ताज़ा खबर
 

पार्क स्‍ट्रीट गैंगरेप: दोषि‍यों के लिए कम से कम सजा मांग रही थी सरकारी महिला वकील, बंगाल सरकार ने हटाया

सरकार का आरोप है कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर और सरकार से विचार-विमर्श किए बगैर काम किया।
Author कोलकाता | December 12, 2015 17:50 pm
पार्क स्‍ट्रीट रेप केस की पीडि़त सुजेट जॉर्डन। वे ऐसी पहली भारतीय रेप सर्वाइवर हैं, जिन्‍होंने अपनी मर्जी से अपनी पहचान सार्वजनिक की। उनकी इस साल मार्च में लंबी बीमारी के बाद कोलकाता में मौत हो गई थी। उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 17 साल और 19 साल है। (FILE: Express photo by Partha Paul)

पश्चिम बंगाल सरकार ने पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस में पब्‍ल‍िक प्रॉसिक्‍यूटर (लोक अभियोजक) के पद से सरबनी रॉय को हटा दिया है। सरकार का आरोप है कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर और सरकार से विचार-विमर्श किए बगैर काम किया। राज्य के कानून मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को बताया कि सरबनी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जज से गुहार करती रहीं कि दोषियों की सजा को ‘‘न्यूनतम रखा जाए।’’

सरबनी ने अदालत से शुक्रवार को कहा कि दोषी सीधे अपराध में शामिल नहीं थे और उन्हें कानून के मुताबिक सजा दी जाए। मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस सिलसिले में सरकारी वकील को कोई निर्देश नहीं दिया था। मंत्री ने कहा, ‘‘जज को सजा तय करना होता है और इसमें लोक अभियोजक का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही इस बारे में सरकार की तरफ से कोई निर्देश नहीं था। इस बारे में उनका काम सही नहीं है।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग