ताज़ा खबर
 

मलेरकोटला : खून से लथपथ गाय की दो मुस्लिम युवकों ने बचाई जान, साबित हुए असली गौरक्षक

यह वही इलाका है जहां मुस्लिमों की ठीकठाक आबादी है। इस विधानसभा सीट पर 1962 से मुस्लिम उम्मीदवारों का दबदबा रहा है।
प्रतीकात्मक तस्वीर

एक एेसा राज्य जहां के राष्ट्रीय पशुधन चैंपियनशिप को भी गौ रक्षक समूहों का अत्याचार सहना पड़ा, वहां के दो मुस्लिम युवक सही मायने में गौरक्षक साबित हुए। समसुद्दीन चौधरी और उनके दोस्त मुबीन ने 24 दिसंबर की रात सड़क पर खून से लथपथ पड़ी एक गाय को बचाया। यह हादसा मलेरकोटला में हुआ। यह वही इलाका है जहां मुस्लिमों की ठीकठाक आबादी है। इस विधानसभा सीट पर 1962 से मुस्लिम उम्मीदवारों का दबदबा रहा है।

मलेरकोटला के बिजनेसमैन चौधरी दोस्त मुबीन को घर छोड़ने के बाद मॉडल टाउन स्थित अपने घर लौट रहे थे। यहां के अजीत नगर इलाके में उन्होंने एक गाय को देखा, जिसके शरीर से तेजी से खून बह रहा था। वह शायद किसी गाड़ी से टकराकर घायल हो गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त मुबीन को फोन किया ताकि गाय की मदद की जा सके। चौधरी ने टाइम्स अॉफ इंडिया को बताया कि हम दोनों ने गाय को बचाने के लिए पुलिस को फोन किया। लेकिन हमें तुरंत जवाब नहीं मिला। इसके बाद मैंने मलेरकोटला के एसडीएम शौकत अहमद पार्रे को फोन किया। एसडीएम ने स्थानीय नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को फोन किया और उसने तुरंत लोगों से लुधियाना बायपास पहुंचने को कहा।

चौधरी ने बताया कि इसके बाद हम गाय को एक स्थानीय गौशाला ले गए। 2014 बैच के आईएएस अफसर पार्रे ने टीओआई को बताया कि मुझे रात 12.40 बजे युवकों ने फोन किया था। मैंने नगर परिषद के अधिकारियों से तुरंत गाय की मदद करने को कहा। मैंने संगरूर की पीसीआर को भी फोन किया जिन्होंने आधे घंटे में पहुंचकर गाय को गौशाला पहुंचाया और वहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया।

चौधरी के दोस्त मुबीन ने बताया कि इस पूरे अॉपरेशन में 2 घंटे का वक्त लगा। यह सुनिश्चित होने के बाद कि गाय सुरक्षित है, हम लोग घर गए। आपको बता दें कि गोरक्षक समुदायों के डर से पंजाब के मुख्तसर में होने वाली 8वीं राष्ट्रीय पशुधन चैंपियनशिप पर भी खतरे के बादल मंडरा गए थे। कई पशु मालिकों को डर था कि जानवरों को एक जिले से दूसरे जिले तक ले जाते वक्त कहीं गोरक्षक उन पर हमला न कर दें।

यह भी देखें

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. A
    Abu talib
    Dec 26, 2016 at 9:14 am
    कैसा सन्नाटा है भाई ! इतनी ख़ामोशी क्यों है, भई ?
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग