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विश्व के टॉप 200 शैक्षणिक संस्थानों में भारत से केवल IISc बेंगलुरु व IIT दिल्ली शामिल, इस साल दोनों की रैकिंग में आई है गिरावट

अमेरिकी शैक्षणिक संस्थान मैसाचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) लगातार पांचवे साल दुनिया का अग्रणी संस्थान बना हुआ है। स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी और हावर्ड यूनिवर्सिटी क्रमश: दूसरे और तीरसे स्थान पर हैं।
Author नई दिल्ली। | September 7, 2016 11:20 am
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2016-17 में IISc बेंगलुरु 152वें स्थान के साथ भारत का टॉप शैक्षणिक संस्थान है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2016-17 में भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल बेंगलुरु स्थित इंस्टिट्यूट आॅफ साइंस (IISc) सहित देश के छ: अग्रणी IITs की रैंकिंग में पिछले साल की अपेच्छा इस साल गिरावट आई है। वहीं, अमेरिकी शैक्षणिक संस्थान मैसाचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) लगातार पांचवे साल दुनिया का अग्रणी संस्थान बना हुआ है। इस रैकिंग में दूसरे और तीसरे स्थान पर भी अमेरिकी संस्थानों का ही कब्जा है। स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी को दूसरा और हावर्ड यूनिवर्सिटी तीसरा स्थान हासिल हुआ है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2016-17 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बेंगलुरु को वैश्विक स्तर पर भारत का सबसे बेहतरीन शैक्षणिक संस्थान आंका गया है। इस संस्थान की वैश्विक रैंकिंग 152 है, जबकि पिछले साल यह 147वें नंबर पर था। वहीं, आईआईटी मद्रास ने पांच स्थानों की छलांग लगाते हुए विश्व के टॉप 250 शैक्षणिक संस्थानों में अपनी जगह बनाई है। अन्य भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में आईआईटी दिल्ली 185वें (2015-16 में 179वें), आईआईटी मुंबई 219वें (2015-16 में 202वें), आईआईटी कानपुर 302वें (2015-16 में 271वें), आईआईटी खड़गपुर 313वें(2015-16 में 286वें), आईआईटी रुड़की 399वें (2015-16 में 391वें) स्थान पर हैं।

क्यूएस इंटेलिजेंस यूनिट के रिसर्च हेड बेन सॉटर ने भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट के लिए जिन कारणों को जिम्मेदार ठहराया है उनमें भारत में अन्य देशों के मुकाबले बहुत कम संख्या में पीएचडी क्वॉलिफाइड शोधकर्ताओं का होना है। भारत विदेश से भी बहुत कम संख्या में पीएचडी क्वॉलिफाइड शोधकर्ताओं को हायर करता है।

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उन्होंने बताया कि क्यूएस के इंटरनेशनल फैकल्टी रेशियो मेटरिक के लिए कोई भी भारतीय संस्थान 700 से ऊपर की रैंक हासिल नहीं कर पाया है। रिसर्च के पैमाने पर बस 4 भारतीय संस्थान इस लिस्ट में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं, पिछले साल 5 भारतीय संस्थान इस लिस्ट में शामिल थे। रिसर्च को पैमाना बनाकर आंकलन करने पर आईएसएी बेंगलुरु विश्व में 11वें स्थान पर है।

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इसके अलावा मानव और पूंजी निवेश की भी जरूरी है। क्यूएस इंटेलिजेंस यूनिट के मुताबिक, इस साल उन देशों के संस्थानों ने बेहतर रैंकिंग हासिल की है शिक्षा के क्षेत्र में फंडिंग ज्यादा है या फंडिंग में बढ़ोतरी की जा रही है। इस रैकिंग लिस्ट में शामिल नौ भारतीय संस्थान ऐसे हैं जिनकी रैंकिंग में सिर्फ स्टूडेंट एंड टीचर रेशियो के आधार पर कमी आई है।

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