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प्रधानमंत्री देंगे रामनाथ गोयनका पत्रकारिता पुरस्कार

एक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2015 में उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए 28 श्रेणियों में चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे।
Author नई दिल्ली | October 30, 2016 02:12 am
इंडियन एक्सप्रेस समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका जिनकी याद में और जिनके नाम पर रामनाथ गोयनका पत्रकारिता अवॉर्ड दिया जाता है।

मंच सज चुका है रामनाथ गोयनका एक्सलंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स के लिए जहां प्रिंट और प्रसारण व सभी भाषाओं में भारतीय पत्रकारिता के सबसे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान व सम्मान दिया जाता है। बुधवार को नई दिल्ली में एक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2015 में उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए 28 श्रेणियों में चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे।

सम्मानित होने वाले इन पत्रकारों की कहानियां देश के सभी कोनों, कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर, बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक से आती हैं जो यह यह दर्शाती हैं कि भारत जितना विविधताओं वाला है उतना ही जटिल भी। ये उन मुद्दों व सवालों पर रोशनी डालती हैं जिन पर बहस और पड़ताल की जरूरत है।  इस पुरस्कार की स्थापना रामनाथ गोयनका मेमोरियल फाउंडेशन ने 2005 में की थी। इसका मकसद था एक्सप्रेस समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका की परंपरा को आगे बढ़ाने का। इन सालों में रामनाथ गोयनका एक्सलंस इन जर्नलिज्म अवार्ड उत्कृष्टता का एक प्रतिमान और भारतीय मीडिया में पूरे साल का सबसे इच्छित और सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम बन चुका है।

यह पुरस्कार पत्रकारीय उत्कृष्टता का पहचान व सम्मान करता है और प्रत्येक साल पत्रकारों के उत्कृष्ट योगदान को लोगों के सामने रखता है। ये श्रेणियां प्रिंट और प्रसारण मीडिया जिसमें खोजी, राजनीतिक व खेल पत्रकारिता से लेकर फीचर लेखन व विश्लेषणात्मक आलेखों तक विस्तृत हैं। देश के सभी हिस्सों से आने वाली प्रविष्टियों के अंबार में से विजेताओं का चयन जूरी के लिए हमेशा से ही चुनौती रहा है।  जूरी के सदस्य और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा, ‘हमेशा की तरह कुछ तो बहुत ही अच्छी कहानियां थीं और इससे विजेता का चयन काफी कठिन काम था। मैं कहानी की विशिष्टता के साथ ही इसके महत्त्व और असर को भी देखने की कोशिश करता हूं।’

जूरी की सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार पामेला फिलिपोस के अनुसार, ‘ देश के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक होने के कारण हमें इसकी व्यापकता और विस्तार को बनाए रखने की जरूरत है चाहे वह जमीनी रिपोर्ताज के रूप में हो या ऊपर से की गई व्याख्या के रूप में। आदर्श स्थिति यह है कि हर कहानी में इन दोनों का तत्व हो क्योंकि यहां हमारी खोज राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय, तीनों ही स्तरों पर उत्कृष्टता की है।’

 

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