ताज़ा खबर
 

जन धन खाते बन रहे हैं नरेंद्र मोदी सरकार के लिए बोझ? SBI ने मेंटेनेंस में किए 774 करोड़ खर्च, एक साल में 92 लाख खाते हुए बंद

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि नौ नवंबर 2016 तक देश में कुल जीरो बैलेंस जन धन खातों की संख्या 5.93 करोड़ थी। वहीं 28 दिसंबर 2016 तक ऐसे खातों की संख्या 6.32 करोड़ थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंचित वर्ग को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना शुरू करवाई थी। (PTI Photo by Manvender)

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले बैंक खातों की देखरेख में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 31 दिसंबर 2016 तक कुल 774.86 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने मंगलवार (28 मार्च) को राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में ये जानकारी दी। एक अन्य सवाल के जवाब में गंगवार ने बताया कि नौ नवंबर 2016 तक देश में कुल जीरो बैलेंस जन धन खातों की संख्या 5.93 करोड़ थी। वहीं 28 दिसंबर 2016 तक ऐसे खातों की संख्या 6.32 करोड़ थी।

केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि नौ नवंबर 2016 तक जन धन खातों में कुल 45,636 करोड़ रुपये थे। वहीं 28 दिसंबर 2016 तक इन खातों में कुल 71,036 करोड़ रुपये थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को 500 और 1000 के पुराने नोट उसी रात 12 बजे से तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की थी। बंद किए नोटों को 31 दिसंबर 2016 तक बैंकों और डाकघरों में जमा कराया जा सकता था। इंडियन एक्सप्रेस ने सूचित किया था कि नोटबंदी की घोषणा के बाद पहले 14 दिनों में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले बैंक खातों में जमा की जाने वाली राशि में 30 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। जन धन खातों के दुरुपयोग के मामले सामने आने के बाद सरकार ने ऐसे खातों से नकद निकासी की सीमा 10 हजार रुपये तक कर दी। इसके बाद ऐसे खातों से निकासी में भारी कमी आयी।

एक अन्य सवाल के जवाब में गंगवार ने बताया कि 24 मार्च 2017 तक सार्वजनिक क्षेत्र, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और 13 प्राइवेट बैंकों में कुल 92,52,609 जन धन खाते पिछले एक साल में कोई भी लेन-देन न होने के कारण बंद हो चुके हैं। गंगवार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और 13 प्राइवेट बैंकों में 15 मार्च 2017 तक कुल 28.02 करोड़ जन धन खाते थे। इनमें से 1.8 करोड़ जन धन खाते सक्रिय हैं और उनमें 5000 करोड़ रुपये जमा हैं।

इंडियन एक्प्रेस ने विभिन्न बैंकों द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी जीरो बैलेंस जन धन खातों में अपनी तरफ से एक रुपये डालकर उन्हें सक्रिय दिखाने का भी खुलासा किया था। जन धन योजना के तहत खोले गए सितंबर 2014 में मौजूद 76 प्रतिशत जीरो-बैलेंस खातों की संख्‍या अगस्‍त 2015 तक केवल 46 फीसदी रह गई थी। 31 अगस्‍त, 2015 को सिर्फ 24.35 फीसदी खातों में कोई रकम जमा नहीं थी। रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार ने जवाब तलब किया तो उन्होंने आगे से ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया था।

वीडियो: साक्षी धोनी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को घेरा; एमएस धोनी की आधार डिटेल को ट्विटर पर किया गया था सार्वजनिक

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. S
    sidheswar misra
    Apr 1, 2017 at 12:57 pm
    वाहवाही लूटी बैंक लुटे जिम्मेदार कौन। राजा चुप
    (0)(0)
    Reply