ताज़ा खबर
 

टीवी पत्रकार सागरिका घोष ने नरेंद्र मोदी का बताया इंदिरा गांधी का ‘असली वारिस’, कहा- दोनों का स्‍टाइल एक जैसा

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़े कुछ रहस्‍यों का खुलासा वरिष्‍ठ टीवी पत्रकार सागरिका घोष की लिखी किताब Indira: India’s Most Powerful Prime Minister में किया गया है।
Author नई दिल्ली | July 16, 2017 17:21 pm
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी। (फाइल फोटो)

देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या को करीब 33 साल हो गए हैं, लेकिन उनकी परछाई आज भी भारतीय राजनीति पर बरकरार है। इंदिरा गांधी की परछाई सिर्फ इसलिए राजनीति पर बरकरार नहीं क्योंकि उनका परिवार कांग्रेस पार्टी को चला रहा है। भारत की महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में अब तक की सबसे बड़ी सैन्य जीत हुई। इसके अलावा आपातकाल और ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए भी याद किया जाता है। पत्रकार सगारिका घोष की इंदिरा गांधी पर लिखी गई बायोग्राफी ‘इंडियाज़ आयरन लेडी’ प्रकाशित हुई। डीएनए ने ई-मेल के जरिए सगारिका घोष का इंटरव्यू किया। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की कार्यशैली और इंदिरा गांधी किस तरह से समान है और मोदी कैसे इंदिरा गांधी के असली राजनीतिक वारिस है।

इंटरव्यू के ऐसे हिस्से में जब घोष से पूछा गया- ” इंदिरा गांधी के साथ आप वर्तमान प्रधानमंत्री और उनकी कामकाज के तरीके की तुलना करें, उनकी कुछ नीतियों की तुलना करें ? किस तरह से मोदी, इंदिरा की तरह हैं? इसके जवाब में सगारिका घोष ने कहा, “वह (मोदी) बहुत तरह से उनके (इंदिरा गांधी) राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं। वह देश की पहली ऐसी सुप्रीमो (प्रधानमंत्री) थी, जो कि सबसे बड़ी नेता थी। वह अपनी पार्टी और सरकार की सुप्रीम नेता थी। वह सत्तावादी होने में कोई असहमति नहीं दिखाती थी। मीडिया के साथ उनका एक अजीब रिश्ता रहा। वह पार्टी और सरकार के ऊपर उठकर सीधे लोगों से मिलती थी और लोगों के बीच लोकप्रिय भी थी। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी का स्टाइल काफी हद तक उनसे मिलता है।

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़े कुछ रहस्‍यों का खुलासा वरिष्‍ठ टीवी पत्रकार सागरिका घोष की लिखी किताब Indira: India’s Most Powerful Prime Minister में किया गया है। किताब में इंदिरा और फीरोज गांधी के रिश्‍तों पर भी नई रोशनी डाली गई है। किताब के अनुसार, ‘फीरोज ने 1955 में जब जीवन बीमा का राष्‍ट्रीयकरण किया, प्रेस का संसदीय कार्यवाही की रिपोर्ट‍िंग की आजादी दिलाई, हालांकि बाद में इस कानून को इंदिरा ने ही इमरजेंसी के दौरान कुचल दिया। सागरिका की किताब के अनुसार, दिल्‍ली में फीरोज को नेहरू की मौजूदगी से घुटन होती थी और तीन मूर्ति भवन में रहना उनके लिए असहनीय हो गया था।

 

राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को बताया ‘कमजोर प्रधानमंत्री

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.