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राष्ट्रपति चुनाव: लालू-नीतीश को लग सकता है झटका, बीजेपी के साथ आ सकती हैं मायावती

कांग्रेस द्वारा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है।
बसपा अध्यक्ष मायावती और पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा। (फोटो-PTI)

बीजेपी द्वारा बिहार के मौजूदा गवर्नर रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि अगर विपक्ष ने किसी बड़े दलित चेहरे को उम्मीदवार खड़ा नहीं किया तो उनकी पार्टी कोविंद के प्रति सकारात्मक रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह और बेहतर होता जब बीजेपी किसी गैर राजनीतिक दलित चेहरे का नाम प्रस्तावित करती। मायावती के इस बयान से लालू यादव और नीतीश कुमार को करारा झटका लग सकता है। खासकर लालू यादव को जो तमाम विपक्षी दलों को एकसाथ एक मंच पर लाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। इस बीच कांग्रेस द्वारा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। अगर ऐसा होता है तो मायावती को तय करना है कि उनकी नजर में रामनाथ कोविंद बड़े दलित नेता हैं या मीरा कुमार।

गौरतलब है कि सोमवार (19 जून को) बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने रामनाथ कोविंद का नाम राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर किया। 71 वर्षीय रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले हैं। उनका जन्म 01 अक्टूबर 1945 को हुआ था। कोविंद की शुरुआती शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई। कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज से वो कानून स्नातक हैं।

राष्ट्रपति चुनाव की बात सुनने और देखने में जितनी आसान लगती है, असल में यह उतनी ही टेढ़ी खीर है। देश की सबसे ताकतवर कुर्सी के लिए जनता मतदान नहीं करती। जी हां, राष्ट्रपति को सीधे तौर पर लोग खुद नहीं चुन सकते। राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया में विधायक और सांसद वोट देते हैं। ऐसे गिने जाते हैं उनके मत।

कोविंद साल 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में वकील थे। इसके बाद 1980 से 1983 तक वो सुप्रीम कोर्ट में केनंद्र सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल रह चुके हैं। उन्होंने 1993 तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 16 सालों तक प्रैक्टिस की है। 8 अगस्त 2015 को उन्हें बिहार का गवर्नर नियुक्त किया गया था। वो बीजेपी के महामंत्री भी रह चुके हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता भी रह चुके हैं।

रामनाथ कोविंद (दाहिने) हो सकते हैं देश के अगले राष्ट्रपति।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर व्यक्तिगत तौर पर खुशी जाहिर की है लेकिन फिलहाल किसी तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं दी। उधर, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि विपक्ष को रामनाथ कोविंद के नाम पर चर्चा करने का समय दिया जाना चाहिए। उसके बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। बता दें कि बीजेपी ने तीन लोगों की एक कमेटी बनाई थी जिसे राष्ट्रपति उम्मीदवार पर विपक्ष के साथ चर्चा कर आम सहमति बनाने को कहा गया था। उस कमेटी में वेंकैया नायडू के अलावा, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली भी थे।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को गुलदस्ता भेंट करते हुए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद। (फाइल फोटो) राष्ट्रपति चुनाव 2017 बेहद करीब है। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। नए राष्ट्रपति के नाम को लेकर सभी बैठकें और विचार-विमर्श में जुटे हैं। तो आइए जानते हैं कि इस बार के चुनाव में दिख सकती है कुछ इस तरह की तस्वीर।

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