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Congress के बाजवा, जाखड़ का इस्तीफा मंजूर

अमरिंदर सिंह के नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की संभावना के बीच राज्य कमेटी के प्रमुख प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया।
Author चंडीगढ़ | November 27, 2015 00:20 am

अमरिंदर सिंह के नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की संभावना के बीच राज्य कमेटी के प्रमुख प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। पंजाब कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी कमान ने उन्हें इस्तीफा देने का आदेश दिया था। बहरहाल इसके साथ ही अब प्रदेश में नई कांग्रेस टीम के गठन की घोषणा कभी भी हो सकती है और लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपे जाने का रास्ता साफ हो गया है।

बाजवा गुरुवार को खुद दिल्ली में थे और उन्होंने आलाकमान को इस्तीफे के कागजात सौंप दिए, जबकि बताया जाता है कि जाखड़ को इस्तीफा देने के लिए पार्टी के पंजाब प्रभारी शकील अहमद ने कहा था। पार्टी सूत्रों ने बताया है कि बाजवा को सम्मानजनक विदाई देने के लिए पंजाब प्रदेश के पूरे दलबल में बदलाव किया जा रहा है जिसमें आलाकमान पार्टी प्रमुख के साथ-साथ जाखड़ की विदाई का भी संदेश देना चाहते हैं। अमरिंदर के वफादार जाखड़ को भी चलता कर दिए जाने का आदेश दिया गया है। पता चला है कि अमरिंदर ने विधानसभा में विधायक दल के नेता के रूप में साधू सिंह धर्मसोत का नाम अपनी ओर से आलाकमान को सुझा दिया है।

जल्द ही अब प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव हो जाएगा। जैसा कि पहले कयास लगाए जाते रहे, बाजवा को शायद ही अब नई टीम में जगह मिल पाएगी। पार्टी पंजाब में कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष का भी नाम घोषित करने वाली है।

अमरिंदर सिंह के फिर से प्रदेशाध्यक्ष बनने में अब सिर्फ कुछ समय का विलंब है। दो दिन पहले ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह फैसला किया गया है। वैसे पंजाब में नई टीम की घोषणा बुधवार को गुरुपर्ब पर होने की बाकी
संभावना थी, पर उसे टाल दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि अगले साल पंजाब में चुनाव होने हैं और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हालिया पंजाब दौरे के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कई दौरों में बातचीत की थी। राहुल ने आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन की संभावनाएं तलाशने के लिए दल में सांगठनिक बदलाव के संकेत भी दिए थे।

कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने गुरुवार शाम पत्रकारों को बताया कि पार्टी हाईकमान की इच्छा के मुताबिक, प्रताप सिंह बाजवा, सुनील जाखड़ ने पद से इस्तीफा दे दिया है जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार कर लिया है। अहमद ने साफ तौर पर यह जानकारी नहीं दी कि इन लोगों की जगह किसे लाया जा रहा है।
शकील अहमद पार्टी मामलों के पंजाब प्रभारी भी हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि संगठन में बदलाव कब होगा, यह संकेत जरूर दिया कि कुछ ही दिनों में नए नामों का एलान हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि बाजवा और अमरिंदर सिंह की काफी समय से खटपट चल रही थी। इस तकरार को लेकर पार्टी में कलह कई बार देखने को आई। हालांकि राहुल गांधी पंजाब कांग्रेस की एकजुटता दिखाने और राज्य के कई मसलों को उठाने के लिए पिछले हफ्ते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले थे।
गौरतलब है कि पार्टी ने पिछले चुनाव में अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया था। पर उनका तिलिस्म काम नहीं आया और अकाली दल को सत्ता मिली। इस हार पर अमरिंदर की काफी किरकिरी हुई थी। लेकिन इस बार राहुल गांधी से उनकी करीबी काम आ सकती है। सूत्रों का कहना है कि बाजवा की जगह अमरिंदर को लाना लगभग तय है। इसकी घोषणा जल्द हो सकती है।
इस बीच अमृतसर के लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह को पुराना दलबदलू करार देते हुए मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि राज्य की जनता शायद ही उन पर दृढ़ इच्छाशक्ति वाले नेता के रूप में विश्वास कर सकती है क्योंकि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक करिअर के दौरान अपनी निष्ठा एक दल से दूसरे दल में बार-बार स्थानांतरित की। उन्होंने सवाल किया, कैसे कोई अमरिंदर सिंह पर विश्वास कर सकता है ?
उन्होंने कहा कि कभी कट्टर अकाली रहे अमरिंदर अब पंजाब प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के लिए अपनी जोर आजमाइश कर रहे हैं। बादल ने कहा कि राज्य के लोग अमरिंदर सिंह को दो बार (2007 और 2012 के पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान) खारिज कर चुके हैं और दुख है कि उन्हें यह गलतफहमी हो गई है कि निकट भविष्य में वे उन पर फिर भरोसा करेंगे।

अमरिंदर सिंह ने स्विस अधिकारियों से उनकी पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रणीत कौर और उनके बेटे रनिंदर सिंह के कथित खाता ब्योरे के बारे चुंनिदा सूचना मांगने को लेकर केंद्र की इस कार्रवाई के समय और मंशा पर सवाल उठाया था।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने आरोप लगाया था कि सूचना मांगने का लक्ष्य पंजाब कांग्रेस में प्रस्तावित फेरबदल को रोकना है क्योंकि उसकी वजह से पंजाब का सत्तारूढ़ शिअद-भाजपा गठबंधन अपने लिए खतरा महसूस कर रही है और यही वजह है कि केंद्र ओछी हरकत कर रहा है और केंद्रीय एजंसियां उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रही हैं।
अमरिंदर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार का स्पष्ट लक्ष्य पंजाब में संकट में फंसे अपने सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल को मदद पहुंचाना है क्योंकि कई विफलताओं के चलते अकाली दल हाल में बुरी तरह घिर चुका है।

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