों के खिलाफ हमारी लड़ाई की वजह से आप को हुई असुविधा आपको नागवार गुजरी है?

9- क्या आपको लगता है कि कुछ भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता दरअसल अब कालेधन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के पक्ष में लड़ रहे हैं?

10 – क्या आप कोई सुझाव, विचार या अंतर्दृष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संग साझा करने चाहेंगे?

nm survey result पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 23 नवंबर को फेसबुक पर शेयर किया गया सर्वे का आरंभिक नतीजा। pm modi twitter ट्विटर पर पीएम नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स। pm modi fb फेसबुक पर पीएम नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स। pm modi on twitter भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के शीर्ष 100 ट्विटर फॉलोवर्स लोगों की सूची में 46वें स्थान पर हैं।

वीडियोः राज्यसभा में नोटबंदी पर मनमोहन सिंह ने कहा ये संगठित लूट है-

वीडियोः जानिए भारत में कब कब हुआ है विमुद्रीकरण-

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. M
    manoj
    Nov 24, 2016 at 10:09 am
    why raise question? any one with smart phone can vote? does it mean only BJP supporter use smart phone? by the way there has been so many survey by many news paper and TV channels almost in all surveys the majority of people has supported the move. Why put question mark on this survey? what about other surveys? all are manited?
    Reply
  2. S
    Shekhar
    Nov 25, 2016 at 1:34 am
    Stupid man stupid questions....No Option for self voice...
    Reply
  3. S
    Sidheswar Misra
    Nov 24, 2016 at 2:27 pm
    मोदी जी शादियों में बैंक से रु निकालने के जितने नियम बनाये है। उसी नियम को चुनाव के समय लड़ने वाले जब बैंक से रु निकाले या नगद जो खर्च करते है। सफ़ेद (काला धन ) उसका विवरण देने का नियम भी बनाये। किस हलवाई को कितना दिया टेंट वाले झंडे का कपडा किस व्यापारी से पेट्रोल डीजल किस पम्प से भरवाया किसने चंद दिया उसका भी नाम पता बातये गे। १० रु चंदा कहा से मिला। २०हजार वाले का नहीं १० रु वाले का घपला हो इसी में होता है २० हजार वाले का तो हिसाब इनकम टेक्स रखता है १० रु के नाम पर जो फर्जी रसीद कटती है।
    Reply
सबरंग